Raebareli: करवाचौथ के पावन पर्व पर जिला कारागार रायबरेली में आस्था, प्रेम और पारिवारिक रिश्तों की एक भावुक तस्वीर देखने को मिली। गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को करीब 20 महिला बंदियों ने अपने पतियों की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ निर्जला व्रत रखा। जेल की चारदीवारी के भीतर रहकर भी इन महिलाओं ने परंपराओं और अपने वैवाहिक रिश्तों के प्रति समर्पण की मिसाल पेश की।
महिला बंदियों की धार्मिक भावनाओं और आस्था को ध्यान में रखते हुए जेल प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गईं। व्रत रखने वाली महिलाओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पूजन सामग्री समेत अन्य आवश्यक इंतजाम उपलब्ध कराए गए। जेल प्रशासन ने इस बात का विशेष ध्यान रखा कि महिला बंदियों को करवाचौथ की पूजा और धार्मिक परंपराओं के निर्वहन में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

इस संबंध में जेल अधीक्षक प्रभात सिंह ने रात करीब 10:30 बजे जानकारी देते हुए बताया कि जिन महिला बंदियों के पति जिला कारागार में ही निरुद्ध हैं, उनकी मुलाकात कराने की व्यवस्था की जाएगी। वहीं, जिन महिलाओं के पति जेल से बाहर रह रहे हैं, उन्हें भी विशेष समय पर मुलाकात का अवसर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
जेल अधीक्षक की इस पहल से महिला बंदियों को अपने जीवनसाथियों से मिलने और पर्व के भावनात्मक महत्व को महसूस करने का अवसर मिला। आमतौर पर जेल की चारदीवारी के भीतर बंदियों का जीवन नियमों और पाबंदियों के बीच गुजरता है, लेकिन ऐसे अवसरों पर मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक रिश्तों को महत्व देना भी प्रशासन की जिम्मेदारी का हिस्सा है।
करवाचौथ के अवसर पर जिला कारागार प्रशासन की यह पहल सराहनीय रही। इसने यह संदेश दिया कि कानून के दायरे में रहते हुए भी मानवीय संवेदनाओं, धार्मिक आस्था और पारिवारिक रिश्तों का सम्मान किया जा सकता है।










