Shri Ram Laxman Janaki Trust : उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में भूमाफियाओं की हनक एक बार फिर सामने आ रही है। शहर कोतवाली थाना क्षेत्र के तिलिया कोट बासनटोला में श्री राम लक्ष्मण जानकी ट्रस्ट ( Shri Ram Laxman Janaki Trust ) की मूल्यवान जमीन पर दबंगों द्वारा जबरन कब्जा करने की घटना ने स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। आज शनिवार को दोपहर करीब 12 बजे यह घटना घटी, जब ट्रस्ट की जमीन पर अवैध निर्माण और कब्जे की कोशिश की गई। विरोध में उतरे ग्रामीणों ने न केवल मौके पर हंगामा किया, बल्कि जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) को लिखित शिकायती पत्र सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
ट्रस्ट की यह जमीन, जो धार्मिक और सामाजिक कार्यों के लिए आरक्षित है, लंबे समय से भूमाफियाओं की नजर में रही है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह जमीन श्री राम लक्ष्मण जानकी ट्रस्ट ( Shri Ram Laxman Janaki Trust ) के नाम दर्ज है और इसका उपयोग ट्रस्ट द्वारा धार्मिक आयोजनों, सामुदायिक सेवाओं तथा गरीबों की सहायता के लिए किया जाता रहा है। लेकिन हाल के दिनों में कुछ दबंग तत्वों ने इसे हड़पने की साजिश रची है। आज दोपहर जब ये दबंग भारी संख्या में ट्रैक्टर और मजदूरों के साथ जमीन पर पहुंचे और अवैध रूप से बाउंड्री वॉल तोड़ने तथा निर्माण शुरू करने की कोशिश की, तो इलाके के लोग एकजुट हो गए।

घटना की पूरी कड़ियां: कैसे शुरू हुआ विवाद?
सूत्रों के मुताबिक, यह विवाद कई महीनों से चल रहा था। ट्रस्ट के सदस्यों ने पहले ही स्थानीय प्रशासन को अवगत कराया था कि कुछ प्रभावशाली लोग फर्जी दस्तावेजों के सहारे जमीन पर दावा ठोक रहे हैं। लेकिन प्रशासनिक सुस्ती के कारण कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। आज की घटना तब चरम पर पहुंची जब दबंगों ने बुलडोजर लाकर जमीन पर कब्जा मजबूत करने की कोशिश की। स्थानीय निवासी रामू द्विवेदी ने बताया, “यह हमारी धार्मिक विरासत की जमीन है। ट्रस्ट ने यहां राम-लक्ष्मण-जानकी मंदिर के विस्तार के लिए योजनाएं बनाई थीं। ये दबंग बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के आकर कब्जा कर रहे हैं। हमने विरोध किया तो धमकियां दी गईं।”
ग्रामीणों ने तुरंत कोतवाली थाने पर जाकर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन पुलिस की मौजूदगी न होने से मामला और बिगड़ गया। इसके बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने डीएम कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत सौंपी। शिकायत में मांग की गई है कि दबंगों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज हो, जमीन पर अवैध कब्जा हटाया जाए और ट्रस्ट के दस्तावेजों की जांच कराकर मूल मालिकाना हक बहाल किया जाए। डीएम ने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
स्थानीय लोगों के बयान: “यह धार्मिक भावनाओं का अपमान है”
इलाके के निवासियों ने अपनी पीड़ा खुलकर बयां की। बसंत टोला निवासी सुनीता देवी ने कहा, “हमारे पूर्वजों ने यह जमीन ट्रस्ट को दान की थी ताकि धार्मिक कार्य हों। अब भूमाफिया इसे हड़पना चाहते हैं। अगर प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो हम आंदोलन करेंगे।” वहीं, ट्रस्ट के एक सदस्य पंडित रामेश्वर दास ने बताया, “जमीन का खसरा नंबर 1234/567 है और राजस्व रिकॉर्ड में ट्रस्ट का नाम दर्ज है। दबंगों के फर्जी कागजातों की जांच होनी चाहिए। आज की घटना में कोई हिंसा नहीं हुई, लेकिन अगर कब्जा पूरा हो गया तो हमारी धार्मिक भावनाएं आहत होंगी।”
एक अन्य ग्रामीण, मोहन लाल, ने चिंता जताई, “रायबरेली जैसे जिले में भूमाफिया इतने बेखौफ कैसे हो गए? डीएम साहब से मांग है कि 24 घंटे में कार्रवाई हो, वरना हम हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।” लोगों का कहना है कि यह घटना न केवल ट्रस्ट की संपत्ति पर हमला है, बल्कि पूरे इलाके की सामाजिक संरचना को चुनौती दे रही है।
प्रशासनिक पक्ष: क्या कहते हैं अधिकारी?
कोतवाली थाना प्रभारी ने बताया कि शिकायत मिलते ही पुलिस टीम मौके पर भेज दी गई है। “हम जांच कर रहे हैं। अगर अवैध कब्जा पाया गया तो तुरंत हटाया जाएगा। ट्रस्ट के दस्तावेजों की वेरिफिकेशन भी हो रही है,” उन्होंने कहा। डीएम कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन ने राजस्व विभाग को निर्देश दिए हैं कि जमीन के रिकॉर्ड की फौरी जांच की जाए। साथ ही, भूमाफियाओं पर नकेल कसने के लिए विशेष अभियान चलाने की योजना है।
व्यापक संदर्भ: भूमाफिया की बढ़ती साजिशें
रायबरेली जिले में पिछले कुछ वर्षों से भूमाफिया सक्रिय हैं। धार्मिक ट्रस्टों, मंदिरों और गरीबों की जमीनों पर कब्जे की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि फर्जी दस्तावेजों और प्रशासनिक लापरवाही के कारण ऐसी साजिशें सफल हो रही हैं। स्थानीय विधायक ने भी इस मामले पर टिप्पणी की है और कहा है कि “ट्रस्ट की जमीन सुरक्षित रखी जाएगी। मैं खुद डीएम से मिलकर कार्रवाई सुनिश्चित करूंगा।”










