Indian Embassy Iran Advisory: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और परमाणु समझौते पर गतिरोध के बीच भारतीय दूतावास ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों के लिए सबसे सख्त एडवाइजरी जारी की है। सोमवार (23 फरवरी 2026) को तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने सभी भारतीयों—छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों—को तुरंत उपलब्ध किसी भी साधन से, जिसमें कमर्शियल फ्लाइट्स शामिल हैं, ईरान छोड़ने की सलाह दी है। दूतावास ने कहा कि स्थिति तेजी से बदल रही है और सुरक्षा के लिहाज से यह कदम जरूरी है। यह एडवाइजरी जनवरी 2026 की पिछली चेतावनियों का सख्त अनुवर्तन है, लेकिन अब हालात और खतरनाक बताए जा रहे हैं।
दूतावास की एडवाइजरी: क्या कहा गया?/Indian Embassy Iran Advisory
भारतीय दूतावास ने X (पूर्व ट्विटर) और आधिकारिक चैनलों पर जारी बयान में स्पष्ट किया: “ईरान में बदलते हालात को देखते हुए, जो भारतीय नागरिक अभी ईरान में हैं (छात्र, तीर्थयात्री, व्यापारी और पर्यटक), उन्हें उपलब्ध परिवहन साधनों से, जिसमें कमर्शियल फ्लाइट्स शामिल हैं, ईरान छोड़ने की सलाह दी जाती है।” दूतावास ने आगे कहा कि सभी भारतीय नागरिकों और PIOs (भारतीय मूल के व्यक्ति) को सतर्क रहना चाहिए, विरोध-प्रदर्शन या अशांति वाले इलाकों से दूर रहें, स्थानीय मीडिया की निगरानी करें और दूतावास से लगातार संपर्क बनाए रखें।

एडवाइजरी में विशेष निर्देश दिए गए हैं:
- पासपोर्ट, आईडी और अन्य ट्रैवल/इमिग्रेशन डॉक्यूमेंट्स हमेशा तैयार रखें।
- यदि सहायता चाहिए तो तुरंत भारतीय दूतावास से संपर्क करें।
- अभी तक दूतावास में रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, तो तुरंत कराएं (इंटरनेट बाधित होने पर भी प्रयास करें)।
यह एडवाइजरी 5 जनवरी 2026 और 14 जनवरी 2026 की पिछली सलाहों का विस्तार है, जब ईरान में विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे। लेकिन अब स्थिति और गंभीर हो गई है, जिसमें युद्ध की आशंका शामिल है।
ईरान-अमेरिका तनाव, क्यों बढ़ रहा खतरा?
ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर गहरा गतिरोध है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ईरान को 10-15 दिनों का अल्टीमेटम दिया था कि नया न्यूक्लियर डील मान लें, वरना “दुर्भाग्यपूर्ण” परिणाम भुगतने पड़ेंगे। अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी मिलिट्री तैनाती बढ़ा दी है, जबकि ईरान ने जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है। तेहरान में छात्रों और नागरिकों के बड़े विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, जो सरकार विरोधी हैं और कई जगह हिंसक हो चुके हैं।
इस तनाव से मिडिल ईस्ट में युद्ध की आशंका बढ़ गई है। अमेरिकी वर्चुअल एम्बेसी ने भी अपने नागरिकों को तुरंत ईरान छोड़ने की सलाह दी है। कई देशों ने समान एडवाइजरी जारी की हैं, लेकिन भारत की यह चेतावनी खासतौर पर भारतीय छात्रों (जो ईरान में मेडिकल और अन्य कोर्स कर रहे हैं), तीर्थयात्रियों और बिजनेस कम्युनिटी के लिए चिंता का विषय है।
भारतीय नागरिकों की संख्या और प्रभावित समूह
ईरान में हजारों भारतीय रहते हैं, जिनमें ज्यादातर छात्र हैं। कई भारतीय मेडिकल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करते हैं, कुछ तीर्थयात्रा के लिए वहां हैं, जबकि व्यापारी और पर्यटक भी मौजूद हैं। दूतावास ने इन सभी को प्राथमिकता पर निकलने की सलाह दी है। यदि फ्लाइट्स प्रभावित होती हैं या एयरस्पेस बंद होता है, तो स्थिति और जटिल हो सकती है। दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं, ताकि नागरिक सहायता ले सकें।
MEA और दूतावास की अपील, सतर्क रहें, संपर्क बनाए रखें
विदेश मंत्रालय (MEA) ने भी इस एडवाइजरी का समर्थन किया है। MEA ने दोहराया कि ईरान में गैर-जरूरी यात्रा से बचें। दूतावास ने नागरिकों से कहा कि वे सोशल मीडिया और लोकल न्यूज पर नजर रखें, क्योंकि इंटरनेट या कम्युनिकेशन बाधित हो सकता है। यदि कोई भारतीय फंसा हुआ है, तो तुरंत दूतावास से संपर्क करें।










