Ahmedabad : गुजरात के अहमदाबाद में गुजरात एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम करते हुए तीन संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आरोपी आजाद सुलेमान शेख (उम्र 20 वर्ष) उत्तर प्रदेश के शामली जिले के कस्बा झिंझाना के मोहल्ला शेखा मैदान का मूल निवासी है। यह खुलासा होने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस और खुफिया एजेंसियां भी जांच में जुट गई हैं। गिरफ्तार तिकड़ी पर आईएसआईएस-के (ISKP) से जुड़े मॉड्यूल का हिस्सा होने और देश के कई शहरों में बड़े हमलों की साजिश रचने का आरोप है। ATS को संदिग्धों के पास से पिस्तौल, कारतूस, हथियारों के पुर्जे और घातक रसायनों जैसे रिसिन (जो सायनाइड से भी ज्यादा खतरनाक जहर माना जाता है) की सामग्री बरामद हुई है।
गुजरात ATS के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) सुनील जोशी ने बताया कि यह गिरफ्तारी रविवार (9 नवंबर) को अहमदाबाद के अडालज टोल प्लाजा के पास की गई। तीनों आरोपी हथियारों की आपूर्ति और आदान-प्रदान के लिए मिले थे। जांच में सामने आया कि ये संदिग्ध पिछले एक साल से ATS के रडार पर थे। इनके हैंडलर पाकिस्तान में बैठे हैं, जो ड्रोन के जरिए हथियार भारत भेज रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान डॉ. अहमद मोहिउद्दीन सैयद (35 वर्ष, हैदराबाद निवासी, चीन से एमबीबीएस डिग्री धारक), मोहम्मद सुहैल मोहम्मद सलीम (23 वर्ष, लखीमपुर खीरी, यूपी निवासी) और आजाद सुलेमान शेख (20 वर्ष, शामली, यूपी निवासी) के रूप में हुई है। डॉ. सैयद मुख्य आरोपी है, जो रिसिन जैसे रासायनिक जहर से बम तैयार कर रहा था। यह जहर इतना घातक है कि मात्र 500 माइक्रोग्राम मात्रा से इंसान की मौत हो सकती है।

ATS के अनुसार, इस मॉड्यूल ने लखनऊ, दिल्ली और अहमदाबाद के कई संवेदनशील स्थानों जैसे रेलवे स्टेशन, मंदिरों और बाजारों की रेकी पहले ही पूरी कर ली थी। इनका मकसद ‘गजवा-ए-हिंद’ के नाम पर देशभर में हिंसा भड़काना था। गिरफ्तारी के समय डॉ. सैयद के मोबाइल से मिले डेटा, कॉल रिकॉर्ड और लोकेशन ट्रैकिंग से यह साजिश का पर्दाफाश हुआ। सूत्रों का कहना है कि ये आरोपी कट्टरपंथी साहित्य पढ़कर रेडिकलाइज्ड हो चुके थे। सुहैल और आजाद ने धार्मिक शिक्षा प्राप्त की थी, जबकि डॉ. सैयद ने चीन में मेडिकल की पढ़ाई के दौरान ही कट्टर विचारों को अपनाया। ATS ने बताया कि ये तीनों अलग-अलग मॉड्यूल का हिस्सा थे, लेकिन एक ही बड़े नेटवर्क से जुड़े हुए थे।
शामली में हड़कंप: परिवार ने दी सफाई, कोई आपराधिक इतिहास नहीं
शामली के झिंझाना कस्बे में आजाद की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। आजाद के परिवार ने उसके खिलाफ कोई आपराधिक रिकॉर्ड होने से इंकार किया है। उसके भाई शहजाद ने बताया, “हमारा भाई आजाद मुजफ्फरनगर जिले के बुढ़ाना के एक मदरसे में पढ़ाई कर रहा है। वह अभी तीन दिन पहले ही बुढ़ाना गया था। वहां उसकी भतीजी (हमारे बड़े भाई की बेटी) भी रहती है, जिसे घर लाने के लिए वह गया था। आज दोपहर बाद गुजरात ATS से फोन आया कि हमने तुम्हारे भाई को पकड़ लिया है। मैंने कहा कि मुझे उससे बात कराओ, तो उन्होंने कहा कि दो-तीन घंटे बाद बात होगी। तब से आजाद से या ATS से कोई संपर्क नहीं हो पाया। उसके खिलाफ यहां कोई केस दर्ज नहीं है।”
शहजाद (भाई) का बयान
“मेरा भाई निर्दोष है। वह मदरसे में कुरान की तालीम ले रहा है और कभी किसी गलत काम में शामिल नहीं दिखा। हम गरीब परिवार हैं, वह मेहनत करता है। यह सब गलतफहमी लग रही है।”
आजाद के पिता सुलेमान ने भी बेटे की बेगुनाही का दावा किया। उन्होंने कहा, “मेरा बेटा मेहनत-मजदूरी करता है। वह कपड़े सिलाई का काम करता है, मिस्त्री का काम भी करता है और साथ ही बुढ़ाना मदरसे में कारियत (कुरान की व्याख्या) की पढ़ाई भी कर रहा है। 6 या 7 नवंबर को वह घर से गया था और कहा था कि भतीजी को लेकर आएगा। वह बृहस्पतिवार को मदरसे से आता था और शनिवार को चला जाता था। गुजरात पुलिस ने उसे कैसे पकड़ा, यह हमें नहीं पता। वह तो कभी इतनी दूर नहीं गया।”
सुलेमान (पिता) का बयान
“बेटा निर्दोष है। वह पढ़ाई और काम में लगा रहता है। हमारी तो समझ में नहीं आ रहा कि यह सब कैसे हो गया। ATS से बात करके सच्चाई जानना चाहते हैं।”
परिवार के अनुसार, आजाद का पेशा सफाई कार्य या दर्जी का काम बताया जा रहा है, लेकिन स्थानीय स्तर पर वह सामान्य जीवन जी रहा था। शामली पुलिस ने घर पर जाकर पूछताछ की और परिवार को आश्वस्त किया कि जांच की जा रही है।
यूपी ATS की टीम अहमदाबाद रवाना, गहन पूछताछ शुरू
इस मामले में उत्तर प्रदेश एटीएस (UPATS) ने तत्काल एक्शन लिया है। UPATS की एक टीम गुजरात पहुंच चुकी है, जहां तीनों संदिग्धों से संयुक्त पूछताछ की जा रही है। DIG सुनील जोशी ने कहा, “ये गिरफ्तारियां खुफिया इनपुट्स पर आधारित थीं। हम पूरे नेटवर्क को उजागर करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।” सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में और कई खुलासे होने की संभावना है, जिसमें पाकिस्तान-आधारित हैंडलर्स और ड्रोन से हथियार डिलीवरी का नेटवर्क शामिल है।
यह घटना गुजरात ATS की लगातार सफलताओं की कड़ी में जुड़ गई है। इस साल की शुरुआत में ही ATS ने अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से जुड़े पांच आतंकियों को गिरफ्तार किया था। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मॉड्यूल सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को रेडिकलाइज कर रहे हैं, जिसके खिलाफ सख्त निगरानी जरूरी है।
प्रशासन ने शामली और लखीमपुर में अलर्ट जारी कर दिया है, जबकि परिवार पूछताछ के लिए गुजरात जाने की तैयारी कर रहा है। मामले की आगे की जांच जारी है।










