बोकारो थर्मल: कथारा डीएवी (DAV) पब्लिक स्कूल सीसीएल (CCL) कथारा में बुधवार को प्रार्थना सभा के दौरान सतर्कता जागरूकता अभियान-2026 के तहत विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। केंद्रीय कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL), कथारा क्षेत्र की ओर से आयोजित इस अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों को भ्रष्टाचार के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के साथ ईमानदारी, पारदर्शिता और नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित करना था। अभियान 9 सितंबर से 16 नवंबर 2026 तक चलेगा।
विद्यालय के प्राचार्य सह झारखंड जोन-आई के सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी डॉ. जी.एन. खान ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को सतर्कता संबंधी शपथ दिलाई। सभी ने अपने कार्यों में ईमानदारी और पारदर्शिता बनाए रखने, कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने तथा किसी भी प्रकार के भ्रष्ट आचरण से दूर रहने का संकल्प लिया।

‘जागरूकता की शुरुआत स्वयं से होनी चाहिए’
शपथ के बाद डॉ. जी.एन. खान ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सतर्कता का अर्थ केवल भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना नहीं है, बल्कि अपने प्रत्येक कार्य में ईमानदारी, जिम्मेदारी और पारदर्शिता को अपनाना भी है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार किसी एक व्यक्ति या संस्था की समस्या नहीं, बल्कि पूरे समाज के विकास को प्रभावित करने वाली चुनौती है। इसलिए इसके खिलाफ जागरूकता की शुरुआत प्रत्येक व्यक्ति को स्वयं से करनी चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य का जिम्मेदार नागरिक बताते हुए कहा कि सत्यनिष्ठा, अनुशासन, निष्पक्षता और कर्तव्यपरायणता जैसे मूल्यों को जीवन में अपनाकर विद्यार्थी अपने व्यक्तित्व को मजबूत करने के साथ बेहतर समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। ईमानदारी का पालन केवल किसी अभियान तक सीमित न रहकर जीवन के हर क्षेत्र और परिस्थिति में होना चाहिए।
कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक पंकज कुमार, नागेंद्र प्रसाद, डॉ. आर.एस. मिश्रा, जितेंद्र दुबे, राकेश रंजन, बी.के. दसौंधी, असित कुमार गोस्वामी, तेजो मित्रा पाठक, रेखा कुमारी, वीणा कुमारी, मधुमल्लिका उपाध्याय, रंजीता पाण्डेय, ओशीन, संगीत कुमार, खुशबू कुमारी, विकास सिंह, जयप्रकाश गिरी, ममता पात्रा एवं पुष्पांजलि राव सहित सभी शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
सतर्कता जागरूकता अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई केवल प्रशासन या किसी संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक जागरूक नागरिक का दायित्व है।










