Indore Central Jail: इंदौर सेंट्रल जेल को तीसरी बार मिले दिनेश नरगावे, अनुशासन और बंदी सुधार पर रहेगा खास फोकस

Indore Central Jail: मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी जेल में प्रशासनिक बदलाव, नए जेल अधीक्षक ने सुरक्षा, कौशल विकास और सुधारात्मक व्यवस्था को बताया प्राथमिकता

Indore Central Jail: मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण जेलों में शामिल इंदौर सेंट्रल जेल में एक बार फिर प्रशासनिक बदलाव किया गया है। राज्य सरकार के आदेश के बाद वरिष्ठ जेल अधिकारी दिनेश नरगावे ने जेल अधीक्षक का कार्यभार संभाल लिया है। खास बात यह है कि उन्हें तीसरी बार इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए चुना गया है। जेल प्रशासन से जुड़े लोगों का मानना है कि उनके लंबे अनुभव का लाभ जेल की व्यवस्था को और अधिक व्यवस्थित बनाने में मिलेगा।

पहले के कार्यकाल ने बनाई अलग पहचान

दिनेश नरगावे इससे पहले भी दो बार इंदौर सेंट्रल जेल में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनके पिछले कार्यकाल को अनुशासन, सुरक्षा व्यवस्था और बंदियों के सुधारात्मक कार्यक्रमों के लिए याद किया जाता है। जेल प्रशासन से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने पहले भी कई ऐसे प्रयास किए थे, जिनसे जेल का माहौल सकारात्मक बनाने में मदद मिली थी।

यही वजह है कि एक बार फिर उन्हें इस जिम्मेदारी के लिए चुना गया है। प्रशासन को उम्मीद है कि उनके अनुभव से जेल संचालन में नई ऊर्जा आएगी।

नई जिम्मेदारी के साथ तय कीं प्राथमिकताएं

कार्यभार संभालने के बाद दिनेश नरगावे ने साफ किया कि उनकी पहली प्राथमिकता जेल में अनुशासन बनाए रखना होगी। इसके साथ ही बंदियों को केवल सजा तक सीमित न रखते हुए उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि जेल केवल बंद रखने की जगह नहीं, बल्कि सुधार और नई शुरुआत का अवसर देने वाला संस्थान होना चाहिए। इसी सोच के साथ कौशल विकास, स्वास्थ्य सेवाओं और सकारात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने की योजना बनाई जाएगी।

बंदी सुधार और सुरक्षा व्यवस्था पर रहेगा विशेष फोकस

नई नियुक्ति के बाद जिन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने की बात कही जा रही है, उनमें शामिल हैं—

  • जेल की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना।
  • बंदियों के कौशल विकास, स्वास्थ्य सुविधाओं और पुनर्वास कार्यक्रमों को गति देना।

प्रशासन का मानना है कि आधुनिक सुधारात्मक गतिविधियों से बंदियों में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद मिलेगी, जिससे समाज में उनकी बेहतर पुनर्वापसी का रास्ता भी आसान होगा।

क्या बोले नए जेल अधीक्षक

कार्यभार ग्रहण करने के बाद दिनेश नरगावे ने कहा कि उनका उद्देश्य जेल में अनुशासन बनाए रखने के साथ-साथ बंदियों को सुधार का बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

“मेरा प्रयास होगा कि जेल में अनुशासन बना रहे, बंदियों को सुधार का मौका मिले और जेल को एक सुधार-गृह के रूप में विकसित किया जाए।”

उनके इस बयान को जेल प्रशासन की भविष्य की कार्यशैली का संकेत माना जा रहा है।

कर्मचारियों में नई उम्मीद, नजरें आगामी बदलावों पर

जेल प्रशासन और कर्मचारियों के बीच नरगावे की वापसी को सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। उनके पिछले अनुभव को देखते हुए उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ सुधारात्मक योजनाओं को भी नई गति मिलेगी। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि तीसरे कार्यकाल में वे इंदौर सेंट्रल जेल की कार्यप्रणाली में कौन से नए बदलाव लागू करते हैं।

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