रायबरेली में जीएसटी विभाग (GST Department) के भ्रष्टाचार और किसान उत्पीड़न का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आज मंगलवार, 7 अप्रैल 2026 को दोपहर करीब 11 बजे विकास भवन परिसर में किसान नेता रमेश बहादुर सिंह, भाजपा नेता संतोष पांडे समेत पीड़ित किसान और अन्य लोग धरने पर बैठ गए हैं। वे वाणिज्य कर विभाग की मनमानी और कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ जोरदार विरोध जता रहे हैं।
बताते हुए चलें कि सोमवार, 6 अप्रैल 2026 को दोपहर करीब 3 बजे जीएसटी विभाग की सचल टीम ने लालगंज थाना क्षेत्र के शहजौरा गांव के पास लोड़र को रोका गया। जिस टीन शेड और पाइप (संभवतः कृषि या निर्माण से संबंधित सामग्री लदा हुआ था। टीम की अगुवाई कर रही वाणिज्य कर अधिकारी सलोनी भारद्वाज ने जीएसटी (GST) चोरी का आरोप लगाते हुए गाड़ी को जब्त कर लिया और उसे शहर कोतवाली क्षेत्र के इंदिरा नगर स्थित विभागीय कार्यालय में खड़ा कर दिया। पीड़ित किसान अशोक तिवारी उन्नाव जिले के मौरावां थाना क्षेत्र अंतर्गत लोहरामऊ गांव के निवासी हैं।

उनका आरोप है कि वे अपने निजी उपयोग के लिए भूसा रखने हेतु तीन सेट और पाइप ले जा रहे थे। उनके पास सभी वैध बिल, वाउचर और दस्तावेज मौजूद थे, फिर भी अधिकारी ने उनकी कोई बात नहीं सुनी और गाड़ी जब्त कर ली।
पीड़ित किसान का कहना है — “अगर हमने GST चोरी की है तो नियम के अनुसार जुर्माना लगाकर गाड़ी छोड़ दी जाए। लेकिन बिना किसी ठोस सबूत के जब्ती करना और परेशान करना साफ तौर पर उत्पीड़न है।”
किसानों का आरोप है कि विभाग बड़े वाहनों और नियमित “हफ्ता” देने वालों को छोड़कर छोटे किसानों और आम व्यापारियों को निशाना बना रहा है। उन्होंने सलोनी भारद्वाज पर मनमानी, उत्पीड़न और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं।
सोमवार शाम से पीड़ित किसान और उनके समर्थक कलेक्टरेट परिसर (डीएम ऑफिस) में रातभर धरना देते रहे।
- पुलिस ने उन्हें रात में वहां से हटाकर विकास भवन भेज दिया।
- आज मंगलवार सुबह से वे विकास भवन परिसर में अपने न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं।
किसान नेता रमेश बहादुर सिंह और भाजपा नेता संतोष पांडे ने इस मामले को गंभीरता से उठाया है। उन्होंने कहा कि यदि विभाग की यह कार्यप्रणाली जारी रही तो पूरे जिले के किसान और व्यापारी सड़कों पर उतर आएंगे।
स्थानीय प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर इस घटना ने काफी तूल पकड़ लिया है। कई लोगों ने जीएसटी विभाग के अधिकारियों पर “किसानों को टारगेट करने” और “बड़े गुटों को छोड़ने” का आरोप लगाया है। भाजपा नेता संतोष पांडे ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों की आय से अधिक संपत्ति की जांच कराई जाए, जो सरकार की छवि खराब कर रहे हैं।
प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन पीड़ित किसान न्याय मिलने तक धरना जारी रखने की ठान चुके हैं।
यह मामला रायबरेली में वाणिज्य कर विभाग की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाता है और छोटे किसानों के साथ हो रहे कथित उत्पीड़न को उजागर करता है। आगे की अपडेट के लिए प्रशासन और विभागीय जांच पर नजर बनी हुई है।











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