Ranchi: रांची के डीसी कार्यालय में सोमवार को आयोजित जनता दरबार में उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने आम लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। जनता दरबार में सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। इस दौरान जमीन विवाद, अवैध कब्जे और आवासीय भूमि पर कब्जे की कोशिश से जुड़े मामले प्रमुखता से सामने आए।
बाजार समिति की जमीन पर कब्जे की शिकायत

जनता दरबार में बाजार समिति की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत भी पहुंची। इसके अलावा झारखंडी जमीन पर अतिक्रमण और आवासीय जमीन पर कब्जे के प्रयास से संबंधित समस्याएं लोगों ने उपायुक्त के समक्ष रखीं। डीसी ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए बताया कि ऐसे मामलों में संबंधित थाना और अंचल कार्यालय को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाते हैं। साथ ही मामलों की निगरानी भी की जाती है, ताकि स्थानीय अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित हो सके और शिकायतकर्ताओं को जल्द राहत मिल सके।
सिविल कोर्ट के मामलों में दी जाती है कानूनी सलाह
डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि जनता दरबार में कई ऐसे मामले भी सामने आते हैं, जो व्यवहार न्यायालय यानी सिविल कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। ऐसे मामलों में शिकायतकर्ताओं को उचित कानूनी सलाह दी जाती है और उन्हें बताया जाता है कि किन परिस्थितियों में प्रशासन सीधे हस्तक्षेप नहीं कर सकता। हालांकि, प्रशासन की कोशिश रहती है कि प्रत्येक शिकायतकर्ता को उसकी समस्या के समाधान के लिए उचित कानूनी और प्रशासनिक रास्ते की जानकारी मिल सके।
थाना और अंचल कार्यालयों की कार्यशैली पर भी नजर
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जनता दरबार केवल शिकायतें सुनने का माध्यम नहीं है, बल्कि इसके जरिए स्थानीय स्तर पर काम करने वाले थाना और अंचल कार्यालयों की कार्यशैली की निगरानी भी की जाती है। संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का जल्द निष्पादन करने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया जाता है।
हर सोमवार आयोजित होता है जनता दरबार
डीसी कार्यालय में प्रत्येक सोमवार जनता दरबार का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य आम नागरिकों को एक ही स्थान पर अपनी समस्याएं और शिकायतें रखने का अवसर देना है, ताकि उन्हें छोटे-छोटे कामों के लिए अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। प्रशासन की इस पहल से लोगों की समस्याओं को सीधे जिला प्रशासन तक पहुंचाने और उनके समाधान की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।










