Lucknow: उत्तर प्रदेश पुलिस महकमे में सोमवार को वरिष्ठता के लिहाज से बड़ा बदलाव हुआ। प्रदेश के 10 आईपीएस (IPS) अधिकारी अपनी निर्धारित सेवा अवधि पूरी कर सेवानिवृत्त हो गए। इनमें डीजी, एडीजी, आईजी, डीआईजी और एसपी स्तर के अधिकारी शामिल हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के रिटायरमेंट के साथ ही पुलिस विभाग में अब खाली होने वाले पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया और संभावित तबादलों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
रिटायर होने वाले अधिकारियों में आईपीएस मुथा अशोक जैन प्रमुख नाम हैं, जो डीजी फायर सर्विसेज के पद पर तैनात थे। उनके सेवानिवृत्त होने से डीजी स्तर का एक पद रिक्त हो गया है। ऐसे में अब वरिष्ठता के आधार पर किसी सीनियर आईपीएस अधिकारी को डीजी पद पर पदोन्नत किए जाने की संभावना है। इस बदलाव का असर आगे के स्तरों पर भी दिखाई दे सकता है।

इसी क्रम में रवि जोसेफ लोक्कू, एडीजी बीपीआर एंड डी भी सेवानिवृत्त हुए हैं। इसके अलावा सीआईडी में आईजी के पद पर तैनात डॉ. अखिलेश कुमार निगम, यूपी-112 के डीआईजी शहाब रशीद खान, वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट में तैनात डीआईजी आलोक प्रियदर्शी और पीएसी मुख्यालय की डीआईजी सुनीता सिंह ने भी सेवा से विदाई ली।
लखनऊ कमिश्नरेट में डीसीपी वेस्ट कमलेश कुमार दीक्षित, ईओडब्ल्यू में एसपी अरविंद मिश्रा, ट्रेनिंग मुख्यालय के एसपी हरि गोविंद तथा पीएसी की 49वीं वाहिनी गौतमबुद्धनगर में एसपी राम नयन सिंह भी सेवानिवृत्त हो गए।
इन अधिकारियों की सेवानिवृत्ति के बाद अब पुलिस महकमे में प्रमोशन और तबादला सूची का इंतजार बढ़ गया है। माना जा रहा है कि पदोन्नति के बाद कई पदों पर नई तैनाती की जरूरत पड़ेगी। इसी क्रम में जल्द ही बड़े पैमाने पर आईपीएस और पीपीएस अधिकारियों के तबादले भी किए जा सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक संभावित तबादला सूची में दो पुलिस कमिश्नरेट के अलावा प्रदेश के कुछ जिलों के एसएसपी और एसपी भी शामिल हो सकते हैं। हालांकि अंतिम सूची शासन स्तर पर निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी। वरिष्ठ अधिकारियों की सेवानिवृत्ति के बाद अब पुलिस महकमे में हर किसी की निगाहें प्रमोशन और ट्रांसफर की आगामी सूची पर टिकी हैं।










