Aadhaar DOB Update QR Code Mandatory: आधार कार्ड धारकों के लिए बड़ी खबर! यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने आधार में जन्मतिथि (DOB) और पता सुधारने के नियमों को और सख्त कर दिया है। अगर आप या आपके बच्चों के आधार कार्ड में कोई बदलाव करवाने की सोच रहे हैं, तो नए नियमों को पहले समझ लें, वरना आधार केंद्र से खाली हाथ लौटना पड़ सकता है। UIDAI का यह कदम फर्जी दस्तावेजों और गलत जानकारी को रोकने के लिए उठाया गया है, जिससे आधार की विश्वसनीयता बढ़ेगी।
जन्मतिथि सही करने के नए नियम,QR कोड अनिवार्य/Aadhaar DOB Update QR Code Mandatory
UIDAI ने स्पष्ट किया है कि आधार में जन्मतिथि (Date of Birth) सुधारने के लिए अब केवल QR कोड वाला जन्म प्रमाणपत्र ही मान्य होगा। पुराने नियमों में सामान्य जन्म प्रमाणपत्र, पासपोर्ट, बोर्ड मार्कशीट या अन्य दस्तावेज स्वीकार किए जाते थे, लेकिन अब ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन में बिना QR कोड वाला प्रमाणपत्र रद्द हो जाएगा।

- क्यों QR कोड जरूरी? QR कोड वाले जन्म प्रमाणपत्र डिजिटल रूप से वेरिफाई हो सकते हैं। यह फर्जी या एडिटेड सर्टिफिकेट को रोकता है। UIDAI के अनुसार, कई मामलों में पुराने सर्टिफिकेट में गड़बड़ी पाई गई थी।
- पुराने प्रमाणपत्र वाले क्या करें? अगर आपके पास QR कोड रहित जन्म प्रमाणपत्र है, तो पहले अपने स्थानीय नगर निगम या म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन से संपर्क करें। अब ऑनलाइन पोर्टल पर पुराने सर्टिफिकेट अपलोड कर QR कोड जनरेट करवाया जा सकता है। यह प्रक्रिया मुफ्त या न्यूनतम शुल्क पर हो रही है।
- ऑनलाइन आवेदन में असर: myAadhaar पोर्टल पर DOB अपडेट के लिए QR कोड स्कैन या अपलोड अनिवार्य होगा। बिना इसके आवेदन रिजेक्ट हो जाएगा।
UIDAI के आंकड़ों के मुताबिक, DOB अपडेट केवल एक बार ही संभव है (सामान्य मामलों में)। अगर पहले अपडेट हो चुका है, तो विशेष परिस्थितियों में 1947 हेल्पलाइन पर संपर्क करना होगा। बच्चों के लिए यह नियम और सख्त है, क्योंकि 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए जन्म प्रमाणपत्र पहले से ही महत्वपूर्ण था, लेकिन अब QR कोड के साथ और सख्ती।
पता बदलने के लिए रंगीन आवासीय प्रमाणपत्र अनिवार्य!
UIDAI ने पता (Address) अपडेट के नियम भी सख्त किए हैं। अब आधार में नया पता दर्ज करवाने के लिए रंगीन (कलर्ड) आवासीय प्रमाण पत्र देना जरूरी है।
- क्या है रंगीन आवासीय प्रमाण पत्र? यह नगर निगम, ग्राम पंचायत या संबंधित अथॉरिटी द्वारा जारी किया जाता है, जिसमें रंगीन प्रिंट और QR कोड/डिजिटल सिग्नेचर होता है। ब्लैक एंड व्हाइट या पुराने फॉर्मेट वाले प्रमाणपत्र अब स्वीकार नहीं होंगे।
- क्यों यह बदलाव? UIDAI का कहना है कि रंगीन प्रमाणपत्र फोटोकॉपी या फर्जी दस्तावेजों से बेहतर वेरिफिकेशन देते हैं। इससे पता सत्यापन में पारदर्शिता आएगी।
- अन्य विकल्प: अगर रंगीन प्रमाणपत्र नहीं है, तो वैकल्पिक दस्तावेज जैसे बिजली बिल, बैंक स्टेटमेंट, पासपोर्ट आदि इस्तेमाल किए जा सकते हैं, लेकिन UIDAI प्राथमिकता रंगीन रेजिडेंशियल सर्टिफिकेट को दे रहा है।
कैसे करें अपडेट? स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
- ऑनलाइन: myAadhaar पोर्टल पर लॉगिन करें (uidai.gov.in)। आधार नंबर, OTP से वेरिफाई करें। नए दस्तावेज अपलोड करें (QR कोड वाला DOB प्रूफ या रंगीन POA)।
- ऑफलाइन: नजदीकी आधार सेवा केंद्र (Aadhaar Enrolment Centre) जाएं। बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के साथ नए दस्तावेज दिखाएं।
- शुल्क: DOB और पता अपडेट के लिए ₹50 शुल्क (कुछ मामलों में मुफ्त), लेकिन दस्तावेज वैलिड होने चाहिए।
- समय: अपडेट होने में 30 दिन तक लग सकते हैं। स्टेटस चेक करने के लिए UIDAI पोर्टल यूज करें।
UIDAI के अन्य हालिया बदलाव
- आधार कार्ड का नया फॉर्मेट: जल्द ही फिजिकल आधार कार्ड में सिर्फ फोटो और सिक्योर QR कोड होगा। नाम, पता, DOB जैसी डिटेल्स नहीं छपेंगी – प्राइवेसी बढ़ेगी।
- फ्री अपडेट: कुछ सर्विसेज (जैसे डॉक्यूमेंट अपडेट) जून 2026 तक फ्री हैं।
- बच्चों के लिए: 5-15 साल के बच्चों के बायोमेट्रिक अपडेट फ्री हैं।










