Gujarat: ‘क्या 41 साल से गुजरात में कांग्रेस की हार के पीछे SIR जिम्मेदार?’, गृह मंत्री Amit Shah का Rahul Gandhi पर तीखा हमला

गांधीनगर नगर निगम में भाजपा ने 44 में से 38 सीटों पर दर्ज की जीत। गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन पर उठाए सवाल, 2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर भी किया दावा।

Gujarat: गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा की जीत के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने कांग्रेस की लंबे समय से चली आ रही चुनावी चुनौतियों का जिक्र करते हुए सवाल किया कि गुजरात में पार्टी की हार के लिए क्या विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (SIR) को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है? शाह ने विपक्ष को चुनावी नतीजों पर सवाल उठाने के बजाय अपने प्रदर्शन की समीक्षा करने की सलाह दी।

गांधीनगर में भाजपा को 44 में से 38 सीटें

अमित शाह ने गांधीनगर नगर निगम के परिणामों का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा ने 44 सीटों में से 38 पर जीत हासिल की। उनके मुताबिक, पिछले चुनाव के मुकाबले पार्टी के वोट शेयर में भी करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। शाह ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी ने सभी 32 सीटों पर उम्मीदवार उतारे, लेकिन उसे एक भी सीट नहीं मिली। उन्होंने गुजरात के परिणामों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के प्रति जनता के समर्थन से जोड़कर देखा।

कांग्रेस की हार पर राहुल गांधी से सीधा सवाल

कांग्रेस के प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए शाह ने कहा कि गुजरात में पार्टी को लंबे समय से चुनावी सफलता नहीं मिली है। उन्होंने 1985 के चुनाव का हवाला देते हुए दावा किया कि इसके बाद कांग्रेस राज्य में जीत दर्ज नहीं कर सकी। शाह ने राहुल गांधी से पूछा कि क्या इतने लंबे समय से जारी राजनीतिक पिछड़ाव के लिए भी एसआईआर को जिम्मेदार माना जाएगा? उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी रणनीति और जनता के साथ अपने जुड़ाव पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

दूसरे राज्यों के चुनावों का भी किया जिक्र

गृह मंत्री ने अपने बयान में असम, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी के चुनावी परिणामों का भी उल्लेख किया। उन्होंने भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के प्रदर्शन को सामने रखते हुए कांग्रेस की चुनावी स्थिति पर सवाल उठाए। शाह ने कहा कि अलग-अलग राज्यों में पार्टी का कमजोर प्रदर्शन केवल चुनावी प्रक्रिया के आधार पर नहीं समझाया जा सकता। हालांकि, उनके इन बयानों को कांग्रेस की चुनावी स्थिति पर उनकी राजनीतिक टिप्पणी के रूप में देखा जाना चाहिए।

बैलेट पेपर और SIR के मुद्दे पर विपक्ष को घेरा

अमित शाह ने कहा कि जिन चुनावों का वह जिक्र कर रहे हैं, उनमें बैलेट पेपर से मतदान हुआ था। इसी आधार पर उन्होंने भाजपा की जीत को चुनावी मशीनों से जोड़ने वाले तर्कों पर सवाल उठाया। उन्होंने कांग्रेस के लंबे समय से कमजोर प्रदर्शन का हवाला देते हुए राहुल गांधी से आत्ममंथन करने को कहा। एसआईआर को लेकर विपक्ष की आपत्तियों और भाजपा के तर्कों के बीच यह मुद्दा राजनीतिक बहस का हिस्सा बना हुआ है।

2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर किया दावा

शाह ने आगामी लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि एनडीए 2029 में भारी बहुमत हासिल करेगा और कांग्रेस को फिर हार का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने विपक्ष पर एसआईआर के मुद्दे की आड़ में घुसपैठियों को बचाने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया। यह अमित शाह का राजनीतिक दावा है, न कि भविष्य के चुनाव का स्थापित परिणाम।

जनता से जुड़ने की कांग्रेस को दी सलाह

अमित शाह ने कहा कि केवल रैलियों, मीडिया कार्यक्रमों और राजनीतिक अभियानों के सहारे जनता का भरोसा नहीं जीता जा सकता। उनके मुताबिक, राजनीतिक दलों को गांवों, दूरदराज के क्षेत्रों और आम लोगों के बीच अपनी पहुंच मजबूत करनी चाहिए। गुजरात निकाय चुनावों के परिणामों के बाद आए इस बयान से एसआईआर, चुनावी प्रक्रिया और कांग्रेस की रणनीति को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज होने की संभावना है।

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