Moradabad : सांसद इकरा हसन पर अभद्र टिप्पणी करने वाले करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष योगेंद्र सिंह राणा दोबारा गिरफ्तार, जमानत के बाद भी पुलिस पर भारी आरोप; परिजनों और समर्थकों का कटघर थाने पर धरना

मुरादाबाद : उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुरादाबाद (Moradabad) जिले में करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष योगेंद्र सिंह राणा के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई ने एक बार फिर सनसनी फैला दी है। सपा सांसद इकरा हसन पर अभद्र टिप्पणी करने के पुराने मामले में सुर्खियों में आए राणा को मझोला पुलिस ने परसो (4 दिसंबर) रात को गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने शुक्रवार को उन्हें जमानत दे दी, लेकिन शनिवार (6 दिसंबर) को फिर से कटघर थाने की पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई के खिलाफ परिजनों और करणी सेना के समर्थकों ने कटघर थाने के बाहर जोरदार हंगामा किया और धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए नारेबाजी की, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया।

घटना की पूरी कहानी: नशे में धुत राणा की गुंडागर्दी और पुलिस से झड़प

बृहस्पतिवार रात करीब 10 बजे मझोला थानाक्षेत्र के दिल्ली रोड स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप के पास एक बरात चढ़त के दौरान कुछ लोगों के बीच मामूली झगड़ा हो गया। सूचना मिलते ही मझोला पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान पुलिस को नशे में धुत योगेंद्र सिंह राणा और उसके साथी अंशु शर्मा नजर आए। राणा ने खुद को करणी सेना का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बताते हुए पुलिस पर चिल्लाना शुरू कर दिया। गवाहों के अनुसार, राणा ने न केवल पुलिसकर्मियों को धमकाया, बल्कि चौकी प्रभारी के साथ हाथापाई भी की। उसने पुलिस वर्दी फाड़ने की कोशिश की और गाली-गलौज करते हुए कहा, “मैं करणी सेना का प्रदेश उपाध्यक्ष हूं, पुलिस मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकती।”

पुलिस टीम ने काफी मशक्कत के बाद राणा और उसके साथी अंशु को हिरासत में लिया। थाने पहुंचने पर भी राणा ने हंगामा जारी रखा, जिससे थाने का माहौल गरम हो गया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 79 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने से संबंधित), 356(2) (लैंगिक अपमानजनक टिप्पणी), आईपीसी की धारा 353 (सरकारी कार्य में बाधा), 504 (जानबूझकर अपमान) और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। शुक्रवार को दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जमानत मिल गई। लेकिन शनिवार सुबह ही कटघर थाने की एक अन्य टीम ने राणा को फिर से हिरासत में ले लिया, जिसके पीछे पुलिस का दावा है कि जांच में नई जानकारियां सामने आई हैं।

जमानत के बाद दोबारा गिरफ्तारी: राजनीतिक साजिश या कानूनी कार्रवाई?

योगेंद्र सिंह राणा का नाम पहले भी विवादों से जुड़ा रहा है। जुलाई 2025 में उन्होंने सोशल मीडिया पर सपा सांसद इकरा हसन के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की थी, जिसमें उन्होंने “निकाह कबूल” जैसे आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था। इस वीडियो के वायरल होने के बाद कटघर थाने में सपा नेत्री सुनीता सिंह की शिकायत पर एफआईआर दर्ज हुई थी। पुलिस ने तब राणा का शस्त्र लाइसेंस रद्द करने की रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी थी और गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की गईं। लेकिन राणा भूमिगत हो गए थे, जिससे मामला ठंडा पड़ गया। अब इस नई घटना ने पुराने मामले को फिर से हवा दे दी है।

परिजनों का आरोप है कि यह गिरफ्तारी राजनीतिक साजिश का हिस्सा है। राणा के भाई ने कहा, “मेरा भाई निर्दोष है। सांसद इकरा हसन का मामला तो पुराना हो चुका, अब इसे बहाना बनाकर पुलिस उत्पीड़न कर रही है। जमानत मिलने के बाद भी दोबारा उठाना अन्याय है।” करणी सेना के समर्थक भी इसे राजपूत समाज के खिलाफ साजिश बता रहे हैं।

कटघर थाने पर हंगामा: धरना और नारेबाजी, फोर्स तैनात

जमानत मिलने के बाद राणा के परिजन और करणी सेना के 50 से अधिक समर्थक कटघर थाने पहुंचे। दोपहर होते ही दोबारा गिरफ्तारी की खबर फैल गई, जिसके बाद गुस्साए लोग थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। “पुलिस हाय-हाय”, “राणा को रिहा करो” और “राजनीतिक साजिश बंद करो” जैसे नारे लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने थाने का घेराव करने की कोशिश की, जिसे भारी पुलिस फोर्स ने रोका। एसएसपी सतपाल अंतिल और डीआईजी स्तर के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को शांत करने की कोशिश की। पुलिस ने कहा कि धरना समाप्त न होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “पुलिस पर गंभीर आरोप हैं। वे राणा को नशे में फंसाने की कोशिश कर रहे थे। यह सब सांसद इकरा हसन के दबाव में हो रहा है।” दूसरी ओर, सपा कार्यकर्ताओं ने इसे “गुंडों पर लगाम कसने” की कार्रवाई बताया है।

पुलिस का पक्ष: सख्त कार्रवाई का भरोसा

मुरादाबाद एसएसपी सतपाल अंतिल ने बताया, “योगेंद्र सिंह राणा ने पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की, जो सहन नहीं किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जाएगी। पुराने मामले में भी उनकी तलाश जारी है।” एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह ने कहा कि राणा का शस्त्र लाइसेंस पहले ही रद्द करने की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस ने इलाके में अतिरिक्त फोर्स तैनात कर दी है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।

क्या है करणी सेना का रुख?

करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि योगेंद्र राणा का संगठन से कोई सीधा संबंध नहीं है। उन्होंने कहा, “ऐसी अभद्र टिप्पणियों का हम निंदा करते हैं। लेकिन पुलिस को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।” संगठन ने परिजनों का समर्थन किया है और राणा की रिहाई की मांग की है।

Other Latest News

Leave a Comment