Jhansi Sanitation Workers Meeting: उत्तर प्रदेश के सफाई कर्मचारियों के हक और सम्मान की लड़ाई में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। स्थानीय निकाय सफाई कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश (पंजीकरण संख्या 10464) के तत्वावधान में झांसी में 27 फरवरी 2026 को मंडलीय कार्यकारिणी अधिवेशन एवं सम्मान समारोह का आयोजन होने जा रहा है। इस भव्य कार्यक्रम में प्रदेश के 25 जिलों से संघ के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और सफाई कर्मचारी बड़ी संख्या में भाग लेंगे। संघ के प्रदेश प्रवक्ता और चंदौसी (संभल) निवासी अजय कुमार राजवर ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि यह अधिवेशन सफाई कर्मचारियों की लंबित समस्याओं के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान/Jhansi Sanitation Workers Meeting
स्थानीय निकाय सफाई कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश लंबे समय से नगर निकायों में कार्यरत सफाई कर्मचारियों के अधिकारों के लिए संघर्षरत है। प्रदेश प्रवक्ता अजय कुमार राजवर ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष मानिक लाल नागर जी के निर्देश पर प्रदेश भर में अलग-अलग मंडलों में ऐसे अधिवेशन और सम्मान समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य सफाई कर्मचारियों की ज्वलंत समस्याओं को सरकार के सामने मजबूती से रखना और उनका त्वरित निराकरण कराना है।

राजवर ने कहा, “सफाई कर्मचारी समाज की रीढ़ हैं, जो दिन-रात शहरों की स्वच्छता बनाए रखते हैं, लेकिन उन्हें मूलभूत सुविधाओं और अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है। हमारा संघ निरंतर प्रयास कर रहा है कि इन कर्मचारियों को उनका हक मिले।”
25 जिलों से होंगे प्रतिनिधि शामिल
झांसी मंडल के इस अधिवेशन में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से 25 जिलों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। इनमें शामिल प्रमुख जिले हैं:
- एटा
- कासगंज
- अलीगढ़
- कन्नौज
- संभल
- मुरादाबाद
- रामपुर
- अमरोहा
- बिजनौर
- मेरठ
- हाथरस
- हापुड़
- नोएडा (गौतम बुद्ध नगर)
- बदायूं
- फिरोजाबाद
- मऊ
- मैनपुरी
- सीतापुर
- बरेली
- पीलीभीत
- शाहजहांपुर
और अन्य जिले। ये सभी जिले सफाई कर्मचारियों की बड़ी संख्या वाले क्षेत्र हैं, जहां संविदा, आउटसोर्स और स्थाई कर्मचारियों की समस्याएं एक समान हैं। अधिवेशन में इन जिलों के जिला अध्यक्ष, महासचिव, प्रवक्ता और कार्यकर्ता शामिल होंगे।
प्रमुख मुद्दे: स्थाईकरण, वेतन वृद्धि, एरियर और EPF
अधिवेशन में सफाई कर्मचारियों के सामने आने वाली प्रमुख समस्याओं पर विस्तृत चर्चा होगी। इनमें शामिल हैं:
- संविदा सफाई कर्मचारियों का स्थाईकरण – लंबे समय से संविदा पर कार्यरत हजारों कर्मचारियों को स्थाई करने की मांग।
- वेतन वृद्धि – समय-समय पर वेतन में बढ़ोतरी न होने से कर्मचारियों का आर्थिक संकट।
- एरियर का भुगतान – पिछले कई महीनों-वर्षों का बकाया वेतन और एरियर।
- EPF और ESI – कर्मचारियों के भविष्य निधि (EPF) और कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) का नियमित कटौती और भुगतान न होना।
- अन्य ज्वलंत मुद्दे जैसे बोनस, पेंशन, मेडिकल सुविधा, सुरक्षा उपकरण और कार्यस्थल पर सम्मानजनक व्यवहार।
ये मुद्दे न केवल आर्थिक हैं, बल्कि कर्मचारियों के सम्मान और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े हैं। संघ का मानना है कि सरकार की योजनाओं जैसे स्वच्छ भारत मिशन के तहत सफाई कर्मचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण है, इसलिए उन्हें प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
प्रदेश अध्यक्ष मानिक लाल नागर की अपील
प्रदेश अध्यक्ष मानिक लाल नागर ने सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे पूर्ण उत्साह के साथ झांसी अधिवेशन में भाग लें। उन्होंने कहा कि संगठित होकर संघर्ष करने से ही हक मिल सकता है। झांसी में होने वाला यह अधिवेशन पूरे प्रदेश के सफाई कर्मचारियों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा, जहां रणनीति बनाई जाएगी और आगे की लड़ाई का ब्लूप्रिंट तैयार किया जाएगा।
संभल से मजबूत प्रतिनिधित्व
संभल जिले से प्रदेश प्रवक्ता अजय कुमार राजवर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होंगे। संभल में हाल ही में संघ ने कई प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपे हैं, जिसमें EPF, ESI, बोनस और स्थाईकरण की मांग की गई थी। राजवर ने बताया कि झांसी अधिवेशन के बाद इन मुद्दों पर और तेज आंदोलन चलाया जाएगा।
सफाई कर्मचारियों की आवाज बनेगा अधिवेशन
यह अधिवेशन न केवल चर्चा का मंच होगा, बल्कि सफाई कर्मचारियों के सम्मान का भी अवसर बनेगा। जहां उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों और पदाधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम राजकीय संग्रहालय हॉल, झांसी में आयोजित होगा, जहां अतिथियों की मौजूदगी में संकल्प लिया जाएगा कि सफाई कर्मचारी अब अन्याय सहन नहीं करेंगे।










