MP News: मध्यप्रदेश के जेल सुधार के इतिहास में एक नई पहल होने जा रही है। प्रदेश में पहली बार महिला बंदियों को भी ओपन जेल की सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी है। अब तक यह सुविधा मुख्य रूप से पुरुष बंदियों तक सीमित थी, लेकिन जेल विभाग ने महिलाओं को भी इस व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
DG जेल वरुण कपूर ने किया ऐलान

डीजी जेल वरुण कपूर (आईपीएस) ने जिला जेल गुना के महिला वार्ड का दौरा कर इस पहल की घोषणा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने महिला बंदियों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं के बारे में जानकारी ली। साथ ही जेल अधिकारियों को व्यवस्थाओं में सुधार और महिला बंदियों के पुनर्वास से जुड़े आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
क्या होती है ओपन जेल की व्यवस्था?
ओपन जेल सामान्य जेलों से अलग व्यवस्था है। इसमें निर्धारित पात्रता और अच्छे आचरण के आधार पर चयनित बंदियों को अपेक्षाकृत खुले वातावरण में रहने और काम करने का अवसर दिया जाता है। इसका उद्देश्य बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर जीवन जीने के लिए तैयार करना है। इस व्यवस्था में पात्र बंदियों को परिवार के साथ रहने का अवसर भी मिल सकता है।
महिला बंदियों के पुनर्वास की दिशा में पहल
अब तक मध्यप्रदेश में ओपन जेल की सुविधा पुरुष बंदियों को ही उपलब्ध थी। महिला बंदियों के लिए भी ऐसी व्यवस्था शुरू होने से उनके पुनर्वास और सामाजिक जीवन में दोबारा वापसी की संभावनाएं बढ़ेंगी। जेल विभाग की इस पहल को महिला बंदियों के लिए सुधारात्मक न्याय व्यवस्था का विस्तार माना जा रहा है।
गुना से शुरुआत, प्रदेशभर में विस्तार की तैयारी
जिला जेल गुना से सामने आई इस पहल को आगे चलकर प्रदेश की अन्य जेलों तक विस्तारित करने की योजना है। हालांकि इसके लिए पात्रता, संचालन व्यवस्था और लागू किए जाने की समयसीमा से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश सामने आना बाकी हैं।
महिला बंदियों के लिए ओपन जेल की सुविधा शुरू होने से जेल प्रशासन की भूमिका केवल सजा तक सीमित न रहकर सुधार, पुनर्वास और सामाजिक पुनर्स्थापन की दिशा में आगे बढ़ेगी।











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