झारखंड में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने की तैयारी तेज हो गई है। राज्य सरकार ने चिकित्सा शिक्षा और लोक स्वास्थ्य से जुड़ी व्यवस्थाओं के लिए 42.86 करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त आवंटन किया है। इस राशि का इस्तेमाल मेडिकल कॉलेज अस्पतालों, सदर अस्पतालों, इटकी आरोग्यशाला और संक्रामक रोग अस्पताल समेत जिलों की स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर करने में किया जाएगा।
अस्पतालों को मिलेगी अतिरिक्त राशि

सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक आवंटित राशि का उपयोग वित्त विभाग के निर्धारित नियमों के तहत किया जाएगा। अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में राशि के खर्च की निगरानी के साथ भुगतान व्यवस्था में पारदर्शिता पर भी जोर दिया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि पात्र कर्मियों को ही नियमानुसार भुगतान किया जाए और सरकारी राशि के इस्तेमाल में किसी तरह की लापरवाही न हो।
दवाओं की खरीद में भी बदलेगी व्यवस्था
स्वास्थ्य संस्थानों में दवाओं की उपलब्धता को लेकर भी स्पष्ट व्यवस्था बनाई गई है। उन्हीं दवाओं की खरीद की जाएगी जिनकी कीमत संबंधित समिति द्वारा निर्धारित की गई है। साथ ही दवाओं की पर्याप्त शेल्फ लाइफ सुनिश्चित करना जरूरी होगा। खास तौर पर सांप और कुत्ते के काटने के इलाज में इस्तेमाल होने वाली जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने पर जोर दिया गया है।
हर जिले में दवाओं की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी
दवा की कमी की स्थिति पर नजर रखने के लिए प्रत्येक जिले में एक वरिष्ठ चिकित्सा पदाधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया जाएगा। यह अधिकारी अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता की नियमित समीक्षा करेंगे और इसकी रिपोर्ट हर महीने संबंधित स्तर पर भेजेंगे। इससे जरूरत के मुताबिक दवाओं की आपूर्ति और स्टॉक की निगरानी आसान होगी।
बोकारो के स्वास्थ्य संस्थानों के लिए 17.35 करोड़ रुपये
बोकारो जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को संचालित करने के लिए 17.35 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसका इस्तेमाल अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों, प्रयोगशालाओं और कार्यालयों में आउटसोर्सिंग के जरिए जरूरी मानव संसाधन और सेवाएं उपलब्ध कराने में किया जाएगा। भुगतान से पहले बायोमीट्रिक उपस्थिति और काम की गुणवत्ता की जांच का प्रावधान भी रखा गया है।
रांची सदर अस्पताल में ENT विभाग को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
रांची सदर अस्पताल के ENT विभाग में विशेषज्ञ ओपीडी और डायग्नोस्टिक सेवाओं को मजबूत करने के लिए 2.50 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत की गई है। इसके तहत आधुनिक ENT वर्कस्टेशन, सर्जिकल माइक्रोस्कोप, FESS इंस्ट्रूमेंट और एंडोस्कोपी सेट समेत कई उपकरण लगाए जाएंगे। इससे कान, नाक और गले से जुड़ी जटिल जांच व उपचार की सुविधा अस्पताल में ही उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
आंखों के इलाज के लिए आधुनिक मशीनें होंगी उपलब्ध
सदर अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में भी करीब 2.50 करोड़ रुपये की लागत से नई डायग्नोस्टिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यहां OCT, डिजिटल इमेजिंग वाली स्लिट लैंप, ऑटो रेफ्रेक्टोमीटर, विजुअल फील्ड एनालाइजर, A-B स्कैन और ऑप्टिकल बायोमीटर जैसे उपकरण लगाए जाने हैं। इससे मोतियाबिंद, ग्लूकोमा और डायबिटिक रेटिनोपैथी जैसी आंखों की समस्याओं की जांच में मदद मिलेगी।
रांची में AI आधारित डिजिटल डेंटल लैब की तैयारी
सदर अस्पताल में AI-सक्षम डिजिटल CAD-CAM दंत प्रयोगशाला केंद्र स्थापित करने की योजना को भी मंजूरी दी गई है। करीब 2.49 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाली इस सुविधा में आधुनिक डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। मैक्सिलोफेशियल कैंसर मरीजों के लिए 3D प्रिंटेड ऑब्ट्यूरेटर के साथ प्रोस्थेटिक, एंडोडॉन्टिक और ऑर्थोडॉन्टिक सेवाओं को सरकारी व्यवस्था के भीतर उपलब्ध कराने की योजना है।
सरकारी अस्पतालों में इलाज की सुविधाएं बढ़ाने पर जोर
इन योजनाओं का व्यापक उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में जांच, उपचार और जरूरी सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाना है। खासकर रांची सदर अस्पताल में अलग-अलग विशेषज्ञ विभागों को आधुनिक उपकरणों से लैस करने से मरीजों को कई जांच और उपचार के लिए दूसरे केंद्रों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।










