Indore: शहर में मुसाखेड़ी फ्लाईओवर का निर्माण पूरा होने तक अंतरराज्यीय बसों के परिचालन में बदलाव किया गया है। निर्माण कार्य के दौरान सड़क पर बढ़ने वाले यातायात के दबाव और संभावित दुर्घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने तीन ईमली चौराहे से पिपल्याहाना चौराहे के बीच बसों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। यह व्यवस्था फ्लाईओवर का काम पूरा होने तक लागू रहेगी। यात्रियों और वाहन चालकों को परेशानी से बचाने के लिए बसों के लिए वैकल्पिक मार्ग भी तय किए गए हैं।
मुसाखेड़ी फ्लाईओवर निर्माण के कारण बदली यातायात व्यवस्था

मुसाखेड़ी चौराहे पर फ्लाईओवर का निर्माण कार्य चल रहा है। ऐसे में सड़क पर वाहनों की आवाजाही सुचारु बनाए रखना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण है। इसी को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी शिवम वर्मा ने यातायात व्यवस्था में बदलाव का आदेश जारी किया है। प्रशासन का उद्देश्य निर्माण कार्य के दौरान जाम की स्थिति को कम करना और दुर्घटनाओं की आशंका को रोकना है।
तीन ईमली से पिपल्याहाना तक बसों की आवाजाही पर रोक
जारी आदेश के अनुसार, तीन ईमली चौराहे से मुसाखेड़ी होते हुए पिपल्याहाना चौराहे तक जाने वाली अंतरराज्यीय बसों को प्रतिबंधित मार्ग से गुजरने की अनुमति नहीं होगी। इसी तरह पिपल्याहाना से मुसाखेड़ी होते हुए तीन ईमली चौराहे की ओर आने वाली बसें भी इस रास्ते का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगी। यह प्रतिबंध ऑल इंडिया परमिट वाली बसों पर लागू किया गया है।
सुबह 6 से रात 11 बजे तक प्रभावी रहेगा आदेश
प्रशासन की ओर से निर्धारित समय के मुताबिक, बसों के आवागमन पर रोक हर दिन सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक लागू रहेगी। यानी इस अवधि में अंतरराज्यीय बसों को निर्धारित वैकल्पिक रास्तों से ही गुजरना होगा। आदेश एक माह तक प्रभावी रहेगा। हालांकि, फ्लाईओवर का निर्माण कार्य पूरा होने तक प्रतिबंध लागू रहने की बात भी आदेश में कही गई है। वाहन संचालकों को यात्रा की योजना बनाते समय इस व्यवस्था का ध्यान रखना होगा।
पालदा और देवगुराड़िया होकर पहुंचेंगी बसें
प्रतिबंधित सड़क के स्थान पर प्रशासन ने बसों के आवागमन के लिए वैकल्पिक रास्ते निर्धारित किए हैं। इसके तहत तीन ईमली से पिपल्याहाना जाने वाली बसें पालदा, देवगुराड़िया और बिचौली होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचेंगी। वहीं, पिपल्याहाना से तीन ईमली आने वाली बसों को बिचौली, देवगुराड़िया और पालदा के रास्ते से गुजरना होगा।
इस बदलाव से बस संचालकों को निर्धारित मार्ग का पालन करना होगा। यात्रियों के लिए भी जरूरी है कि वे बस में सवार होने से पहले उसके निर्धारित रास्ते की जानकारी ले लें, ताकि यात्रा के दौरान अनावश्यक परेशानी न हो।
यातायात का दबाव घटाने और दुर्घटनाएं रोकने पर जोर
फ्लाईओवर निर्माण के दौरान सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका रहती है। ऐसे में भारी यातायात वाले मार्ग पर बसों का दबाव कम करना जरूरी माना जा रहा है। जिला प्रशासन ने इसी उद्देश्य से यह कदम उठाया है। निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने से निर्माण क्षेत्र में यातायात को व्यवस्थित रखने में मदद मिल सकती है।
फिलहाल वाहन चालकों और बस ऑपरेटरों को प्रशासन के आदेश का पालन करना होगा। फ्लाईओवर निर्माण पूरा होने के बाद यातायात व्यवस्था में आगे क्या बदलाव होगा, यह संबंधित प्रशासनिक निर्णय पर निर्भर करेगा। तब तक निर्धारित समय और वैकल्पिक मार्गों को ध्यान में रखकर ही अंतरराज्यीय बसों का संचालन किया जाएगा।










