Mathura: मेजर ध्यानचंद मार्ग और उसके आसपास रहने वाले लोगों के लिए लंबे समय से परेशानी का कारण बनी जलभराव की समस्या को लेकर नगर निगम ने अब स्थायी समाधान की दिशा में कदम बढ़ाया है। नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने मंगलवार, 29 सितंबर को वार्ड संख्या 33 और वार्ड संख्या 03 के कई इलाकों का बाइक से भ्रमण कर मौके पर स्थिति देखी। उन्होंने जल निकासी, नाला-नालियों की सफाई और सड़कों की स्थिति का जायजा लिया।
दो वार्डों की 23 कॉलोनियों का पानी एक ही मार्ग की ओर

निरीक्षण के दौरान सामने आया कि वार्ड 33 की करीब 18 और वार्ड 03 की पांच कॉलोनियों का बारिश का पानी मेजर ध्यानचंद मार्ग की ओर पहुंचता है। इलाका अपेक्षाकृत निचले स्तर पर होने के कारण पानी की निकासी प्रभावित होती है और बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति बन जाती है। नगर आयुक्त ने अधिकारियों से मौके पर ही जल निकासी की पूरी व्यवस्था की जानकारी ली।
इन कॉलोनियों में पहुंचे नगर आयुक्त
नगर आयुक्त ने गोपाल धाम, राधा धाम, बैकुंठ ग्रीन, लक्ष्मी वाटिका, हरी वाटिका, मोहिनी स्टेट, गोपाल धाम फेस-2, माया कॉलोनी, निधिवन, शिवपुरी और ब्रह्मपुरी समेत कई क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इसके अलावा बलदेव देव गार्डन, समोला, टीला, नर्सिंग विहार फेस-2 व फेस-3 और आरके पुरम में भी जल निकासी की स्थिति देखी गई।
पांच करोड़ रुपये से बनेगा नाला
स्थायी समाधान की तैयारी नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने बताया कि मेजर ध्यानचंद मार्ग पर जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए बड़े नाले के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया है। राज्य सेक्टर योजना के तहत करीब पांच करोड़ रुपये का एस्टीमेट शासन को भेजा जा चुका है। प्रस्ताव की स्वीकृति के लिए आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
संपवेल से भी सुधरेगी पानी की निकासी
लो-लाइन क्षेत्र में अतिरिक्त व्यवस्था अधिकारियों के मुताबिक केवल नाला निर्माण से ही समस्या का समाधान नहीं होगा। निचले क्षेत्रों से पानी निकालने के लिए संपवेल निर्माण की योजना भी तैयार की जा रही है। इसके लिए करीब 2.7 करोड़ रुपये का एस्टीमेट बनाया जा रहा है। स्वीकृति मिलने के बाद काम शुरू होने पर जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान में मदद मिलेगी।
पुलिया चोक मिलने पर नगर स्वास्थ्य अधिकारी को चेतावनी
दो दिन में सफाई के निर्देश ओम नगर क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान कुछ पुलियां चोक मिलीं। यहां सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिलने पर नगर आयुक्त ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी को चेतावनी देते हुए दो दिन के भीतर पुलियों की सफाई कराने के निर्देश दिए। जलकल और सफाई विभाग को आपसी समन्वय से नाले-नालियों की सफाई कराने को कहा गया।
नगर निगम की जमीन का होगा सर्वे
नर्सिंग विहार में मिली भूमि की जानकारी निरीक्षण के दौरान नर्सिंग विहार क्षेत्र में नगर निगम की भूमि होने की जानकारी सामने आई। इस पर नगर आयुक्त ने अपर नगर आयुक्त सुनीता सिंह को जमीन का सर्वे कराकर उसे सुरक्षित कराने के निर्देश दिए, ताकि भविष्य में सरकारी भूमि पर किसी तरह का अतिक्रमण न हो सके।
पांच दिन में मांगी गई सर्वे रिपोर्ट
सीएनडीएस को मिली जिम्मेदारी नगर आयुक्त ने सीएनडीएस को पूरे इलाके का व्यापक सर्वे करने और पांच दिन के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा। रिपोर्ट के आधार पर जल निकासी, नाला-नालियों की सफाई, सड़कों की स्वच्छता और अतिक्रमण से जुड़ी समस्याओं पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
तात्कालिक राहत के साथ दीर्घकालिक समाधान पर जोर
अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई का निर्देश नगर आयुक्त ने साफ किया कि जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत के उपायों के साथ स्थायी समाधान पर भी काम किया जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने और जहां जरूरत हो वहां सफाई, नाला निर्माण, जल निकासी सुधार तथा अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।










