ईरान‑अमेरिका के बीच संघर्ष और उसके बाद घोषित सीजफायर (युद्धविराम) के बीच भारत ने अपने नागरिकों के लिए एक ताजा सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। तेहरान में स्थित भारतीय दूतावास ने अपने वहां रह रहे नागरिकों से कहा है कि वे जल्द से जल्द ईरान से बाहर निकलने पर विचार करें और फिलहाल अपनी सुरक्षा प्राथमिकता बनाएं। ये चेतावनी उसी समय आई है जब क्षेत्र में तनाव और अस्थिरता बनी हुई है, इसलिए भारत सरकार ने अपने लोगों की सुरक्षा को अत्यंत गंभीरता से लिया है।
कैसे और कब जारी हुई यह एडवाइजरी?
भारत ने 7 अप्रैल 2026 को ईरान में रह रहे नागरिकों के लिए एक नया सलाह‑पत्र जारी किया। यही दिन वह भी है जब अमेरिका और ईरान के बीच लगभग दो हफ्तों के लिए युद्धविराम का ऐलान हुआ। तालमेल की कोशिशें जारी हैं, लेकिन सुरक्षा पर अभी भी सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में दूतावास ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए अपने नागरिकों को दिशा‑निर्देश दिए।

दूतावास ने चेताया है कि स्थिति फिलहाल पूरी तरह सुरक्षित नहीं है और अचानक बदलाव आ सकते हैं, इसलिए सबको अपनी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। यह सलाह सभी भारतीयों जैसे छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों तक लागू होता है।
मुख्य दिशा‑निर्देश — क्या कहा गया?
1. जल्द से जल्द देश छोड़ें
दूतावास ने साफ कहा है कि जो भारतीय अभी भी ईरान में हैं, उन्हें मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए जल्द से जल्द ईरान छोड़ने पर विचार करना चाहिए। इस सलाह में उन सभी नागरिकों को शामिल किया गया है जो वहां लंबी अवधि के लिए या अस्थायी रूप से हैं।
2. तुरंत बाहर न निकलें — पहले सलाह लें
दूतावास ने यह भी स्पष्ट किया है कि सीमा पार करने या देश से निकलने की कोशिश से पहले दूतावास से सलाह और मार्गदर्शन लेना जरूरी है। बिना सही सलाह लिए किसी भी अंतरराष्ट्रीय सीमा तक जाने की कोशिश जोखिम भरी हो सकती है और दूतावास ऐसी स्थिति में मदद नहीं कर पाएगा।
3. अगले 48 घंटे में घर के अंदर ही रहें
कुछ समय पहले ही जारी अपडेट में दूतावास ने कहा था कि फिलहाल रहने वाले लोगों को 48 घंटे तक वहीं जहां हैं, अंदर ही रहना चाहिए और इमारतों के ऊपरी हिस्सों, सैन्य साइटों या संवेदनशील स्थानों से दूर रहना चाहिए। यह संकेत इस बात का है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में नहीं है।
संपर्क में रहें
दूतावास ने सभी नागरिकों से कहा है कि वे स्थानीय भारतीय अधिकारियों और दूतावास के संपर्क में रहें। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अगर कोई आकस्मिक स्थिति आती है तो तुरंत सहायता उपलब्ध हो सके।
क्यों यह एडवाइजरी जारी की गई?
हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं, और कुछ बाहरी कारक परिस्थितियों को और जटिल बना रहे हैं। अमेरिका‑ईरान संघर्ष अभी भी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है, और यह लड़ाई मध्य पूर्व के कई देशों को प्रभावित कर रही है। लड़ाई के बीच में शांतिपूर्ण सीजफायर की घोषणा के बावजूद वहां पर रहने वाले विदेशी नागरिकों के लिए जोखिम अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में भारत ने अपने नागरिकों के लिए यह एडवाइजरी जारी की है ताकि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से पहले लोग सुरक्षित स्थान पर पहुंच सकें।
क्या यह एडवाइजरी पहले भी जारी हो चुकी है?
दरअसल, यह पहली बार नहीं है जब भारत ने अपने नागरिकों को ईरान में सुरक्षित रहने की सलाह दी है। पिछले महीने भी भारत सरकार ने स्थिति को देखते हुए ईरान में रहने वाले नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी थी और कहा था कि अनावश्यक बाहर जाने से बचें। लेकिन इस बार यह सलाह और अधिक सख्त और तात्कालिक रूप से लागू की गई है।
क्या आगे और कदम उठाए जा सकते हैं?
भारत सरकार की कोशिश है कि प्रत्येक भारतीय नागरिक अपनी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे और किसी भी जोखिम वाले क्षेत्र में न जाए। यदि जरूरत पड़ी तो सरकार इमरजेंसी निकासी प्लान भी तैयार कर सकती है और नागरिकों को सुरक्षित रूप से निकालने में सहायता कर सकती है। हालांकि फिलहाल दूतावास की प्राथमिक सलाह यही है कि लोग स्वयं अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें और बिना सलाह या मार्गदर्शन के कहीं भी न जाएं।
सरल भाषा में समझें
ईरान से फर्क फुटकर निकलें, जहां तक संभव हो तुरंत बाहर निकलें।
पहले सलाह लें, बिना रास्ते और नियमों को समझे या दूतावास से पूछे सीमा पार न करें।
48 घंटे तक वहीं सुरक्षित जगह पर रहें जहाँ आप हैं।
संपर्क में रहें और स्थानीय अपडेट देखें।










