Fake Bail Surety Gang Busted Raebareli : उत्तर प्रदेश में अपराधियों पर नकेल कसने के लिए चल रहे सख्त अभियान के बीच रायबरेली पुलिस ने एक बहुत बड़ा खुलासा किया है। पैसों के लालच में खूंखार अपराधियों को फर्जी कागजात बनवा कर जमानत दिलाने वाले एक पुराने गैंग का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि गैंग का सरगना माना जा रहा एक शख्स अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जगह-जगह दबिश दे रही है।
ये हैं गिरफ्तार आरोपी, सभी एक ही गांव के

पुलिस ने सोमवार को बड़ी मुस्तैदी से कार्रवाई करते हुए चार लोगों को धर दबोचा। इनके नाम हैं –
- हजारीलाल
- हीरालाल
- दिनेश
- रामकिशोर
ये चारों आरोपी ग्राम शाह का पुरवा (रायबरेली) के रहने वाले हैं। फरार आरोपी का नाम हरिश्चंद्र है, जिसे पुलिस ने जल्द पकड़ने का दावा किया है।
कैसे चलता था पूरा खेल
यह गैंग सालों से यह गंदा धंधा चला रहा था। जेल में बंद बड़े-बड़े अपराधी या उनके परिवार वाले इन लोगों से संपर्क करते थे। ये लोग पहले 50 हजार से लेकर 2 लाख रुपये तक की मोटी रकम लेते थे। फिर अपने नाम की फर्जी जमीन के कागजात, फर्जी आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक पासबुक जैसी तमाम नकली दस्तावेज तैयार करते थे।
इसके बाद ये खुद कोर्ट में जमानतदार (surety) दिखाकर कोर्ट में खड़े हो जाते थे। जज साहब को लगता था कि जमानतदार सही है और अच्छी-खासी संपत्ति का मालिक है, इसलिए जमानत दे दी जाती थी। जमानत मिलते ही खूंखार अपराधी बाहर आ जाता और फिर से लूट, डकैती, हत्या जैसे बड़े अपराध करने लगता था। यानी अपराध की जड़ में ये फर्जी जमानतदार ही थे।
गुप्त सूचना पर मिली सफलता
पुलिस को काफी दिनों से इस गैंग की भनक थी। कुछ दिन पहले गुप्त सूचना मिली कि यह गिरोह फिर से किसी बड़े अपराधी को जमानत दिलाने की तैयारी कर रहा है। सूचना मिलते ही शहर कोतवाली प्रभारी ने अपनी टीम के साथ प्लान बनाया और ठिकाने पर दबिश दी। वहाँ ये चारों आरोपी आपस में फर्जी कागजात तैयार करते पकड़े गए।
पुलिस ने तलाशी ली तो इनके पास से ढेर सारे फर्जी दस्तावेज बरामद हुए –
- कई फर्जी आधार कार्ड
- फर्जी राशन कार्ड
- फर्जी जमीन के कागजात (खतौनी, खसरा)
- फोटो चिपकाने वाली फाइलें
- फर्जी मुहरें और अन्य सामान
अब कई कुख्यात अपराधी फिर जाएंगे जेल
कोतवाली पुलिस का कहना है कि इस गैंग के पकड़े जाने से अब दर्जनों ऐसे अपराधी फिर से जेल की हवा खाएंगे जिन्हें इन्हीं फर्जी जमानतदारों ने बाहर निकलवाया था। पुलिस अब उन सभी पुराने केसों की फाइलें खंगाल रही है जिनमें इन लोगों ने जमानत कराई थी। जल्द ही कोर्ट में अर्जी देकर उनकी जमानत रद्द कराई जाएगी।
एसपी की सख्ती का असर, डीजीपी के निर्देश पर एक्शन
यह पूरी कार्रवाई उत्तर प्रदेश के डीजीपी प्रशांत कुमार के दिए गए निर्देशों पर हुई है। डीजीपी साहब ने साफ कहा था कि फर्जी जमानतदारों पर सख्ती की जाए क्योंकि यही लोग अपराधियों को बार-बार बाहर लाकर समाज में दहशत फैला रहे हैं।
रायबरेली के पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह ने खुद इस मामले पर नजर रखी और लगातार टीम को दबाव बनाए रखने को कहा। नतीजा यह हुआ कि सालों से चल रहा यह गैंग आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ ही गया।
अपराधियों में खलबली, आम जनता ने किया स्वागत
इस खुलासे के बाद जिले के कुख्यात अपराधियों में हड़कंप मच गया है। वहीं आम जनता ने पुलिस की इस कार्रवाई का जोरदार स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि अब अपराधी सोचेंगे कि जेल से बाहर आकर भी वे ज्यादा दिन आजाद नहीं रह पाएंगे।
पुलिस ने ऐलान किया है कि फरार आरोपी हरिश्चंद्र को जल्द पकड़ लिया जाएगा और इस पूरे गैंग के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जो भी कोर्ट कर्मचारी या वकील इस गैंग की मदद कर रहे थे, उनकी भी तलाश की जा रही है।










