Bokaro Thermal: केंद्रीय विद्यालय बोकारो थर्मल में “तकनीकी एवं वैज्ञानिक कार्यों में हिंदी का प्रयोग” विषय पर राजभाषा कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विद्यालय के प्राचार्य डॉ. बी.आर. डे सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। कार्यशाला का संचालन संसाधक सुश्री दिव्या सरोज, प्र. स्ना. शि. (हिंदी) ने किया।
कार्यशाला का उद्देश्य तकनीकी एवं वैज्ञानिक कार्यों में हिंदी के प्रयोग को प्रोत्साहित करना तथा दैनिक कार्यालयी एवं शैक्षणिक कार्यों में हिंदी के व्यावहारिक उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

संसाधक सुश्री दिव्या सरोज ने तकनीकी एवं वैज्ञानिक क्षेत्रों में हिंदी की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हिंदी का प्रयोग केवल बोलचाल और साहित्य तक सीमित नहीं है, बल्कि विज्ञान, चिकित्सा, अभियांत्रिकी, सूचना प्रौद्योगिकी और अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में भी प्रभावी रूप से किया जा सकता है। उन्होंने विभिन्न तकनीकी एवं वैज्ञानिक शब्दों के हिंदी पर्यायों की जानकारी देते हुए उनके व्यावहारिक प्रयोग को समझाया।
इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. बी.आर. डे ने कहा कि हिंदी को केवल संवाद की भाषा तक सीमित न रखकर शिक्षा, विज्ञान और तकनीकी क्षेत्रों में भी अधिकाधिक प्रयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों को दैनिक शैक्षणिक एवं कार्यालयी कार्यों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं हिंदी के प्रचार-प्रसार और उसके व्यावहारिक प्रयोग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण हैं।
कार्यशाला के अंत में इसी विषय पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें प्राचार्य डॉ. बी.आर. डे सहित विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता के माध्यम से प्रतिभागियों ने तकनीकी एवं वैज्ञानिक शब्दावली से संबंधित अपने ज्ञान को परखा।
कार्यशाला के समापन पर इस बात पर जोर दिया गया कि हिंदी को संवाद की भाषा के साथ-साथ शिक्षा, विज्ञान, तकनीक एवं अनुसंधान के क्षेत्र में भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यशाला का समापन हुआ।










