Hamara Aangan Hamare Bacche: रायबरेली डलमऊ ब्लॉक संसाधन केंद्र में ‘हमारा आंगन-हमारे बच्चे’ कार्यक्रम के तहत निपुण लक्ष्य हासिल करने वाले बच्चों को किया गया सम्मानित। कार्यक्रम में नई शिक्षा नीति पर विस्तृत चर्चा हुई और शिक्षकों-आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मिलकर बच्चों की प्रतिभा को निखारा।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की पूजा से/Hamara Aangan Hamare Bacche
डलमऊ ब्लॉक संसाधन केंद्र में उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप ‘हमारा आंगन-हमारे बच्चे’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बेसिक शिक्षा विभाग और बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभारी बाल विकास परियोजना अधिकारी श्रीमती दीक्षा मिश्रा और खंड शिक्षा अधिकारी नंदलाल रजक ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती की पूजा-अर्चना करके किया। इस अवसर पर उपस्थित सभी अतिथियों और प्रतिभागियों ने शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया।

‘हमारा आंगन-हमारे बच्चे’ कार्यक्रम उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य 3 से 6 वर्ष के बच्चों को प्री-प्राइमरी शिक्षा से जोड़ना, आंगनबाड़ी केंद्रों और प्राथमिक विद्यालयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा अभिभावकों को शिक्षा के प्रति जागरूक बनाना है। यह कार्यक्रम निपुण भारत मिशन से जुड़ा हुआ है, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत चलाया जा रहा है। निपुण भारत मिशन का लक्ष्य 2026-27 तक ग्रेड 3 के अंत तक सभी बच्चों में मूलभूत साक्षरता (FLN – Foundational Literacy and Numeracy) सुनिश्चित करना है।
नई शिक्षा नीति 2020 पर विस्तृत प्रकाश
कार्यक्रम में नवनियुक्त एआरपी वीरेंद्र सिंह ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के मुख्य बिंदुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति बच्चों की बहुभाषी क्षमता, खेल-आधारित शिक्षा, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा (ECCE) पर विशेष जोर देती है। नीति का लक्ष्य शिक्षा को रोचक, समावेशी और कौशल-आधारित बनाना है ताकि बच्चे रटने के बजाय समझकर सीख सकें। एआरपी राजेश सिंह ने भी कार्यक्रम के उद्देश्यों पर अपने विचार रखे और बताया कि कैसे यह पहल बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने में सहायक सिद्ध हो रही है।
प्रभारी परियोजना अधिकारी डलमऊ ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से न केवल बच्चों का शैक्षिक विकास होता है, बल्कि अभिभावकों में भी शिक्षा के प्रति जिम्मेदारी का भाव जागृत होता है।
खंड शिक्षा अधिकारी ने जताई प्रसन्नता
कार्यक्रम के संयोजक खंड शिक्षा अधिकारी नंदलाल रजक ने बताया कि जनपद रायबरेली में अकादमी स्तर पर डलमऊ ब्लॉक प्रथम स्थान पर बना हुआ है। उन्होंने सभी शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और अभिभावकों से अपील की कि इस स्तर को बनाए रखें और निपुण लक्ष्य प्राप्त करने में कोई कसर न छोड़ें। उन्होंने प्रत्येक न्यायपंचायत से कम से कम 5 निपुण लक्ष्य हासिल करने वाले बच्चों को लक्ष्य के रूप में रखने की बात कही और सभी को इस दिशा में प्रेरित किया।
निपुण बच्चों का हुआ जोरदार सम्मान
कार्यक्रम की मुख्य आकर्षण रहा निपुण लक्ष्य हासिल करने वाले बच्चों का सम्मान। प्रत्येक न्यायपंचायत से चयनित निपुण बच्चों को उनके अभिभावकों के साथ माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया। बच्चों को शैक्षिक स्टेशनरी किट प्रदान की गई, जिसमें नोटबुक, पेन, पेंसिल और अन्य उपयोगी सामग्री शामिल थी। यह सम्मान बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने का माध्यम बना।
शिक्षिकाओं की आकर्षक रंगोली और टीएलएम प्रदर्शनी
ब्लॉक की शिक्षिकाओं ने निपुण लक्ष्य पर आधारित आकर्षक रंगोली बनाई, जिसकी खंड शिक्षा अधिकारी नंदलाल रजक ने खुलकर प्रशंसा की। रंगोली में बच्चों की सीखने की प्रक्रिया, अक्षर ज्ञान, संख्याएं और रंगीन चित्रों के माध्यम से शिक्षा के महत्व को दर्शाया गया।
संकुल शिक्षकों द्वारा शिक्षण अधिगम सामग्री (टीएलएम) की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें विभिन्न प्रकार के चार्ट, मॉडल, खेल-आधारित सामग्री और हाथों से बनाई गई शिक्षण सामग्री प्रदर्शित की गई। बच्चों और अभिभावकों ने बड़ी रुचि से प्रदर्शनी का अवलोकन किया और इसकी सराहना की। कई अभिभावकों ने कहा कि ऐसी सामग्री घर पर भी बच्चों के साथ उपयोग की जा सकती है।
अतिथियों का सम्मान और उपस्थिति
कार्यक्रम में प्रभारी बाल विकास परियोजना अधिकारी को खंड शिक्षा अधिकारी नंदलाल रजक ने स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष योगेश सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए और शिक्षा के क्षेत्र में सामूहिक प्रयासों की सराहना की।
इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष शैक्षिक महासंघ सत्येश सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष यादवेंद्र प्रताप सिंह, जूनियर संघ के ब्लॉक अध्यक्ष एवं जिला मंत्री सियाराम सोनकर सहित अन्य शिक्षक प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बृजेश बाजपेई, मो. इरफान, शैलेंद्र प्रताप सिंह, विजय मौर्य, शैलेंद्र चौधरी, शिव बहादुर भारती, अवनीश श्रीवास्तव, विकास सिंह, रिया ठाकुर, ईला श्रीवास्तव, रश्मि श्रीवास्तव, अनीता सिंह, नीलम पांडे आदि शिक्षक मौजूद थे।










