Gorakhpur : अवैध खनन पर DM दीपक मीणा का सख्त एक्शन, 4 वाहनों पर शिकंजा

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर (Gorakhpur) जिले में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा एक्शन लिया है। जिलाधिकारी (DM) दीपक मीणा के सख्त निर्देश पर खनन विभाग की टीम ने खोराबार क्षेत्र में चल रहे अवैध खनन पर छापेमारी की। इस अभियान में एक जेसीबी, एक डंपर और दो ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित कुल 4 वाहनों को सीज कर लिया गया। DM मीणा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जिले में अवैध खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों से राजस्व की वसूली की जाएगी। यह कार्रवाई न केवल माफियाओं पर लगाम कसेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सरकारी राजस्व की रक्षा में भी महत्वपूर्ण साबित होगी।

अवैध खनन का काला कारोबार: खोराबार क्षेत्र में माफियाओं का दबदबा

गोरखपुर जिले का खोराबार क्षेत्र लंबे समय से अवैध खनन का केंद्र रहा है। यहां बालू और मिट्टी के अवैध उत्खनन से न केवल सरकारी खजाने को करोड़ों का नुकसान हो रहा है, बल्कि नदियों का किनारा कटाव, भूजल स्तर में गिरावट और पर्यावरणीय असंतुलन जैसी गंभीर समस्याएं भी पैदा हो रही हैं। स्थानीय निवासियों की शिकायतों के अनुसार, रात के अंधेरे में जेसीबी और डंपरों का उपयोग कर माफिया बड़े पैमाने पर खनन कर रहे थे। ये वाहन बिना किसी अनुमति के नदियों और खेतों से सामग्री निकालकर बाजारों में बेच रहे थे, जिससे किसानों की फसलें नष्ट हो रही थीं और सड़कों पर धूल प्रदूषण बढ़ रहा था।

DM दीपक मीणा ने पदभार ग्रहण करने के बाद से ही भू-माफियाओं और खनन माफियाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। जुलाई 2025 में गाजियाबाद से गोरखपुर डीएम बनने के बाद उन्होंने तहसीलों और विकास खंडों में राजस्व मामलों के निस्तारण को तेज करने के साथ-साथ अवैध गतिविधियों पर नकेल कसने के निर्देश दिए थे। खोराबार में यह कार्रवाई उनकी इस मुहिम का हिस्सा है, जहां खनन विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर रविवार रात को सघन छापेमारी की।

DM के निर्देश पर चली कार्रवाई: 4 वाहन सीज, चालक फरार

खनन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि DM के सख्त निर्देशों के अनुपालन में टीम ने खोराबार के नदी तट और आसपास के इलाकों में दबिश दी। छापेमारी के दौरान अवैध खनन में लिप्त एक जेसीबी मशीन, एक डंपर और दो ट्रैक्टर-ट्रॉली को मौके से जब्त कर लिया गया। ये वाहन बालू और मिट्टी से लदे हुए थे और बिना रॉयल्टी चुकाए परिवहन कर रहे थे। चालक और संचालक मौके पर पुलिस देखकर भागने में सफल हो गए, लेकिन वाहनों को खनन विभाग के यार्ड में खड़ा कर दिया गया है।

प्रारंभिक जांच में पाया गया कि ये वाहन स्थानीय माफियाओं के संरक्षण में संचालित हो रहे थे। विभाग ने वाहनों के मालिकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और FIR दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। खनन अधिकारी ने कहा, “DM साहब के निर्देश पर हमारी टीम 24 घंटे अलर्ट पर है। अवैध खनन में पकड़े गए वाहनों से राजस्व की वसूली की जाएगी, जो सरकारी खजाने में जमा होगा।”

DM दीपक मीणा की चेतावनी: “अवैध खनन किया तो भुगतना पड़ेगा”

DM दीपक मीणा ने जानकारी देते हुए कहा, “गोरखपुर में अवैध खनन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। माफियाओं को सख्त संदेश है कि अगर उन्होंने खनन किया तो उन्हें कानूनी कार्रवाई और आर्थिक नुकसान दोनों का सामना करना पड़ेगा। हमारी प्राथमिकता पर्यावरण की रक्षा और आम जनता के हितों की सुरक्षा है।” उन्होंने आगे जोड़ा कि जिले भर में खनन विभाग, पुलिस और पर्यावरण विभाग की संयुक्त टीमें गठित की गई हैं, जो नियमित निगरानी करेंगी। “फर्जी दस्तावेजों या रिश्वत के सहारे कोई भी माफिया नहीं बचेगा,” DM ने चेतावनी दी।

मीणा का यह बयान उनकी पिछली पोस्टिंग्स से प्रेरित लगता है। सिद्धार्थनगर और मेरठ में डीएम रहते हुए उन्होंने भू-माफियाओं के खिलाफ कई सफल अभियान चलाए थे, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार भी मिले हैं। गोरखपुर में भी वे जनसुनवाई को प्राथमिकता दे रहे हैं, जहां अवैध खनन की शिकायतें प्रमुख हैं।

भविष्य की रणनीति: सतत निगरानी और जन जागरूकता

प्रशासन ने अवैध खनन रोकने के लिए ड्रोन सर्विलांस और जीपीएस ट्रैकिंग की योजना बनाई है। साथ ही, स्थानीय ग्राम प्रधानों और एनजीओ को जागरूक करने के लिए कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई माफियाओं में खलबली मचा देगी और जिले में कानून का राज स्थापित करने में मदद करेगी। हालांकि, स्थानीय किसान संगठनों ने मांग की है कि प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाए और लंबे समय के लिए स्थायी समाधान ढूंढा जाए।

यह एक्शन न केवल गोरखपुर बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक उदाहरण है, जहां अवैध खनन एक बड़ी समस्या बनी हुई है। DM दीपक मीणा की अगुवाई में प्रशासन का यह साहसिक कदम सराहनीय है। आगे की कार्रवाइयों पर नजर रखी जा रही है।

दीपक मीणा (जिलाधिकारी, गोरखपुर) का बयान

“अवैध खनन से न केवल राजस्व की हानि हो रही है, बल्कि पर्यावरण और जन स्वास्थ्य को भी खतरा है। हम हर संभव प्रयास करेंगे कि जिला खनन-मुक्त बने। कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा।”

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