रायबरेली : जहाँ उत्तर प्रदेश के कई जिलों में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) कार्य के दबाव में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) मानसिक तनाव, उत्पीड़न और FIR के कारण आत्महत्या तक कर रहे हैं, वहीं रायबरेली जिला प्रशासन ने पूरी तरह अलग रास्ता अपनाया है। यहाँ BLO को डराने-धमकाने की बजाय मोटिवेशन और सम्मान दिया जा रहा है।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीएम हर्षिता माथुर ने SIR प्रक्रिया में उत्कृष्ट कार्य करने वाले BLO को नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। योजना के तहत हर तहसील में उन BLO की सूची तैयार की जा रही है जिन्होंने अपने क्षेत्र के SIR फॉर्म को 100% भरकर डिजिटलीकरण पूरा कर दिया है।

पुरस्कार राशि इस प्रकार है
- प्रथम स्थान : ₹3,000
- द्वितीय स्थान : ₹2,000
- तृतीय स्थान : ₹1,000
डीएम हर्षिता माथुर ने बताया कि निर्वाचन से जुड़े सभी अधिकारी लगातार SIR प्रक्रिया की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। जहाँ कहीं भी BLO को कोई समस्या आ रही है, उसे तुरंत दूर किया जा रहा है। साथ ही अच्छा कार्य करने वाले BLO को एसडीएम स्तर पर सम्मानित भी किया जा रहा है ताकि बाकी BLO उनसे प्रेरणा लें और बिना तनाव के कार्य पूरा करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि हमारा उद्देश्य BLO को प्रोत्साहित करना है, न कि दबाव बनाना। यही वजह है कि रायबरेली में SIR कार्य सुचारु रूप से और सकारात्मक माहौल में चल रहा है।
हर्षिता माथुर, डीएम/जिला निर्वाचन अधिकारी का बयान
“हम चाहते हैं कि हमारे BLO बिना किसी मानसिक दबाव के अपना काम करें। इसलिए हम उन्हें प्रोत्साहित कर रहे हैं। जो बेहतरीन कार्य कर रहे हैं, उन्हें सम्मान और नकद पुरस्कार दिया जा रहा है। इससे दूसरों में भी उत्साह आ रहा है और SIR का कार्य तेजी से पूरा हो रहा है।”
रायबरेली मॉडल को देखते हुए कई अन्य जिलों में भी इस तरह की सकारात्मक पहल की मांग उठने लगी है।










