Gorakhpur : उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज सैनिक स्कूल गोरखपुर (Gorakhpur) में भारत के प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) स्वर्गीय जनरल बिपिन रावत की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम को संबोधित किया। इस मौके पर जनरल रावत की सुपुत्री श्रीमती कृतिका रावत, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, मत्स्य एवं जल संसाधन मंत्री डॉ. संजय निषाद सहित कई अतिथि मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सबसे पहले भारत के प्रथम CDS जनरल बिपिन रावत और 8 दिसंबर 2021 के कुन्नूर हेलिकॉप्टर हादसे में उनके साथ शहीद हुए सभी 12 वीर जवानों एवं उनकी पत्नी स्व. मधुलिका रावत को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

सीएम योगी ने कहा, “भारत के तीनों सेनाओं के सर्वोच्च पदों पर रहने के बाद भी जनरल बिपिन रावत ने जिस सादगी, संवेदनशीलता और देशभक्ति के साथ काम किया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है। वे न केवल एक कुशल सैन्य कमांडर थे, बल्कि भारतीय सशस्त्र बलों में ऐतिहासिक सुधार करने वाले सबसे बड़े रिफॉर्मर भी थे। सर्जिकल स्ट्राइक हो या थिएटर कमांड की संकल्पना – उनके नेतृत्व में भारतीय सेना ने नई ऊंचाइयां छुईं।”
मुख्यमंत्री ने जनरल रावत फाउंडेशन और विशेष रूप से इसके अध्यक्ष मंजीत नेगी एवं उनकी पूरी टीम की प्रशंसा की, जो देश के अलग-अलग हिस्सों में निरंतर कार्यक्रम आयोजित कर जनरल रावत के योगदान को जीवंत रख रहे हैं।
सीएम योगी ने कहा कि “आज का भारत यदि सुरक्षित और आत्मनिर्भर भारत बनना चाहता है तो हमें जनरल रावत जैसे महान सैनिकों की स्मृति को अपने जीवन का हिस्सा बनाना होगा। हमें गुलामी की उस मानसिकता को पूरी तरह त्यागना होगा जो आज भी सिकंदर, बाबर या औरंगजेब को महान कहती है, जबकि अपने महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज, गुरु गोविंद सिंह जी, रानी लक्ष्मीबाई और जनरल बिपिन रावत जैसे वीर सपूतों को उचित सम्मान नहीं देती। जो राष्ट्र अपने वीरों का सम्मान नहीं करता, वह कभी आगे नहीं बढ़ सकता।”
अंत में मुख्यमंत्री योगी ने कहा, “जनरल बिपिन रावत ने कहा था – ‘सेना का काम सिर्फ युद्ध लड़ना नहीं, युद्ध जीतना है।’ आज हम सभी को संकल्प लेना है कि हम उनके सपनों का न्यू इंडिया, सशक्त भारत और आत्मनिर्भर भारत अवश्य बनाएंगे।”
कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
जनरल रावत की पुत्री कृतिका और तारिणी रावत ने भी भावुक होकर पिता की स्मृतियों को साझा किया और फाउंडेशन के कार्यों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।










