Purush Aayog : डॉ. एस.एस. मौर्य के नेतृत्व में आज सलोन में पुरुष आयोग (Purush Aayog) कानून की मांग को लेकर एक आंदोलन और बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान सलोन कस्बे के तहसील चौराहे से बस स्टॉप तक पैदल यात्रा निकालकर लोगों को जागरूक किया गया। आंदोलन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के लिए बने कानूनों के कथित दुरुपयोग के खिलाफ आवाज उठाना और पुरुषों के लिए भी एक आयोग के गठन की मांग करना था।
आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि महिलाएं सरकार द्वारा बनाए गए महिला आयोग के कानूनों का गलत इस्तेमाल कर रही हैं। उनका कहना था कि इससे पुरुषों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जिससे कई पुरुष आत्महत्या करने या गंभीर कदम उठाने पर मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने उदाहरण दिया कि कई मामलों में महिलाएं अपने पतियों को तलाक के नाम पर मोटी रकम की मांग करती हैं या दहेज प्रथा में फंसाने की धमकी देती हैं। यह भी आरोप लगाया गया कि कुछ मामलों में महिलाएं अपने प्रेमी के कहने पर पति की जान तक ले लेती हैं। इन परिस्थितियों में पुरुषों को बेवजह अदालतों के चक्कर काटने पड़ते हैं।

आंदोलन में बताया गया कि जब पुरुष अपनी मदद के लिए गुहार लगाते हैं, तो उन्हें अक्सर यह कहकर टाल दिया जाता है कि कानून केवल महिलाओं के लिए हैं। रायबरेली जिले के साथ-साथ पूरे उत्तर प्रदेश में इसी तरह लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
इस बैठक में लखनऊ से डॉ. वीरेंद्र साहू, किरन श्रीवास्तव और संदीप निर्मल सहित एक टीम शामिल हुई। सलोन से गोपाल मोदनवाल, मुमताज अहमद, मोनू, बबलू, घनश्याम साहू, अजय साहू, दीपक साहू, महताब, सतेंद्र रस्तोगी, मुरारी लाल साहू, दीपक विश्वकर्मा और आदेश अग्रहरी सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।










