Raebareli: FCI गोदाम के राशन में कंकड़-मिट्टी मिलने का आरोप, कोटेदारों ने उठाए सवाल; वीडियो वायरल

Raebareli के शक्तिनगर स्थित FCI गोदाम से मिले गेहूं-चावल में कंकड़, मिट्टी और गंदगी होने का आरोप। वीडियो वायरल होने के बाद राशन की गुणवत्ता पर सवाल उठे।

Raebareli: रायबरेली जिले में सरकारी राशन की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। कोतवाली नगर क्षेत्र के शक्तिनगर स्थित भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) गोदाम से कोटेदारों को आपूर्ति किए जा रहे गेहूं और चावल में कंकड़, पत्थर, मिट्टी और अन्य गंदगी मिलने के आरोप लगे हैं। रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को समय करीब 9 बजे इस मामले से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद खाद्य आपूर्ति व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि पात्र गृहस्थियों को वितरित किए जाने वाले राशन में ही गंदगी मिल रही है, जिससे कोटेदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

राशन की गुणवत्ता पर सवाल, कोटेदारों ने की शिकायत

रायबरेली सदर तहसील क्षेत्र के कई कोटेदारों के यहां पहुंचने वाले राशन में कथित तौर पर कंकड़-पत्थर और मिट्टी मिलने की शिकायतें सामने आई हैं। कोटेदारों का आरोप है कि एफसीआई गोदाम से उन्हें जो गेहूं और चावल उपलब्ध कराया जा रहा है, उसकी गुणवत्ता ठीक नहीं है। बोरियों से निकलने वाले राशन में गंदगी मिलने के कारण उसे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने में परेशानी हो रही है।

कोटेदारों का कहना है कि सरकारी राशन वितरण व्यवस्था में उनकी जिम्मेदारी पात्र लाभार्थियों को खाद्यान्न उपलब्ध कराना है, लेकिन यदि गोदाम से ही खराब गुणवत्ता का राशन मिलता है तो इसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ता है। वहीं, गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मिलने वाले खाद्यान्न की गुणवत्ता को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।

वीडियो वायरल होने के बाद उठे सवाल

मामले से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद एफसीआई की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि गोदाम से राशन की आपूर्ति के दौरान उसकी गुणवत्ता की समुचित जांच नहीं की जा रही है। हालांकि, वायरल वीडियो और कोटेदारों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि तथा खाद्यान्न के नमूनों की जांच के संबंध में फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

डिपो मैनेजर ने मीडिया को पक्ष देने से किया इनकार

इस मामले में एफसीआई के डिपो मैनेजर एसपी यादव से मीडिया की ओर से पक्ष जानने का प्रयास किया गया। आरोप है कि उन्होंने इस संबंध में जवाब देने से इनकार कर दिया। बताया गया कि उन्होंने कहा, “मेरा काम जांच करना और कार्रवाई करना है, मीडिया सवाल नहीं कर सकती।” उनके इस कथित बयान के बाद मामले को लेकर चर्चा और तेज हो गई है।

जांच और कार्रवाई का इंतजार

अब सवाल यह है कि शक्तिनगर स्थित एफसीआई गोदाम से आपूर्ति किए जा रहे खाद्यान्न की गुणवत्ता की जांच कब होगी? क्या संबंधित अधिकारियों की ओर से राशन के नमूने लेकर उनकी जांच कराई जाएगी? यदि गेहूं और चावल में कंकड़, मिट्टी तथा अन्य गंदगी मिलने के आरोप सही पाए जाते हैं, तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होगी?

फिलहाल, कोटेदारों की शिकायतों और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच की जरूरत है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि राशन की गुणवत्ता में गड़बड़ी कहां और किस स्तर पर हो रही है।

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