Ramgarh: आज के दौर में जब छोटी सी रकम भी लोगों की नीयत बदलने के लिए काफी होती है, वहीं रामगढ़ में एक टोटो चालक ने अपनी ईमानदारी से मिसाल पेश की है। सड़क पर मिले 35 हजार रुपये को अपने पास रखने के बजाय चालक ने उसके असली मालिक तक पहुंचा दिया। टोटो चालक शिव भुईयां के इस कदम की स्थानीय लोगों के साथ-साथ रामगढ़ टैक्सी मेंस यूनियन ने भी सराहना की है।
बैंक से रुपये निकालकर लौट रहे थे प्रदीप गोप

पतरातू के गेगदा निवासी प्रदीप गोप बैंक से रुपये निकालने के बाद घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में किसी तरह उनके 35 हजार रुपये गिर गए। कुछ दूर जाने के बाद जब उन्हें रुपये गायब होने का पता चला तो उन्होंने काफी तलाश की, लेकिन पैसे नहीं मिले। इसके बाद उन्होंने मामले की जानकारी रामगढ़ थाना पुलिस को दी।
शिकायत मिलते ही पुलिस ने शुरू की जांच
प्रदीप गोप की सूचना को गंभीरता से लेते हुए रामगढ़ थाना प्रभारी नवीन प्रकाश पांडे ने मामले की जांच के निर्देश दिए। उनके निर्देश पर एसआई पंकज किशोर सिंह ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। पुलिस को फुटेज में एक टोटो चालक सड़क से कुछ उठाते हुए दिखाई दिया।
CCTV फुटेज से मिली अहम जानकारी
सीसीटीवी फुटेज में साफ हुआ कि सड़क पर गिरे रुपये एक टोटो चालक ने उठाए थे। इसके बाद पुलिस ने फुटेज को रामगढ़ टैक्सी मेंस यूनियन के अध्यक्ष अमित सिन्हा के साथ साझा किया। यूनियन ने भी चालक की पहचान और उसके बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास शुरू कर दिया।
मामले में पुलिस और यूनियन की कोशिश जारी ही थी कि इसी बीच एक ऐसी बात सामने आई, जिसने पूरी घटना का रुख बदल दिया।
खुद रुपये लौटाने यूनियन कार्यालय पहुंचा चालक
पैसे मिलने के बाद टोटो चालक शिव भुईयां, जो विकास नगर के रहने वाले हैं, ने उन्हें अपने पास रखने के बजाय उनके मालिक तक पहुंचाने का फैसला किया। वह एजेंट आदिल के साथ रामगढ़ टैक्सी मेंस यूनियन के कार्यालय पहुंचे और वहां प्रदीप गोप को बुलाकर उनके रुपये वापस कर दिए।
शिव भुईयां ने पूरे 35 हजार रुपये सुरक्षित प्रदीप गोप को सौंपे। रकम वापस मिलते ही प्रदीप गोप ने राहत की सांस ली और चालक की ईमानदारी के प्रति आभार जताया।
आर्थिक स्थिति कमजोर, लेकिन ईमानदारी मजबूत
रामगढ़ टैक्सी मेंस यूनियन के अध्यक्ष अमित सिन्हा ने शिव भुईयां के इस कार्य की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यूनियन से जुड़े कई चालक आर्थिक रूप से कमजोर परिस्थितियों में अपना जीवन चलाते हैं, लेकिन इसके बावजूद शिव भुईयां ने रुपये लौटाकर यह साबित किया कि इंसान की असली पहचान उसकी नीयत और संस्कारों से होती है।
उन्होंने कहा कि इंसानियत से बढ़कर दुनिया में कोई चीज नहीं है। शिव भुईयां ने जिस तरह बिना किसी लालच के रकम उसके मालिक को वापस की, वह समाज के दूसरे लोगों के लिए भी प्रेरणा देने वाली घटना है।
रुपये वापस मिलने पर प्रदीप गोप ने जताया आभार
35 हजार रुपये वापस मिलने के बाद प्रदीप गोप ने रामगढ़ पुलिस और टैक्सी मेंस यूनियन का धन्यवाद किया। उन्होंने पुलिस की त्वरित कार्रवाई और यूनियन की मदद की सराहना की। वहीं, शिव भुईयां की ईमानदारी की चर्चा भी इलाके में होने लगी है।
ईमानदारी की इस पहल ने जीता लोगों का दिल
रामगढ़ की यह घटना बताती है कि मुश्किल परिस्थितियों के बीच भी समाज में ईमानदारी और इंसानियत जिंदा है। शिव भुईयां चाहते तो सड़क पर मिले रुपये अपने पास रख सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। उन्होंने सही मालिक की तलाश कर रकम वापस कर दी। उनका यह कदम न केवल सराहनीय है, बल्कि दूसरों को भी सही रास्ता चुनने की प्रेरणा देता है।










