Indore: इंदौर शहर में नशे के कारोबार पर नकेल कसने के लिए पुलिस प्रशासन लगातार मुस्तैद है। इसी कड़ी में बीते 2 अक्टूबर को क्राइम ब्रांच की टीम ने चाणक्यपुरी चौराहे के पास घेराबंदी की थी। महर्षि गौतम उद्यान के पास से पुलिस ने बाणगंगा निवासी सागर गौड़ को संदिग्ध अवस्था में पकड़ा था। जब तलाशी ली गई तो उसके पास से करीब ₹40,000 कीमत का 4.064 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ था। पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर आरोपी को हिरासत में लिया और पूछताछ शुरू की।
पूछताछ में खुला बड़वानी का सप्लायर नेटवर्क

गिरफ्तार आरोपी सागर गौड़ से जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने नशे की इस खेप के मुख्य रूट का खुलासा किया। उसने बताया कि यह माल इंदौर में बड़वानी जिले के दो सप्लायरों द्वारा पहुंचाया जा रहा था। इस इनपुट के आधार पर क्राइम ब्रांच ने अपने मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों को सक्रिय किया। लोकेशन ट्रेस होते ही पुलिस टीम ने बड़वानी में दबिश देकर दोनों सह-आरोपियों—मोहन शर्मा और महेश सोलंकी को धर दबोचा। मामले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/29 जोड़कर दोनों की औपचारिक गिरफ्तारी की गई।
कम पढ़े-लिखे, लेकिन जरायम की दुनिया में पुराने धुरंधर
पुलिस पड़ताल में आरोपियों की पृष्ठभूमि को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। पकड़े गए दोनों आरोपी भले ही कम पढ़े-लिखे हों, लेकिन आपराधिक दुनिया में इनका पुराना इतिहास रहा है:
मोहन शर्मा (निवासी सेंधवा, बड़वानी): कक्षा 5वीं तक पढ़ा मोहन कहने को तो साबुन बेचने की आड़ लेता था, लेकिन असल में तस्करी से जुड़ा था। इसके खिलाफ पहले भी सेंधवा शहर व ग्रामीण थानों में मारपीट और NDPS एक्ट के गंभीर मामले दर्ज हैं।
महेश सोलंकी (निवासी निवाली, बड़वानी): महज 3वीं पास महेश खेती-किसानी की आड़ में नशीले पदार्थों की सप्लाई में शामिल था। इसके विरुद्ध भी निवाली थाने में पहले से NDPS एक्ट का मामला दर्ज है।
इंदौर क्राइम ब्रांच का 2026 में अब तक का रिपोर्ट कार्ड
शहर को नशा मुक्त करने के संकल्प के साथ क्राइम ब्रांच की टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं। इस वर्ष 1 जनवरी 2026 से अब तक किए गए ऑपरेशन्स का ब्योरा इस प्रकार है:
- कुल दर्ज मामले: 74 प्रकरण (NDPS एक्ट के तहत)
- गिरफ्तार आरोपी: 165 तस्कर एवं सप्लायर
- कुल जप्त सामग्री का मूल्य: लगभग ₹3,93,46,000/- (पौने चार करोड़ से अधिक)
प्रमुख जप्त मादक पदार्थ:
- 3.065 किलोग्राम एम.डी. ड्रग्स
- 32.402 किलोग्राम गांजा
- 500 किलोग्राम भांग
- 372.22 ग्राम ब्राउन शुगर
- 10 ग्राम कोकीन (साथ ही कई संदिग्ध वाहन भी जप्त)
फॉरवर्ड-बैकवर्ड लिंकेज खंगालने में जुटी टीम
फिलहाल क्राइम ब्रांच की टीम गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस का मुख्य ध्यान इस बात पर है कि बड़वानी में यह माल किस मुख्य स्रोत से आ रहा था और इंदौर में सागर गौड़ के अलावा इसे किन-किन इलाकों में खपाया जाना था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों को भी जल्द बेनकाब किया जाएगा और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।










