Raebareli: भारी बारिश और जलभराव जैसी गम्भीर समस्या को देखते हुए जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने ऐमापुर ग्राम पंचायत का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित इलाके का मौके पर निरीक्षण कर ग्रामीणों की स्थिति जानी और जल निकासी की व्यवस्था का जायजा लिया। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ गांव पहुंची डीएम ने बारिश के कारण पैदा हुई परिस्थितियों को करीब से देखा।
उफान पर आई शिवगढ़ ड्रेन से बढ़ी परेशानी

पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश का असर शिवगढ़ ड्रेन पर भी पड़ा। जलस्तर बढ़ने के बाद ड्रेन उफान पर आ गई, जिससे आसपास के बड़े कृषि क्षेत्र में पानी फैल गया। खेतों में पानी भरने के कारण हजारों बीघा फसल प्रभावित हुई है। किसानों के सामने फसल बर्बाद होने की चिंता खड़ी हो गई है।
कोडरी गांव बना पानी से घिरा इलाका
ऐमापुर ग्राम पंचायत के कोडरी गांव में जलभराव की स्थिति सबसे ज्यादा खराब बताई गई। गांव के चारों तरफ पानी भर जाने से पूरा इलाका टापू जैसा नजर आने लगा। ग्रामीणों के लिए गांव से बाहर आने-जाने का एक प्रमुख रास्ता भी पानी में डूब गया, जिससे आवागमन मुश्किल हो गया। जलभराव के चलते रोजमर्रा के कामकाज पर भी असर पड़ा।
आवागमन बंद होने से ग्रामीणों की बढ़ी मुश्किलें
गांव का रास्ता जलमग्न होने के बाद स्थानीय लोगों को आवाजाही में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लगातार बारिश के कारण जलस्तर कम नहीं होने से ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई। ऐसे हालात में प्रशासन की ओर से जल निकासी और राहत व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
डीएम ने मौके पर परखी पानी निकासी की व्यवस्था
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से जलभराव की स्थिति और पानी की निकासी को लेकर जानकारी ली। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र में मौजूद परिस्थितियों को देखा और राहत कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। प्रशासन का मुख्य जोर गांव में जमा पानी को जल्द से जल्द निकालने और ग्रामीणों को राहत पहुंचाने पर है।
अधिकारियों की टीम रही मौजूद
जिलाधिकारी के निरीक्षण के दौरान प्रशासन और विकास विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे। एसडीएम चन्द्र प्रकाश गौतम, खंड विकास अधिकारी शिवकांत बाजपेई, एडीओ पंचायत संजीव वर्मा, ग्राम पंचायत अधिकारी टोकन वर्मा, ग्राम पंचायत अधिकारी दीपचंद्र और हल्का लेखपाल अमित कुमार सहित अन्य अधिकारी मौके पर रहे।
बारिश थमने पर ही हालात सुधरने की उम्मीद
शिवगढ़ क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण पहले से ही जलभराव की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में प्रशासन की ओर से प्रभावित गांवों पर नजर रखी जा रही है। जल निकासी बेहतर होने और बारिश की रफ्तार कम होने के बाद ही खेतों तथा गांवों में जमा पानी से राहत मिलने की उम्मीद है। डीएम के स्थलीय निरीक्षण से प्रभावित क्षेत्र में प्रशासनिक निगरानी और राहत व्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद जगी है।










