Amethi: घर से दूर रहकर उच्च शिक्षा हासिल करने का सपना लेकर आने वाली छात्राओं की सुरक्षा को लेकर अमेठी में गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। फुरसतगंज थाना क्षेत्र में किराये के मकान में रहकर पढ़ाई कर रही 19 वर्षीय छात्रा ने मकान मालिक के एक रिश्तेदार पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। घटना बृहस्पतिवार रात की बताई जा रही है। पीड़िता की मां की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने किराये के मकानों में अकेले या अन्य छात्राओं के साथ रहने वाली युवतियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, छात्रा इसी वर्ष फुटवेयर डिजाइनिंग एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट में प्रथम वर्ष में दाखिला लेकर पढ़ाई कर रही थी। शिक्षा प्राप्त करने के लिए वह फुरसतगंज थाना क्षेत्र के नहर कोठी चौराहे के पास एक किराये के कमरे में रहती थी। आरोप है कि बृहस्पतिवार रात मकान मालिक के एक रिश्तेदार युवक ने उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद छात्रा ने अपनी मां को पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद पीड़िता की मां ने पुलिस को तहरीर देकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने और अपनी बेटी को न्याय दिलाने की मांग की।

किराये के मकानों में रहने वाली छात्राओं की हिफाजत कौन करेगा?
इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि घर-परिवार से दूर रहकर पढ़ाई करने वाली छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी किसकी है? जिले के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में पढ़ने के लिए आने वाली छात्राएं किराये के कमरों और निजी आवासों में रहकर अपनी पढ़ाई पूरी करती हैं। ऐसे में उनके रहने की जगहों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम, मकान मालिकों की जवाबदेही और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।
छात्राओं और उनके अभिभावकों के लिए किराये का मकान चुनना अक्सर मजबूरी होता है। ऐसे में जरूरी है कि छात्राओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए और शिक्षण संस्थान भी अपने यहां पढ़ने वाली छात्राओं के आवास तथा सुरक्षा संबंधी समस्याओं को लेकर संवेदनशील रहें। हालांकि, इस मामले में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी किसी लापरवाही की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पुलिस ने शुरू की जांच
मामले में सीओ तिलोई दिनेश मिश्रा ने बताया कि पीड़िता की मां की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। पुलिस की जांच के बाद ही घटना से जुड़े अन्य तथ्यों और आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल, इस मामले ने छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। जरूरत इस बात की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए और दोष सिद्ध होने पर कानून के मुताबिक कार्रवाई हो। साथ ही, किराये के मकानों में रहकर पढ़ाई करने वाली छात्राओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में भी प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि वे भयमुक्त होकर अपनी शिक्षा पूरी कर सकें।










