Diabetes Myths Busted: भारत में डायबिटीज के मरीजों की संख्या 10 करोड़ से ज्यादा पहुंच चुकी है, और सोशल मीडिया पर हर दिन नए-नए ‘घरेलू इलाज’ वायरल हो रहे हैं। लोग मानते हैं कि गुड़ और शहद चीनी से बेहतर हैं, जबकि जामुन और मेथी खाने से बीमारी जड़ से खत्म हो जाती है। लेकिन क्या ये दावे सच हैं? कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल की कंसल्टेंट डाइटीशियन ऐश्वर्या ए. कुम्भाकोणी ने इन मिथकों को पूरी तरह बस्ट कर दिया है। उनका कहना है कि डायबिटीज का कोई एक चमत्कारी इलाज नहीं है। यह मेडिकल ट्रीटमेंट, नियमित व्यायाम, ब्लड शुगर मॉनिटरिंग और संतुलित आहार से ही कंट्रोल होती है। कोई सिंगल फूड या नुस्खा बीमारी को जड़ से खत्म नहीं कर सकता।
मिथक 1: गुड़ और शहद डायबिटीज में सुरक्षित/Diabetes Myths Busted
भारतीय घरों में यह आम धारणा है कि गुड़ ‘नेचुरल’ है और इसमें मिनरल्स होते हैं, इसलिए डायबिटीज वाले इसे खुलकर खा सकते हैं। शहद को भी ‘हेल्दी स्वीटनर’ माना जाता है। लेकिन सच यह है कि गुड़ और शहद दोनों में कार्बोहाइड्रेट और कैलोरी चीनी जितनी ही होती है। दोनों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स हाई होता है, जो ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाता है। एक्सपर्ट ऐश्वर्या कहती हैं, “गुड़ में 98-99% चीनी ही होती है। शहद में एंटीऑक्सीडेंट्स हैं, लेकिन यह भी ब्लड ग्लूकोज स्पाइक करता है। ‘नेचुरल’ होने का मतलब डायबिटीज फ्रेंडली नहीं होता।” दोनों को सीमित मात्रा में ही लें, और इलाज समझकर बिल्कुल नहीं।

मिथक 2: जामुन खाने से डायबिटीज ठीक हो जाती है
जामुन (इंडियन ब्लैकबेरी) को डायबिटीज का ‘सुपरफूड’ माना जाता है। लोग कहते हैं कि इसके बीज या फल खाने से शुगर कंट्रोल हो जाती है और बीमारी ‘छूमंतर’ हो जाती है। लेकिन वैज्ञानिक तथ्य क्या कहते हैं? जामुन में फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स जरूर हैं, जो डाइजेशन में मदद करते हैं, लेकिन कोई स्टडी यह साबित नहीं करती कि यह डायबिटीज को क्योर करता है। साबुत फल खाना बेहतर है, जूस से बचें क्योंकि जूस में फाइबर कम होता है और शुगर तेजी से बढ़ती है। एक्सपर्ट की सलाह: संतुलित आहार में शामिल करें, लेकिन दवा और लाइफस्टाइल चेंज के बिना कोई फायदा नहीं।
मिथक 3: मेथी दाना डायबिटीज का रामबाण इलाज है
मेथी के दाने, पानी या पाउडर को डायबिटीज कंट्रोल का सबसे आसान तरीका बताया जाता है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हैं कि रातभर भिगोकर सुबह मेथी पानी पीने से शुगर नॉर्मल हो जाती है। लेकिन ऐश्वर्या कुम्भाकोणी स्पष्ट कहती हैं, “अब तक किसी एक खाद्य पदार्थ को डायबिटीज का इलाज साबित नहीं किया गया है।” मेथी में सॉल्युबल फाइबर होता है, जो कार्ब्स अब्सॉर्ब्शन को धीमा कर सकता है और इंसुलिन सेंसिटिविटी सुधार सकता है, लेकिन यह सहायक है, इलाज नहीं। बिना डॉक्टर की सलाह के ज्यादा इस्तेमाल से पेट की समस्या या दवा के साथ इंटरैक्शन हो सकता है।
अन्य आम मिथक और उनके सच
- ज्यादा चीनी खाने से सीधे डायबिटीज होती है: सच नहीं। रिफाइंड शुगर वजन बढ़ाती है, जो इंसुलिन रेजिस्टेंस का कारण बनती है। टाइप 2 डायबिटीज इससे जुड़ी है, टाइप 1 ऑटोइम्यून है।
- फल पूरी तरह छोड़ दें: गलत। साबुत फल फाइबर, विटामिन देते हैं। जूस से बचें।
- शुगर-फ्री मिठाइयां पूरी तरह सुरक्षित: नहीं। इनमें फैट और कैलोरी ज्यादा होती है।
- डायबिटीज सिर्फ मोटे लोगों को होती है: दुबले लोगों में भी आंतरिक चर्बी से जोखिम बढ़ता है।
एक्सपर्ट की सलाह क्या है ?
डायबिटीज मैनेजमेंट में मेडिकल न्यूट्रिशन थेरेपी सबसे महत्वपूर्ण है। संतुलित भोजन में फाइबर, प्रोटीन और हेल्दी फैट का बैलेंस रखें। कोई सुपरफूड या नुस्खा चमत्कार नहीं करता। डॉक्टर और डाइटीशियन से व्यक्तिगत प्लान बनवाएं। ब्लड शुगर नियमित चेक करें, दवा समय पर लें और व्यायाम जारी रखें।










