Raebareli: खड़ंजे पर झुका नीम का पेड़, 20 परिवारों की राह में रोड़ा! आपात स्थिति में एंबुलेंस पहुंचना भी मुश्किल

बारिश में जलभराव और उखड़े खड़ंजे ने बढ़ाई परेशानी, करीब 100 ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित; ग्रामीणों ने एसडीएम से लगाई गुहार

Raebareli: खबर यूपी के रायबरेली है जहाँ किसी परिवार में अचानक कोई बीमार पड़ जाए या गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने की जरूरत हो, तो सबसे पहले एंबुलेंस की सुविधा याद आती है। लेकिन जब घर तक पहुंचने वाला रास्ता ही बाधित हो, तो समय पर इलाज मिलने की चिंता सताने लगती है। कुछ ऐसी ही स्थिति लालगंज तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत छिवलहा के पूरे लव पाठक का पुरवा में बनी हुई है। यहां सार्वजनिक मार्ग पर शास्त्री दीक्षित के दरवाजे के पास झुका नीम का पेड़ और क्षतिग्रस्त खड़ंजा ग्रामीणों के लिए परेशानी बना हुआ है।

ग्रामीणों के मुताबिक, रास्ते की इस समस्या से करीब 20 परिवारों के लगभग 100 लोग प्रभावित हैं। बारिश के दौरान जलभराव और खड़ंजे की बदहाल स्थिति ने आवागमन को और कठिन बना दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि मार्ग की स्थिति ऐसी है कि जरूरत पड़ने पर सरकारी एंबुलेंस और निजी वाहनों को घरों तक पहुंचने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में किसी गंभीर मरीज या प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला को अस्पताल पहुंचाने में देरी होने की आशंका बनी रहती है।

ग्रामीणों की सबसे बड़ी चिंता आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर है। उनका कहना है कि गांव में किसी व्यक्ति की तबीयत बिगड़ने या किसी महिला को अचानक प्रसव पीड़ा होने पर समय पर वाहन पहुंचना बेहद जरूरी है। लेकिन रास्ते में बाधा और खड़ंजे की खराब स्थिति के चलते लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

ग्रामीणों ने कहा कि जब सार्वजनिक मार्ग ही सुचारु नहीं है, तो आपात स्थिति में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था कैसे सुनिश्चित होगी? लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि समस्या को किसी अप्रिय घटना का इंतजार किए बिना गंभीरता से लिया जाए।

ग्रामीणों के अनुसार, सार्वजनिक रास्ते की ओर झुका नीम का पेड़ भी चिंता का विषय है। बारिश और तेज हवा के दौरान पेड़ की स्थिति को लेकर आशंका बनी रहती है। ऐसे में ग्रामीण चाहते हैं कि संबंधित विभाग मौके पर पहुंचकर पेड़ की स्थिति का निरीक्षण करे और जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करे।

लोगों का कहना है कि रास्ते की समस्या का स्थायी समाधान होने से न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि बस्ती के लोगों को रोजमर्रा की परेशानियों से भी राहत मिलेगी।

ग्रामीणों ने समस्या के समाधान के लिए उपजिलाधिकारी, लालगंज से स्थलीय निरीक्षण कराकर आवश्यक कार्रवाई की गुहार लगाई है। प्रार्थना पत्र में मार्ग को दुरुस्त कराने, जलभराव की समस्या दूर करने और नीम के पेड़ के कारण उत्पन्न बाधा का नियमानुसार समाधान करने की मांग उठाई गई है।

वहीं, मामले को लेकर वन विभाग के डीएफओ आशुतोष जायसवाल से भी संपर्क किया गया। ग्रामीणों के अनुसार, उन्होंने इसे ग्रामसभा से जुड़ा मामला बताते हुए ग्राम प्रधान की सहमति के साथ आवेदन देने की बात कही, ताकि आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

ग्राम प्रधान अनीता निर्मल के प्रतिनिधि रामकरण और गुड्डू निर्मल से भी इस संबंध में बातचीत की गई। ग्रामीणों के मुताबिक, उन्होंने पेड़ हटाने के प्रस्ताव पर सहमति जताई। हालांकि, पेड़ हटाने की वास्तविक कार्रवाई संबंधित विभाग की अनुमति और नियमानुसार प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।

पूरे लव पाठक का पुरवा के ग्रामीणों की मांग स्पष्ट है कि सार्वजनिक मार्ग को जल्द दुरुस्त कराया जाए, जलनिकासी की उचित व्यवस्था हो और नीम के पेड़ से उत्पन्न बाधा का समाधान किया जाए। इससे करीब 20 परिवारों को राहत मिलने के साथ आपातकालीन वाहनों की आवाजाही भी सुगम हो सकेगी।

अब निगाहें जिला प्रशासन, तहसील प्रशासन, वन विभाग और ग्राम पंचायत की कार्रवाई पर टिकी हैं। देखना होगा कि संबंधित अधिकारी मौके का निरीक्षण कर ग्रामीणों की समस्या का स्थायी समाधान कब तक कराते हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी शिकायत पर समय रहते कार्रवाई होगी, ताकि किसी बड़ी अनहोनी से पहले रास्ते की बाधा दूर की जा सके।

पूरे लव पाठक का पुरवा में सार्वजनिक मार्ग पर झुके नीम के पेड़ और क्षतिग्रस्त खड़ंजे की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की। अब देखना होगा खबर प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशाशन मामले को संज्ञान लेता है या यूँही ग्रामीणों को बदहाली और लाचार जिंदगी जीना पड़ेगा।

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