Ramgarh: सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए मिड डे मील की व्यवस्था में जल्द बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। रामगढ़ जिले के करीब 50 हजार स्कूली बच्चों को अब केंद्रीकृत रसोई से तैयार गर्म, ताजा और पौष्टिक भोजन मिलने की तैयारी है। इसके लिए कैथा में अक्षय पात्र फाउंडेशन का मेगा किचन अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
सीसीएल के सीएसआर फंड से तैयार हो रही इस परियोजना पर करीब 15 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। निर्माण कार्य लगभग 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है और रसोई के लिए आधुनिक मशीनरी और उपकरण भी पहुंचने लगे हैं।

700 स्कूलों तक पहुंचेगा खाना
इस मेगा किचन के शुरू होने के बाद रामगढ़ जिले के करीब 700 सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को केंद्रीकृत व्यवस्था के तहत मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। बड़े पैमाने पर भोजन तैयार होने के कारण गुणवत्ता, मात्रा और स्वच्छता पर विशेष निगरानी रखी जा सकेगी।
अभी कई सरकारी स्कूलों में स्थानीय स्तर पर भोजन तैयार किया जाता है। इसी दौरान कभी भोजन की गुणवत्ता तो कभी स्वच्छता को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। अक्षय पात्र की केंद्रीकृत रसोई शुरू होने से इन समस्याओं को कम करने की उम्मीद जताई जा रही है।
आधुनिक मशीनों से तैयार होगा भोजन
कैथा में बन रहा किचन करीब ढाई एकड़ जमीन पर तैयार किया जा रहा है। यहां भोजन को बड़े पैमाने पर मशीनों और आधुनिक तकनीक की मदद से तैयार किया जाएगा। उद्देश्य यही है कि बच्चों तक भोजन पहुंचने तक उसकी ताजगी और पोषण बरकरार रहे।
इस व्यवस्था में तैयार भोजन स्कूलों तक पहुंचाया जाएगा, जहां स्कूल स्तर पर मौजूद मातृत्व समितियों के माध्यम से बच्चों के बीच भोजन का वितरण किया जाएगा।
सांसद मनीष जायसवाल ने किया निरीक्षण
मेगा किचन का निरीक्षण करने पहुंचे हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल ने इसे रामगढ़ के बच्चों के लिए महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि अक्षय पात्र की यह यूनिट प्रतिदिन करीब 50 हजार बच्चों के लिए भोजन तैयार करेगी और लगभग 700 स्कूलों को इससे जोड़ा जाएगा।
उन्होंने मिड डे मील की गुणवत्ता और मात्रा से जुड़ी शिकायतों का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्रीकृत किचन के संचालन से दोनों स्तरों पर सुधार आने की उम्मीद है। उनके मुताबिक बच्चों को गर्म और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना इस परियोजना का प्रमुख उद्देश्य है।
स्थानीय किसानों को भी मिलेगा फायदा
मेगा किचन का असर सिर्फ स्कूलों तक सीमित रहने की उम्मीद नहीं है। प्रतिदिन हजारों बच्चों के लिए भोजन तैयार करने के लिए बड़ी मात्रा में सब्जियों और अन्य खाद्य सामग्री की जरूरत होगी। इसके लिए स्थानीय स्तर पर खरीदारी किए जाने से क्षेत्र के किसानों को भी बाजार मिलने की संभावना है।
परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 200 लोगों को रोजगार मिलने की बात भी सामने आई है।
इस परियोजना से होने वाले प्रमुख फायदे:
- 50 हजार बच्चों के लिए रोजाना भोजन तैयार करने की क्षमता।
- स्थानीय स्तर पर रोजगार और किसानों को बाजार मिलने की संभावना।
अक्षय पात्र के प्रतिनिधियों ने बताई योजना
अक्षय पात्र से जुड़े वॉलेंटियर डॉ. सांत्वना शरण ने बताया कि झारखंड में इस तरह की रसोई का आना बच्चों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उनका कहना है कि यहां आधुनिक और मेकेनाइज्ड व्यवस्था के जरिए स्वच्छ, ताजा और पौष्टिक भोजन तैयार किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि देशभर में अक्षय पात्र फाउंडेशन बड़े स्तर पर स्कूली बच्चों को भोजन उपलब्ध करा रहा है। रामगढ़ में बन रही यूनिट को जल्द शुरू करने की दिशा में काम चल रहा है।
30 दिनों में पूरा हो सकता है बाकी काम
रामगढ़ मेगा किचन के ऑपरेशन मैनेजर पवन सिंह ने सरकार से परियोजना को जल्द पूरा कराने की अपील की, ताकि बच्चों को समय पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा सके। वहीं प्रोजेक्ट इंचार्ज मोहम्मद जियाउल के अनुसार निर्माण का करीब 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और शेष कार्य लगभग 30 दिनों में पूरा किए जाने की उम्मीद है।
शुरू होते ही बदलेगी मिड डे मील की तस्वीर
अक्षय पात्र मेगा किचन के शुरू होने के बाद रामगढ़ के सरकारी स्कूलों में मिड डे मील व्यवस्था में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। केंद्रीकृत रसोई से तैयार भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता पर ध्यान दिया जाएगा, वहीं हजारों बच्चों तक समय पर गर्म भोजन पहुंचाने की व्यवस्था भी मजबूत होगी। अब नजर इस बात पर है कि किचन का बचा हुआ काम कितनी जल्दी पूरा होता है और बच्चों को इसकी सुविधा कब से मिलनी शुरू होती है।










