Chandausi Principal Controversy: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में बसा चंदौसी शहर, जिसे लोग प्यार से “चाँद सी चंदौसी” या “मिनी वृंदावन” कहते हैं, इन दिनों एक बड़े विवाद में घिरा हुआ है। एसएम डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दानवीर सिंह यादव ने छात्रों के सामने ऐसा बयान दिया, जिसने पूरे शहर को हिला कर रख दिया। छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर कुछ छात्र प्राचार्य से मिलने पहुंचे थे। बातचीत के दौरान प्राचार्य ने कहा, “लोग दुष्कर्म छुपकर करते हैं, मैं खुलकर करता हूं। मेरी तरह कोई दुष्कर्म नहीं कर सकता।” इसके अलावा उन्होंने चंदौसी शहर को “छोटी मानसिकता वाला” बताया और शहर की छवि पर सवाल उठाए।
यह बयान जल्द ही वीडियो के रूप में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। शहर के लोग हैरान रह गए कि एक बड़े कॉलेज के प्राचार्य, जो पढ़ाई-लिखाई और नैतिकता सिखाने का दावा करते हैं, खुद ऐसी भाषा का इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं? यह बात न सिर्फ छात्रों, बल्कि पूरे समाज में गुस्से की लहर पैदा कर गई।

शहर का गुस्सा फूट पड़ा: व्यापार मंडल का प्रदर्शन/Chandausi Principal Controversy
चंदौसी के लोगों ने इसे चुपचाप बर्दाश्त नहीं किया। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल की युवा इकाई ने तुरंत एक्शन लिया। संगठन के पदाधिकारी और सदस्य गांधी पार्क में जमा हुए और फिर महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने प्राचार्य के बयान को “अशोभनीय” और “निंदनीय” बताया।
प्रदर्शन के दौरान व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष अनुज वार्ष्णेय ‘अन्नू’ ने कहा, “चंदौसी कोई छोटी सोच वाला शहर नहीं है। यहां से आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर और बड़े अधिकारी निकले हैं, जो देश की सेवा कर रहे हैं। यहां के मेडिकल क्षेत्र के डॉक्टर पूरे प्रदेश और देश में नाम कमा रहे हैं। सैकड़ों व्यापारी मेंथा, घी और दूसरे उत्पादों का कारोबार करते हैं, जिनका टैक्स देश की तरक्की में योगदान देता है। ऐसे मेहनती और सम्मानित लोगों वाले शहर को छोटी मानसिकता कहना बहुत गलत है।”
नगर महामंत्री शुभम अग्रवाल ने भी प्राचार्य पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “एक बड़े शिक्षण संस्थान के प्राचार्य को ऐसी भाषा नहीं शोभा देती। उनकी सोच समाज के लिए खतरनाक है। चंदौसी ‘चाँद सी नगरी’ है, पूरे देश में अलग पहचान रखती है। ऐसे बयान देना शर्मनाक है।”
माफी मांगने को कहा नहीं तो उग्र आंदोलन होगा
प्रदर्शनकारियों ने साफ मांग की कि प्राचार्य अपने बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो संगठन और उग्र आंदोलन करेगा और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग करेगा।
प्रदर्शन में युवा जिलाध्यक्ष सागर गुप्ता, प्रदेश उपाध्यक्ष युवा शाहआलम मंसूरी, कौशलनन्दन, पवन कुमार गुप्ता, सभासद अमन कोली, सभासद शिवकुमार सैनी, छात्र नेता विकास उपाध्याय, पराग शर्मा, निशान्त शर्मा, गुलशन मोर्य, कपिल देव जैसे कई पदाधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे। पूरा माहौल गर्म था, लेकिन प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा।
प्राचार्य की माफी: सफाई के साथ माफी मांगी
प्रदर्शन और लोगों के दबाव के बाद प्राचार्य डॉ. दानवीर सिंह यादव को झुकना पड़ा। उन्होंने कॉलेज के गेट पर आकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने कहा, “मैं ‘दुष्कर्म’ नहीं, ‘दुष्कर कार्य’ कहना चाहता था। भूलवश ‘दुष्कर्म’ शब्द निकल गया।” चंदौसी की “छोटी मानसिकता” वाली बात पर उन्होंने सफाई दी कि उनके शब्दों से अगर किसी की भावनाएं आहत हुईं तो वे शब्द वापस लेते हैं। उन्होंने बोला कि अगर कोई ज्यादा ही आहत हुआ है तो मैं सार्वजनिक रूप से माफी मांगता हूं।
निष्कर्ष
चंदौसी शहर अपनी संस्कृति, मेहनत और प्रतिभाओं के लिए जाना जाता है। यहां के लोग छोटे-छोटे व्यवसायों से लेकर बड़े क्षेत्रों में नाम कमा रहे हैं। यह घटना बताती है कि कोई भी व्यक्ति कितना भी बड़ा पद पर हो, अपनी बातों का ध्यान रखना जरूरी है। खासकर शिक्षकों और प्राचार्यों को समाज के लिए आदर्श बनना चाहिए, न कि विवाद पैदा करना।










