रायबरेली में कांग्रेसियों को राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह का पुतला फूंकना भारी पड़ गया। जिसमें पुलिस ने अमीन पठान सहित 10 कांग्रेसियों पर मुकदमा दर्ज किया है। इसी को लेकर कलेक्ट्रेट में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के विरोधी नारों के साथ विरोध प्रदर्शन किया गया और भाजपा के मंत्री दिनेश सिंह पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई।
बताते चलें कि कांग्रेसियों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा है। आरोप है यूपी सरकार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगा रही है। पिछले 10 सितंबर को जिले में सांसद राहुल गांधी के काफिले को रोके जाने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह का पुतला फूंक दिया था। यह घटना राहुल गांधी के दो दिवसीय दौरे के दौरान हुई, जब भाजपा समर्थकों ने काफिले का रास्ता रोका था। इस विरोध प्रदर्शन के बाद भाजपा कार्यकर्ता आशीष पाठक ने कोतवाली थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया।पुलिस ने कांग्रेस नेता आमीन पठान सहित 10 नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया। आरोपियों में कांग्रेस के नेता शामिल हैं, जिन पर पुतला दहन के दौरान सार्वजनिक स्थान पर अवरोध पैदा करने और कानून-व्यवस्था भंग करने का आरोप लगाया गया है। बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे कांग्रेसियों ने झूठे मुकदमे वापस लो और ‘भाजपा सरकार मुर्दाबाद’ जैसे नारे लगा रहे थे। प्रदर्शन के बाद सिटी मजिस्ट्रेट को एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें मुकदमा वापस लेने की मांग की गई है।ज्ञापन में कहा गया कि यह मुकदमा राजनीतिक प्रतिशोध का परिणाम है और भाजपा सरकार विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।

जिला उपाध्यक्ष विजय शंकर अग्निहोत्री, शहर कांग्रेस अध्यक्ष धीरज श्रीवास्तव, आशीष द्विवेदी ने प्रदर्शन स्थल पर कहा कि सरकार के मंत्री ने पिछले दिनों राहुल गांधी के विरोध में सड़क पर धरना दिया और उनका चित्र जलाया, लेकिन किसी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, कोतवाली में फर्जी मुकदमा कांग्रेसियों के खिलाफ दर्ज कराया गया। हमारी मांग है कि इसे तुरंत वापस लिया जाए।” उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस अपनी लड़ाई लड़ना जानती है और इस मुद्दे पर सड़क से लेकर सदन तक लड़ाई जारी रखेगी। अग्निहोत्री ने आगे कहा कि मंत्री पर भी मुकदमा दर्ज किया जाए हाइवे जाम पर भाजपा खुद विरोध प्रदर्शन करती है, लेकिन जब कांग्रेस करती है, तो कानून का दुरुपयोग करती है।जनता इस तानाशाही को बर्दाश्त नहीं करेगी।
बता दें कि हाल ही में राहुल गांधी के दौरे के दौरान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने काफिले को रोका था, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। कांग्रेस ने इसे ‘हमला’ करार दिया, जबकि भाजपा ने इसे ‘लोकतांत्रिक विरोध’ बताया। इसके अलावा, प्रियंका गांधी वाड्रा पर मंत्री सिंह के कथित अभद्र बयान को लेकर भी कांग्रेस ने पुतला दहन किया था।










