Char Dham Mobile Ban 2026: केदारनाथ मंदिर में अब रील बनाने का सपना टूटा, चारधाम यात्रा में मोबाइल-कैमरा पर पूरा बैन – जानिए नया नियम और वजह

Char Dham Mobile Ban 2026: चारधाम यात्रा में बड़ा बदलाव,मंदिर परिसर में मोबाइल बैन

Char Dham Mobile Ban 2026: उत्तराखंड की पवित्र चारधाम यात्रा (यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ, बदरीनाथ) के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। लेकिन इस बार एक बहुत बड़ा नियम आया है – केदारनाथ मंदिर समेत चारों धामों के मंदिर परिसर में मोबाइल फोन और कैमरे पर पूरी तरह बैन लग गया है। मतलब, अब आप वहां रील नहीं बना पाएंगे, वीडियो नहीं शूट कर पाएंगे, फोटो भी नहीं खींच पाएंगे। ये फैसला 2026 की चारधाम यात्रा से लागू होगा।

गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे ने हाल ही में ऋषिकेश में चारधाम यात्रा की तैयारी बैठक में ये ऐलान किया। उनका कहना है कि ये एक धार्मिक यात्रा है, जहां लोग आस्था और श्रद्धा के साथ आते हैं। लेकिन पिछले कुछ सालों में सोशल मीडिया पर रील और वीडियो बनाने वालों की वजह से विवाद बढ़े हैं, भीड़ जमा होती है, और दर्शन में दिक्कत होती है। इसलिए मंदिर की पवित्रता और गरिमा बचाने के लिए ये सख्त कदम उठाया गया है।

क्यों लगा बैन? पिछले सालों के विवादों ने मजबूर किया/Char Dham Mobile Ban 2026

पिछली यात्राओं में कई बार केदारनाथ और बदरीनाथ में ऐसे वीडियो वायरल हुए, जिन्होंने लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई। कुछ लोग मंदिर को टूरिस्ट स्पॉट समझकर रील बनाते थे – डांस करते, पोज देते, या गलत हरकतें करते। इससे असली श्रद्धालुओं को परेशानी होती थी, दर्शन में देरी होती थी, और मंदिर की छवि खराब होती थी।

बीकेटीसी (श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति) और सरकार ने देखा कि रील बनाने के चक्कर में लोग घंटों खड़े रहते हैं, भीड़ बढ़ती है, और सुरक्षा का खतरा होता है। इसलिए अब फैसला लिया गया कि मंदिर परिसर में मोबाइल-कैमरा ले जाना ही मना। बदरीनाथ में सिंहद्वार (मुख्य द्वार) से आगे मोबाइल नहीं जा सकता। केदारनाथ में भी पूरा परिसर बैन जोन है।

श्रद्धालु दर्शन से पहले अपना मोबाइल और कैमरा क्लोक रूम (जमा करने की जगह) में जमा करा सकेंगे। दर्शन के बाद बाहर निकलते वक्त वापस ले सकते हैं। बाहर मंदिर के कुछ दूरी तक फोटो-वीडियो की इजाजत रहेगी, लेकिन अंदर नहीं।

नया नियम कैसे काम करेगा? सख्ती और पेनल्टी क्या?

  • मोबाइल/कैमरा ले जाना: पूरी तरह प्रतिबंधित। एंट्री पर चेकिंग होगी।
  • रील/वीडियो/फोटो: मंदिर परिसर में बिल्कुल नहीं। अगर कोई करता पकड़ा गया तो सख्त कार्रवाई – जुर्माना, केस, या यात्रा से बाहर करना।
  • क्लोक रूम व्यवस्था: बदरीनाथ-केदारनाथ में क्लोक रूम बनाए जाएंगे। फोन सुरक्षित रखा जाएगा।
  • बाहर की अनुमति: मंदिर से थोड़ी दूरी पर फोटो-वीडियो ठीक, लेकिन परिसर में नहीं।
  • सुरक्षा: पुलिस, आईटीबीपी, और मंदिर स्टाफ 24 घंटे निगरानी करेंगे। CCTV पहले से है, और बढ़ाई जाएगी।

ये नियम सिर्फ केदारनाथ तक नहीं, चारों धामों पर लागू होंगे। सरकार का कहना है कि यात्रा आस्था की है, न कि सोशल मीडिया कंटेंट बनाने की।

श्रद्धालुओं के लिए सलाह: तैयारी कैसे करें?

चारधाम यात्रा 2026 में अप्रैल-मई से शुरू होगी (यमुनोत्री-गंगोत्री पहले, फिर केदारनाथ-बदरीनाथ)। लाखों लोग आएंगे, इसलिए:

  1. मोबाइल जरूरी: यात्रा के दौरान रास्ते में, होटल में, हेलीकॉप्टर/ट्रैकिंग में फोन रखें। लेकिन मंदिर पहुंचने पर जमा कर दें।
  2. जरूरी चीजें: ऑफलाइन मैप, रजिस्ट्रेशन (ऑनलाइन पहले से कर लें), हेल्थ चेकअप, गर्म कपड़े, पानी-खाना।
  3. आस्था के साथ जाएं: रील बनाने की बजाय भगवान के दर्शन पर फोकस करें। इससे सफर ज्यादा शांतिपूर्ण होगा।
  4. अगर जरूरी कॉल: क्लोक रूम से बाहर निकलकर बात कर सकते हैं।

क्या कह रहे हैं लोग और अधिकारी?

श्रद्धालु ज्यादातर खुश हैं – कह रहे हैं कि अब दर्शन आसान होंगे, कोई रुकावट नहीं। कुछ युवा निराश हैं, लेकिन ज्यादातर मानते हैं कि मंदिर पवित्र जगह है, यहां शांति जरूरी है।

गढ़वाल कमिश्नर ने कहा, “ये धार्मिक यात्रा है। श्रद्धालु आस्था से आते हैं। हम उनकी सुविधा और मंदिर की पवित्रता दोनों बचाएंगे।” बीकेटीसी भी सख्ती से नियम लागू करेगी।

आगे क्या? यात्रा और बेहतर बनेगी

ये फैसला चारधाम यात्रा को और व्यवस्थित बनाएगा। पिछले सालों में भीड़, विवाद, और सुरक्षा मुद्दे थे। अब फोकस सिर्फ दर्शन और आस्था पर रहेगा। सरकार ने पानी, मेडिकल, ट्रांसपोर्ट, हेलीकॉप्टर जैसी सुविधाएं भी बढ़ाई हैं।

Other Latest News

Leave a Comment