Raebareli: रायबरेली जिले में लगातार हो रही भारी बारिश और अतिवृष्टि ने ग्रामीण इलाकों में जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। सदर तहसील क्षेत्र के अमावां ब्लॉक में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। करीब एक दर्जन गांवों में पानी घरों तक पहुंच गया है, जबकि खेतों में पानी भरने से किसानों की हजारों बीघे फसल जलमग्न हो गई है।
पूरे तिलक में घरों तक पहुंचा पानी, नाव बनी सहारा

अमावां ब्लॉक के पूरे तिलक मजरे बघेल गांव में जलभराव की स्थिति बेहद गंभीर है। लगातार बारिश के चलते गांव की गलियां और रास्ते पानी में डूब गए हैं। कई ग्रामीणों के घरों तक पानी पहुंच गया है। स्थिति यह है कि लोगों को घरों से बाहर निकलने और एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण उनकी रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह प्रभावित हो गई है। जलभराव के कारण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लोदीपुर में ढह गया गरीब का आशियाना
जलभराव के बीच अमावां क्षेत्र के लोदीपुर गांव में एक गरीब परिवार का कच्चा मकान भरभराकर ढह गया। मकान गिरने से घर में रखा सामान मलबे में दबकर क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि हादसे के समय परिवार के सदस्य सुरक्षित स्थान पर मौजूद थे।
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि लंबे समय से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान की उम्मीद लगाए बैठा था, लेकिन उसे योजना का लाभ नहीं मिला। परिवार का कहना है कि यदि समय रहते पक्का मकान मिल जाता तो बारिश के दौरान यह स्थिति नहीं बनती। पीड़ित ने प्रशासन से आर्थिक सहायता और आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की है।
एसडीएम ने बाढ़ प्रभावित गांवों का किया निरीक्षण
मंगलवार 1 सितंबर को करीब दो बजे एसडीएम सदर गौतम सिंह ने अमावां ब्लॉक के जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर मौके पर स्थिति की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द जल निकासी की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए।
पिंडारी कला ग्राम सभा के लोदीपुर के अलावा जेतुवा टप्पे बिछवन, बघेल और कोडरा समेत कई गांवों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन की टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं।
नहर ओवरफ्लो होने से लोधीपुर में फंसे थे परिवार
जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने बताया कि अतिवृष्टि के चलते सदर और महाराजगंज तहसील क्षेत्र के कई गांव प्रभावित हुए हैं। लोधीपुर गांव में नहर के ओवरफ्लो होने के कारण पानी गांव की ओर बढ़ गया था। इससे करीब 8 से 10 परिवारों के 30-35 लोग पानी के बीच फंस गए थे।
सूचना मिलने पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एसडीएम सदर गौतम सिंह को मौके पर भेजा। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और प्रभावित परिवारों के लिए शेल्टर होम तथा पके भोजन की व्यवस्था की गई।
घुटने तक पानी में स्वास्थ्यकर्मी पहुंचा रहे दवाएं
जलभराव के बीच स्वास्थ्य विभाग ने भी मोर्चा संभाल लिया है। अमावां सीएचसी की स्वास्थ्य टीम प्रभावित ग्राम सभाओं में पहुंचकर ग्रामीणों को दवाएं और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में जुटी है। कई स्थानों पर स्वास्थ्यकर्मियों को घुटने तक पानी के बीच लोगों तक पहुंचना पड़ रहा है।
सीएचसी अध्यक्ष रोहित कटिहार के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में सक्रिय हैं। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सूचना देने की अपील की गई है।
किसानों की बढ़ी चिंता
लगातार जलभराव के कारण बड़ी मात्रा में कृषि भूमि पानी में डूब गई है। हजारों बीघे फसल प्रभावित होने से किसानों के सामने नुकसान का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने के साथ फसलों के नुकसान का सर्वे कराकर उचित राहत और मुआवजा दिलाने की मांग की है।
फिलहाल प्रशासन की टीमें संवेदनशील गांवों पर नजर बनाए हुए हैं। लगातार बारिश के बीच ग्रामीणों को सुरक्षित रखने और जल निकासी को लेकर प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है।










