Raebareli: रायबरेली शहर कोतवाली थाना क्षेत्र के नकफुलहा और चंदौली गांव में कथित अवैध खनन का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने खनन के नाम पर नियमों की अनदेखी करने और परमिट की आड़ में जिला प्रशासन को गुमराह किए जाने का आरोप लगाया है। मामले की शिकायत एसडीएम सदर और खनन विभाग के अधिकारियों से की गई है। शिकायतकर्ताओं ने जिला प्रशासन से मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि दोनों गांवों में पिछले कई महीनों से बड़े पैमाने पर खुदाई की जा रही है। जेसीबी मशीनों से मिट्टी की खुदाई कर डंपरों के जरिए उसका परिवहन किया जा रहा है। आरोप है कि पूरी रात डंपरों की आवाजाही जारी रहती है, जिससे गांव के चकरोड और संपर्क मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। रास्तों की दुर्दशा के चलते ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

चकरोड तबाह, खेतों में खड़ी धान की फसल को नुकसान
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कथित खनन का असर अब खेती-किसानी पर भी पड़ने लगा है। खनन स्थल के पास स्थित शिकायतकर्ता के खेतों में खड़ी धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। आरोप है कि करीब 20 फीट की दूरी तक फसल प्रभावित हुई है, जिससे किसानों को आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रही खुदाई और भारी वाहनों की आवाजाही से उनकी जमीन और फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
विरोध करने पर धमकी देने का आरोप
शिकायतकर्ताओं ने खनन कार्य में लगे लोगों पर दबंगई करने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जब अवैध खनन का विरोध किया जाता है तो कथित तौर पर जान से मारने की धमकी दी जाती है। आरोप है कि शिकायत करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी जाती है और परमिट होने का हवाला देकर कार्रवाई से बचने की बात कही जाती है।
एसडीएम और खनन विभाग से शिकायत, कार्रवाई की मांग
इस मामले में अजीत कुमार, हरिवंश सिंह, देव कुमार, राजेश, नरेंद्र और भोला समेत अन्य लोगों ने एसडीएम सदर तथा खनन विभाग के अधिकारियों से शिकायत की है। शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि नकफुलहा और चंदौली गांव में हो रही खुदाई की निष्पक्ष जांच कराई जाए, खनन परमिट की वैधता और निर्धारित शर्तों की जांच हो तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त चकरोड की मरम्मत कराने और फसल के नुकसान की जांच कराकर उचित राहत दिलाने की भी मांग उठाई है। अब देखना यह है कि शिकायत के बाद जिला प्रशासन और खनन विभाग मौके पर जांच कर क्या कार्रवाई करते हैं।
नोट: अवैध खनन, फसल नुकसान और धमकी से जुड़े आरोप शिकायतकर्ताओं के पक्ष पर आधारित हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि और प्रशासनिक कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध होने पर खबर को अपडेट किया जा सकता है।










