Ratlam: रतलाम सर्किल जेल की पहचान अब केवल ऊंची दीवारों और सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं रह गई है। परिसर की कई दीवारों पर उभरते रंग-बिरंगे चित्र पूरे माहौल को नया रूप दे रहे हैं। कभी खाली और एकरंगी नजर आने वाली दीवारों पर अब भगवान श्रीगणेश, बुद्ध, मोर और अन्य विषयों से जुड़ी कलाकृतियां दिखाई दे रही हैं। इन चित्रों ने जेल परिसर के वातावरण में एक अलग तरह की जीवंतता पैदा कर दी है।
दीवारों पर दिख रही कला की अलग-अलग तस्वीरें

जेल परिसर में बनाई जा रही पेंटिंग में धार्मिक, आध्यात्मिक, प्राकृतिक और भावनात्मक विषयों को जगह दी गई है। एक स्थान पर श्रीगणेश की आकर्षक आकृति नजर आती है, जबकि दूसरी दीवार पर भगवान बुद्ध की शांत मुद्रा दिखाई देती है। मोर की खूबसूरत आकृति भी दीवार को खास बना रही है। इसके साथ ही महिला आकृति और दूसरे कलात्मक चित्र भी परिसर की दीवारों पर आकार ले रहे हैं।
15 दिन से लगातार जारी है पेंटिंग का काम
जानकारी के मुताबिक रतलाम सर्किल जेल में दीवारों को सजाने का काम पिछले करीब 15 दिनों से लगातार चल रहा है। दिल्ली से आई सौभाग्य फाउंडेशन केयर की टीम इस पूरी मुहिम में जुटी है। कलाकार दीवारों की उपलब्ध जगह और आकार के हिसाब से अलग-अलग चित्र तैयार कर रहे हैं। पेंटिंग का काम आगे बढ़ने के साथ जेल परिसर का दृश्य भी धीरे-धीरे बदलता जा रहा है।
बंदियों के लिए सकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश
इस पहल का मकसद केवल जेल की खूबसूरती बढ़ाना नहीं है। जेल जैसे सीमित और अनुशासित वातावरण में लंबे समय तक रहने वाले बंदियों के लिए सकारात्मक माहौल तैयार करना भी इसका अहम उद्देश्य माना जा रहा है। रंगों और कलाकृतियों से सजी दीवारें परिसर की एकरसता को कम करने के साथ मन पर बेहतर प्रभाव डाल सकती हैं।
बुद्ध की शांति से गणेश की शुभता तक
दीवारों पर चुने गए चित्रों के पीछे भी अलग-अलग भाव नजर आते हैं। भगवान बुद्ध की तस्वीर शांति, संयम और आत्मचिंतन का संदेश देती है, वहीं श्रीगणेश की आकृति शुभता और नई शुरुआत का प्रतीक मानी जाती है। दूसरी ओर पंख फैलाए मोर की तस्वीर प्रकृति की खूबसूरती को जेल परिसर के भीतर लेकर आती दिखाई देती है।

दिल्ली की टीम संभाल रही है जिम्मेदारी
इस रचनात्मक कार्य में दिल्ली की डॉ. पूनम सिंह, मोहित मनोचा और उनकी आर्टिस्ट टीम शामिल है। कलाकार अपने अनुभव के आधार पर दीवारों के लिए उपयुक्त डिजाइन तैयार कर रहे हैं। उनका प्रयास है कि चित्र केवल देखने में आकर्षक न हों, बल्कि जेल परिसर में आने-जाने वाले लोगों और वहां रहने वाले बंदियों पर सकारात्मक प्रभाव भी छोड़ें।
रंगों से बदलता जा रहा जेल परिसर
पेंटिंग का काम पूरा होने के साथ रतलाम सर्किल जेल की पुरानी तस्वीर बदलती जा रही है। खाली दीवारों पर उभरती कलाकृतियां अब परिसर का ध्यान खींच रही हैं। यह पहल इस बात का उदाहरण भी बन रही है कि रचनात्मकता के जरिए किसी बंद वातावरण में भी बदलाव की शुरुआत की जा सकती है। जेल की दीवारों पर फैले ये रंग बंदिशों के बीच उम्मीद, सकारात्मक सोच और नई शुरुआत का संदेश देते नजर आ रहे हैं।










