Elon Musk FSD Changes 2026: टेस्ला के फुल सेल्फ-ड्राइविंग (FSD) सिस्टम को लेकर बड़ा बदलाव आ गया है। कंपनी के सीईओ एलन मस्क ने 14 जनवरी 2026 को X (पूर्व ट्विटर) पर ऐलान किया कि अब FSD को एक बार में खरीदना (वन-टाइम पेमेंट) संभव नहीं रहेगा। 14 फरवरी 2026 के बाद यह सिर्फ मंथली सब्सक्रिप्शन के जरिए उपलब्ध होगा। यह फैसला टेस्ला के लाखों कस्टमर्स के लिए गेम-चेंजर है, क्योंकि पहले लोग 8,000 डॉलर (लगभग 6.5-7 लाख रुपये) देकर इसे हमेशा के लिए खरीद लेते थे, लेकिन अब हर महीने पैसे देने पड़ेंगे। आइए समझते हैं क्या हुआ, क्यों हुआ और इसका क्या असर होगा।
क्या है टेस्ला का FSD सिस्टम?/Elon Musk FSD Changes 2026
FSD टेस्ला का सबसे एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस फीचर है। यह ऑटोपायलट से आगे की चीज है – इसमें कार खुद लेन चेंज करती है, ट्रैफिक सिग्नल और स्टॉप साइन पर रुकती है, हाईवे पर ऑटोमैटिक ड्राइव करती है और शहर की सड़कों पर भी नेविगेट करती है। लेकिन ध्यान दें, यह अभी भी “सुपरवाइज्ड” है – मतलब ड्राइवर को हमेशा तैयार रहना पड़ता है, हाथ स्टीयरिंग पर रखना होता है। असली सेल्फ-ड्राइविंग (अनसुपरवाइज्ड) अभी नहीं आई है।

पहले अमेरिका में FSD की कीमत:
- एक बार में खरीदने पर: 8,000 डॉलर (करीब 6.8 लाख रुपये)।
- मंथली सब्सक्रिप्शन: 99 डॉलर प्रति महीना (करीब 8,300 रुपये)।
भारत में टेस्ला अभी ऑफिशियल नहीं है, लेकिन अगर आएगी तो FSD की कीमतें इसी तरह की होंगी, प्लस इंपोर्ट ड्यूटी और टैक्स।
एलन मस्क का नया फैसला क्या है?
मस्क ने X पर लिखा: “Tesla will stop selling FSD after Feb 14. FSD will only be available as a monthly subscription thereafter.” यानी 14 फरवरी के बाद FSD सिर्फ सब्सक्रिप्शन से मिलेगा। जो लोग 14 फरवरी से पहले खरीद लेंगे, उन्हें पुराना वन-टाइम लाइसेंस मिल जाएगा, लेकिन उसके बाद नया कोई नहीं खरीद पाएगा।
यह बदलाव अचानक नहीं आया। टेस्ला पहले से FSD को सब्सक्रिप्शन मॉडल पर जोर दे रही थी, क्योंकि ज्यादातर कस्टमर्स महंगे एकमुश्त पेमेंट से बचते थे। अब कंपनी ने इसे पूरी तरह सब्सक्रिप्शन-ओनली कर दिया।
क्यों लिया मस्क ने यह फैसला?
कई वजहें हैं:
- स्टेबल रेवेन्यू: वन-टाइम पेमेंट से कंपनी को एक बार पैसे मिलते हैं, लेकिन सब्सक्रिप्शन से हर महीने रेगुलर इनकम आएगी। यह टेस्ला के लिए SaaS (सॉफ्टवेयर ऐज अ सर्विस) मॉडल है, जो वॉल स्ट्रीट को पसंद आता है।
- FSD सब्सक्राइबर्स का टारगेट: मस्क का कम्पेंसेशन पैकेज 10 मिलियन एक्टिव FSD सब्सक्रिप्शंस पर आधारित है (2035 तक)। सब्सक्रिप्शन-ओनली करके यह टारगेट जल्दी हासिल हो सकता है।
- ट्रांसफर की समस्या खत्म: पहले जो लोग FSD खरीदते थे, उन्हें नई कार में ट्रांसफर नहीं मिलता था। सब्सक्रिप्शन से यह समस्या खत्म हो जाती है – आप कार बदलें, सब्सक्रिप्शन जारी रहेगा।
- FSD की वैल्यू बढ़ाने की तैयारी: जैसे-जैसे FSD बेहतर होता जाएगा (अनसुपरवाइज्ड आएगा), मस्क सब्सक्रिप्शन प्राइस बढ़ा सकते हैं। अभी 99 डॉलर है, लेकिन फुल ऑटोनॉमी आने पर ज्यादा हो सकती है।
- कस्टमर्स को फायदा?: कुछ एक्सपर्ट्स कहते हैं कि सब्सक्रिप्शन बेहतर है, क्योंकि अगर FSD अच्छा नहीं लगा तो कैंसल कर सकते हैं। लेकिन कई लोग इसे “सब्सक्रिप्शन हेल” कह रहे हैं – हर चीज सब्सक्रिप्शन में।
कस्टमर्स पर क्या असर पड़ेगा?
- पुराने कस्टमर्स: जो पहले खरीद चुके हैं, उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उनका लाइसेंस हमेशा के लिए रहेगा।
- नए खरीदने वाले: अब उन्हें हर महीने 99 डॉलर देने पड़ेंगे। लंबे समय में महंगा पड़ सकता है (1 साल में 1,188 डॉलर, 8 साल में 8,000 डॉलर से ज्यादा)।
- भारत में असर: टेस्ला भारत में नहीं है, लेकिन अगर 2026-27 में लॉन्च हुई तो FSD सब्सक्रिप्शन-ओनली होगा। भारतीय कस्टमर्स पहले से महंगे इलेक्ट्रिक कारों से जूझ रहे हैं, अब FSD के लिए एक्स्ट्रा मंथली खर्च।
- मार्केट पर: यह ऑटोनॉमस ड्राइविंग को तेजी से आगे बढ़ाएगा, क्योंकि ज्यादा लोग ट्रायल करेंगे। लेकिन कुछ लोग इसे महंगा मानकर FSD नहीं लेंगे।
निष्कर्ष
यह फैसला टेस्ला को ऑटोनॉमी कंपनी बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। मस्क का सपना है कि FSD से टेस्ला रोबोटैक्सी चला सके, और सब्सक्रिप्शन से रेवेन्यू बढ़ेगा। लेकिन कई कस्टमर्स नाराज हैं – वे कह रहे हैं कि FSD अभी परफेक्ट नहीं है, फिर भी सब्सक्रिप्शन क्यों?










