Chinese Manja Accident Raebareli: चाइनीज मंझा ने फिर किया एक शख्स को लहू लोहान, युवक गंभीर रूप से घायल

Chinese Manja Accident Raebareli: रायबरेली के बछरावां में चाइनीज मंझे का कहर, 25 मीटर घिसटने के बाद बचा युवक, जिला अस्पताल में भर्ती

Chinese Manja Accident Raebareli: मकर संक्रांति आने में अभी कई दिन बाकी हैं, लेकिन उससे पहले ही प्रतिबंधित चाइनीज मंझा मौत बनकर सड़कों पर लहराने लगा है। बुधवार दोपहर बछरावां थाना क्षेत्र के पहुरावा-नहर कोठी बाइपास पर एक दिल दहला देने वाली घटना हुई। हरचंदपुर से अपने गांव बरसिंग खेड़ा लौट रहा एक युवक चाइनीज मंझे की चपेट में आ गया। मंझा उसके गले में फंस गया और बाइक सहित वह सड़क पर बुरी तरह गिर पड़ा। कई मीटर तक घिसटने के बाद वह रुका। गनीमत रही कि गला पूरी तरह नहीं कटा, वरना उसकी जान जा सकती थी।

घटना कैसे हुई/Chinese Manja Accident Raebareli

घायल युवक का नाम रामानुज है। वह बरसिंग खेड़ा का रहने वाला है और शिवगढ़ थाने के अंतर्गत आता है। लोग उसे प्यार से रामू भी कहते हैं। बुधवार को वह किसी काम से हरचंदपुर गया था। वापसी में दोपहर करीब ढाई बजे वह लखनऊ-प्रयागराज हाईवे से बांदा-बहराइच हाईवे को जोड़ने वाले पहुरावा-नहर कोठी बाइपास पर था। जलालपुर गांव के ठीक पास अचानक उसकी बाइक तेज झटका खाकर रुक गई।

रामानुज को पहले तो समझ ही नहीं आया कि हुआ क्या। अगले ही पल उसे लगा जैसे कोई तार उसके गले को कस रहा हो। देखते-देखते बाइक अनियंत्रित हो गई और वह सड़क पर जा गिरा। चाइनीज मंझा इतना तेज और मजबूत था कि उसने रामानुज को बाइक समेत खींच लिया। वह कई चक्कर खाता हुआ सड़क पर घिसटता चला गया। करीब 20-25 मीटर तक उसका शरीर और बाइक रगड़ते रहे। इस दौरान उसका हेलमेट उड़ गया, कपड़े फट गए और शरीर पर गहरी चोटें आईं।

राहगीरों ने बचाई जान

घटना उस वक्त हुई जब बाइपास पर कुछ गाड़ियां और लोग मौजूद थे। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़े। किसी ने फौरन मंझा काटा, किसी ने बाइक बंद की। रामानुज खून से लथपथ था और दर्द से कराह रहा था। लोगों ने उसे उठाकर ऑटो में डाला और तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बछरावां पहुंचाया।

अस्पताल में डॉक्टरों ने देखा तो स्थिति गंभीर थी। गले पर गहरा निशान था, गर्दन, कंधे और पीठ पर चमड़ी उधेड़ गई थी। हाथ-पैर में भी गहरी खरोंचें और चोटें थीं। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रायबरेली रेफर कर दिया। वहां उसका अभी इलाज चल रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि हालत स्थिर है लेकिन पूरी तरह खतरे से बाहर नहीं है।

चाइनीज मंझा, हर साल लेता है कई जानें

यह कोई पहली घटना नहीं है। हर साल उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में चाइनीज मंझा कई लोगों की जान ले चुका है। यह मंझा प्लास्टिक और कांच के पाउडर से लेपित होता है, जिसकी वजह से यह धातु के तार जितना मजबूत और नुकीला हो जाता है। हवा में लहराते हुए यह बिजली के तारों से भी खतरनाक साबित होता है।

पिछले कई सालों से सरकार ने चाइनीज मंझे पर पूरी तरह बैन लगा रखा है, लेकिन फिर भी यह बाजार में धड़ल्ले से बिक रहा है। पतंगबाजों की मांग की वजह से दुकानदार चोरी-छिपे इसे बेचते हैं। कई बार तो यह मंझा पेड़ों, खंभों और पुलों पर महीनों तक लटका रहता है और बाद में राहगीरों के लिए काल बन जाता है।

लोग बोले,अब बहुत हुआ, इसे पूरी तरह बंद करो

घटना की खबर जैसे ही गांव और आसपास फैली, लोग गुस्से में आ गए। बछरावां बाजार में कई लोगों ने कहा, “हर साल कोई न कोई मरता है या घायल होता है। पुलिस और प्रशासन सिर्फ कागजों में कार्रवाई करती है। असल में कोई दुकानदार पकड़ा ही नहीं जाता।”

एक बुजुर्ग ने कहा, “हमारे जमाने में सूती धागे की मांझा से पतंग उड़ाते थे, किसी को नुकसान नहीं होता था। आजकल के बच्चे चाइनीज मंझा लाते हैं और सड़क पर ही छोड़ देते हैं। इसका नतीजा ये होता है।”

प्रशासन की चेतावनी, लेकिन कार्रवाई कहां

बछरावां थाना प्रभारी ने बताया कि चाइनीज मंझे की बिक्री और इस्तेमाल पर सख्ती से पाबंदी है। कई बार छापे भी मारे गए हैं। लेकिन दुकानदार इसे छिपाकर बेचते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि अगर कहीं चाइनीज मंझा बिकता दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। साथ ही पतंग उड़ाते समय सड़क के ऊपर न उड़ाएं।

फिलहाल रामानुज की जान तो बच गई, लेकिन उसकी तकलीफ देखकर हर कोई सहम गया है। लोग दुआ कर रहे हैं कि वह जल्दी ठीक हो जाए। लेकिन सवाल वही पुराना है – कब तक चाइनीज मंझा निर्दोष लोगों की जान लेता रहेगा? कब इस पर पूरी तरह रोक लगेगी

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