Kriti Sanon Rakhi Ad Controversy: रक्षाबंधन के मौके पर ज्वेलरी ब्रांड GIVA की ओर से जारी किया गया अभिनेत्री कृति सेनन का विज्ञापन अब विवादों में घिरने के बाद वापस ले लिया गया है। विज्ञापन में कृति सेनन को भाई को राखी बांधते हुए दिखाया गया था, लेकिन लोगों का ध्यान कैंपेन के संदेश से ज्यादा उनके पहनावे पर चला गया। सोशल मीडिया के एक वर्ग ने इसे पारंपरिक त्योहार के अनुरूप नहीं बताया। विवाद बढ़ने के बाद GIVA ने 26 अगस्त को विज्ञापन को सभी मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाने का फैसला किया।
ब्रालेट स्टाइल ब्लाउज बना विवाद की वजह

GIVA के इस कैंपेन में कृति सेनन ऑफ-व्हाइट इंडो-वेस्टर्न लुक में नजर आई थीं। उन्होंने ब्रालेट स्टाइल ब्लाउज के साथ केप और ड्रेप्ड स्कर्ट पहनी थी। विज्ञापन का कॉन्सेप्ट रक्षाबंधन के भावनात्मक पहलू को आधुनिक अंदाज में दिखाने की कोशिश था, लेकिन कुछ सोशल मीडिया यूजर्स को यह प्रस्तुति पसंद नहीं आई। खासतौर पर उनके कपड़ों को लेकर सवाल उठाए गए।
पेट को राखी बांधने पर भी उठे सवाल
विज्ञापन की कहानी सिर्फ भाई-बहन तक सीमित नहीं थी। इसमें पेट्स को भी परिवार का हिस्सा मानते हुए त्योहार की खुशी उनके साथ साझा करने का संदेश दिया गया था। कृति सेनन को अपने डॉग के साथ भी रक्षाबंधन मनाते दिखाया गया। यही पहलू कुछ दर्शकों के लिए चर्चा का दूसरा कारण बना। हालांकि ब्रांड ने बाद में साफ किया कि कैंपेन के पीछे परिवार और पालतू जानवरों के साथ त्योहार की खुशियां बांटने का विचार था।
सोशल मीडिया पर तेज हुई बहस
विज्ञापन सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। एक तरफ लोगों ने इसे पारंपरिक त्योहार को नए तरीके से पेश करने की कोशिश बताया, वहीं दूसरी तरफ कुछ यूजर्स ने कपड़ों और विज्ञापन की प्रस्तुति पर आपत्ति जताई। देखते ही देखते मामला सिर्फ एक विज्ञापन तक सीमित नहीं रहा और संस्कृति, फैशन तथा महिलाओं की पसंद को लेकर बहस शुरू हो गई।
कंगना रनौत ने भी कृति सेनन पर साधा निशाना
विवाद को उस समय और हवा मिली जब अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने विज्ञापन पर सवाल उठाए। उन्होंने कृति के पहनावे को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी टिप्पणी की और पूछा कि भाई को राखी बांधते समय ऐसा पहनावा क्यों चुना गया। कंगना की टिप्पणी के बाद यह मुद्दा सोशल मीडिया पर और ज्यादा सुर्खियों में आ गया।
कृति सेनन ने भी दिया था जवाब
आलोचना के बीच कृति सेनन ने अपने पहनावे का बचाव किया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर महिलाओं के कपड़ों को लेकर इतनी चर्चा क्यों होती है। अभिनेत्री ने यह भी कहा कि त्योहारों की असली भावना कपड़ों से ज्यादा रिश्तों, भावनाओं और परंपराओं में होती है। उन्होंने अपने पेट्स को भी परिवार का हिस्सा बताते हुए रक्षाबंधन की भावना से जोड़ने की बात कही।
विवाद बढ़ा तो GIVA ने लिया यू-टर्न
मामला लगातार तूल पकड़ने के बाद GIVA ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर बयान जारी किया। ब्रांड ने भारतीय संस्कृति, परंपराओं और त्योहारों के प्रति सम्मान जताते हुए कहा कि विज्ञापन का मकसद किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। कंपनी ने यह भी बताया कि कैंपेन का उद्देश्य परिवार के साथ-साथ पालतू जानवरों तक त्योहार की खुशी पहुंचाना था।
ब्रांड ने विवाद के बाद विज्ञापन को सभी मीडिया प्लेटफॉर्म से वापस लेने का फैसला किया।
अब चर्चा सिर्फ विज्ञापन की नहीं, सोच की भी
कृति सेनन के GIVA विज्ञापन ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि भारतीय त्योहारों को विज्ञापनों में आधुनिक अंदाज से पेश करते समय सांस्कृतिक संवेदनशीलता का कितना ध्यान रखा जाना चाहिए। एक तरफ बदलते फैशन और नए दौर की सोच है, तो दूसरी तरफ त्योहारों से जुड़ी पारंपरिक अपेक्षाएं। GIVA के विज्ञापन को हटाए जाने के बाद यह बहस और तेज हो गई है कि क्रिएटिव आजादी और सांस्कृतिक भावनाओं के बीच सही संतुलन आखिर कैसे बनाया जाए।










