बोकारो थर्मल के कारो स्पेशल फेज-2 में अवैध कोयला खनन पर बड़ी कार्रवाई। 5 खदानों को जेसीबी से बंद किया गया, कोयला तस्करी का खुलासा।
पहाड़ी पर चल रहा था अवैध कोयला खनन
बोकारो थर्मल क्षेत्र के कारो स्पेशल फेज-2 की पहाड़ियों में लंबे समय से अवैध कोयला खनन का सिलसिला जारी था। यहां कई जगहों पर जमीन के भीतर गहरी सुरंगें बनाकर कोयला निकाला जा रहा था। हालात इतने गंभीर थे कि खदानों के अंदर तक बाइक से पहुंचकर कोयला बाहर लाया जा रहा था। यह गतिविधि न सिर्फ गैरकानूनी थी, बल्कि किसी बड़े हादसे को भी न्योता दे रही थी।

संयुक्त टीम की कार्रवाई
शुक्रवार को सीसीएल सुरक्षा बल, स्थानीय पुलिस और होमगार्ड की टीम ने संयुक्त अभियान चलाया। भारी मशीनों की मदद से एक-एक कर पांच अवैध खदानों को पूरी तरह भर दिया गया। इस दौरान क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।
माफियाओं का नेटवर्क हुआ उजागर
जांच के दौरान यह सामने आया कि इन खदानों से निकाले जा रहे कोयले को बाइक के जरिए आसपास के इलाकों में सप्लाई किया जा रहा था। खास तौर पर ऊपरघाट क्षेत्र के कोल डिपो तक यह कोयला पहुंचाया जाता था।
मुख्य खुलासे:
- बाइक से कोयला परिवहन
- स्थानीय स्तर पर संगठित नेटवर्क
- लगातार सक्रिय खनन माफिया
अधिकारियों के निर्देश पर चला अभियान
सीसीएल प्रबंधन को अवैध खनन की सूचना मिलने के बाद यह कार्रवाई शुरू की गई। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर सुरक्षा पदाधिकारी और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। अभियान से पहले आसपास के गांवों में माइक के जरिए सूचना भी दी गई थी, ताकि लोग सतर्क रहें और क्षेत्र से दूर रहें।
खदानों के पास पहले भी हुई थी कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है जब इस इलाके में कार्रवाई हुई हो। इससे पहले भी यहां से बड़ी मात्रा में कोयला जब्त किया गया था। बावजूद इसके माफिया दोबारा सक्रिय हो गए थे, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई थी। यही वजह रही कि इस बार खदानों को पूरी तरह बंद करने का फैसला लिया गया।
स्थानीय लोगों ने की मांग
कार्रवाई के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सिर्फ खदानों को भर देने से समस्या खत्म नहीं होगी।
लोगों की मांग:
- स्थायी निगरानी व्यवस्था
- नियमित गश्ती अभियान
- माफियाओं पर कड़ी कानूनी कार्रवाई
जल्द होगी ओर भी कार्रवाई
अधिकारियों ने साफ किया है कि क्षेत्र में मौजूद अन्य अवैध खदानों पर भी जल्द कार्रवाई की जाएगी। खास तौर पर फेज-2 की एक और खदान को अगले कुछ दिनों में बंद करने की तैयारी है। इससे साफ है कि प्रशासन इस मुद्दे को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है।
कार्रवाई से मचा हड़कंप
इस अभियान के बाद अवैध खनन से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। अचानक हुई इस कार्रवाई ने पूरे नेटवर्क को झटका दिया है। हालांकि, अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर कितनी लगातार निगरानी रख पाता है।










