जलभराव से परेशान लोग सड़कों पर उतर कर किया विरोध
ब्यूरो रिपोर्ट : शिवा मौर्य

रायबरेली : वीवीआईपी कहे जाने वाले जनपद के इस शहर में स्वच्छ भारत मिशन की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रहे हैं। सड़क पर वर्षों से भारी गंदगी युक्त जलभराव को लेकर मोहल्ले वासियों ने सड़कों पर उतरकर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है और मांग की है कि जल्द से जल्द इस जल भराव की समस्या से निजात दिलाया जाए अन्यथा आक्रोश मुख्यालय तक पहुंचेगा।
बताते चलें कि नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत आने वाले वार्ड नंबर 17 रतापुर चौराहा स्थित चमेला भवन मोहल्ले में वर्षों से चली आ रही जलभराव और गंदगी की समस्या ने अब ग्रामीणों का सब्र तोड़ दिया है। बारिश के मौसम में मुख्य रास्ते पर गंदगी युक्त पानी भर जाने से लोगों को आने-जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, यहां तक की बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं और कोई भी आने-जाने वाला साधन इस रास्ते पर भूल से भी नहीं आता है। निर्धारित रेट से ज्यादा पैसे देने पर भी ऑटो चालक या रिक्शा चालक नहीं आते है। बीमार लोग घरों से नहीं निकल पा रहे हैं। बच्चों का भविष्य अंधकार मय हो रहा है।इस जल भराव में लोग गिर कर चोटिल हो रहे हैं। जिसके कारण विभिन्न प्रकार की बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है। आज शनिवार को दोपहर करीब 12 बजे स्थानीय निवासियों ने इस समस्या के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और अधिकारियों पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। चमेला नगर मोहल्ले की रहने वाली ललिता वर्मा ने कहा यह समस्या कई वर्षों से बनी हुई है। हर बारिश के सीजन में मुख्य सड़क पर जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण गंदा पानी भर जाता।
यही के रहने वाले कन्हैयालाल सोनी ने बताया कि।इसी गंदगी युक्त जल भराव में उनकी पत्नी गिर गई जिसकी वजह से उनकी कमर टूट गई और वह करीब डेढ़ वर्ष से चारपाई से उठ नहीं पा रही हैं। जिनके इलाज के लिए आने-जाने में भारी समस्या होती है। कोई भी वहां यहां तक आ नहीं पता है। यहां की रहने वाली ललित ने बताया कि इससे न केवल आवागमन बाधित होता है, बल्कि मच्छरों और कीड़ों का प्रजनन स्थल बन जाता है, जो डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों को न्योता देता है। मोहल्ले के एक बुजुर्ग निवासी राम प्रसाद ने बताया, “हमने डीएम महोदय से लेकर नगर पालिका के विभिन्न अधिकारियों तक कई शिकायतें कीं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बच्चे-बूढ़े सब परेशान हैं, और अब तो स्वास्थ्य संबंधी खतरा भी बढ़ गया है।

नगर पालिका अध्यक्ष सतरोहन सोनकर ने मामले को संज्ञान में ले लिया। उन्होंने कहा हमें इस समस्या की जानकारी है। जल्द ही जल निकासी की उचित व्यवस्था कराई जाएगी। हमारी टीम मौके पर पहुंचकर सर्वे करेगी और आवश्यक कदम उठाएगी। निवासियों से अपील है कि धैर्य रखें, हम उनकी परेशानी दूर करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।।अध्यक्ष ने यह भी बताया कि बजट प्रावधान के तहत वार्ड 17 में ड्रेनेज वर्क को प्राथमिकता दी जाएगी। हालांकि, ग्रामीणों ने कहा कि वादों से तंग आ चुके हैं और अब ठोस कार्रवाई ही स्वीकार्य होगी। मोहल्ले वालों ने कहा नगर पालिका के लिए एक चुनौती है। यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो यह बड़े स्तर पर स्वास्थ्य संकट पैदा कर सकता है। स्थानीय प्रशासन को अब तत्काल कदम उठाने होंगे ताकि चमेला नगर जैसे इलाकों में बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित हो सकें।










