गोमिया प्रखंड के स्वांग महावीर स्थान स्थित शिव मंदिर परिसर इन दिनों पूरी तरह भक्ति में डूबा हुआ है। यहां आयोजित श्री श्री 1008 पांच दिवसीय रुद्र महायज्ञ के चौथे दिन सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। महायज्ञ के चौथे दिन सोमवार को यज्ञ मंडप में पूजा अर्चना एवं परिक्रमा करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
रामकथा को जीवन में उतारने का दिया संदेश
यज्ञ के दौरान वृंदावन से आईं कथा वाचिका साध्वी लक्ष्मी रामायणी ने अपने प्रवचन में कहा कि रामकथा केवल सुनने की नहीं, बल्कि उसे जीवन में उतारने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति राम के आदर्शों को अपनाता है, तो उसका जीवन स्वतः ही सफल और सार्थक बन जाता है। कथा के दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर नजर आए।

पति-पत्नी की संयुक्त उपस्थिति का महत्व बताया
साध्वी ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि किसी भी धार्मिक अनुष्ठान में पति और पत्नी का साथ होना बेहद जरूरी है। उनके अनुसार, जब दंपत्ति एक साथ पूजा करते हैं, तभी अनुष्ठान पूर्ण माना जाता है। उन्होंने समाज में प्रचलित उदाहरण देते हुए कहा कि अक्सर महिलाओं की पहचान उनके पति के कार्यों से जुड़ी होती है, जो पारिवारिक और सामाजिक संरचना को दर्शाता है।
ज्ञान को बताया सबसे बड़ा धन
अपने प्रवचन में साध्वी लक्ष्मी रामायणी ने कहा कि धन, शक्ति और आयु से भी बड़ा यदि कुछ है, तो वह ज्ञान है। ज्ञान ही व्यक्ति को सम्मान दिलाता है और उसे सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने सभी लोगों से नियमित रूप से धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करने की अपील की।
हनुमान चालीसा और गीता पाठ का महत्व
उन्होंने श्रद्धालुओं को सलाह दी कि वे अपने दैनिक जीवन में हनुमान चालीसा और गीता का पाठ अवश्य करें। इससे न केवल घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, बल्कि सुख-शांति और समृद्धि भी बनी रहती है।
उन्होंने बताया कि नियमित पाठ से—
- मानसिक शांति मिलती है
- परिवार में सामंजस्य बढ़ता है
- आर्थिक स्थिति में सुधार आता है
इस अवसर पर कथा के दौरान झांकी भी प्रस्तुत किया गया। आचार्य पंडित गोवर्धन शास्त्री, यज्ञ आचार्य संजय पांडेय, आदित्य पांडेय, पंकज पांडेय, राहुल पांडेय, आजसू नेता राजेश कुमार विश्वकर्मा, मुखिया बिनोद विश्वकर्मा, पंसस धनेश्वरी देवी, पूर्व पंसस ललन केवट, बिट्टू कुमार रवानी, नरेंद्र निषाद, अमृत लाल, संजय सिंह, निर्मल निषाद स्वांग महावीर स्थान के मंदिर समिति के सदस्य आदि उपस्थित थे।










