Pakistan Drone Intrusions Jammu Kashmir: पाकिस्तान की नई चाल, ड्रोन से सीमा पर बढ़ी हलचल, भारत की सख्त चेतावनी

Pakistan Drone Intrusions Jammu Kashmir: पाकिस्तान फिर ड्रोन भेज रहा है! रिपब्लिक डे से पहले बढ़ा तनाव

Pakistan Drone Intrusions Jammu Kashmir: पिछले कुछ दिनों से भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव फिर बढ़ गया है। पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन भेजने की घटनाएं लगातार हो रही हैं, जिससे जम्मू-कश्मीर के बॉर्डर इलाकों में हलचल मच गई है। भारतीय सेना ने इन ड्रोनों पर फायरिंग की और पाकिस्तान को साफ चेतावनी दी है कि ऐसी हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। आखिर पाकिस्तान फिर से ड्रोन क्यों भेज रहा है? क्या ये टेरर एक्टिविटी का हिस्सा है या कुछ और मंशा? आइए जानते हैं विस्तार से।

हाल की घटनाएं, ड्रोन साइटिंग्स का सिलसिला/Pakistan Drone Intrusions Jammu Kashmir

जनवरी 2026 की शुरुआत से ही पाकिस्तान की तरफ से ड्रोनों की घुसपैठ शुरू हो गई है। 9 जनवरी से अब तक कम से कम 10-12 ड्रोनों को भारतीय सीमा में देखा गया है। ये ड्रोन ज्यादातर जम्मू-कश्मीर के पूंछ, सांबा, राजौरी और नौशेरा सेक्टरों में स्पॉट हुए हैं। उदाहरण के तौर पर, 11 जनवरी को नौशेरा सेक्टर में एक ड्रोन गांवों के ऊपर मंडराता नजर आया, जिस पर भारतीय सेना ने मध्यम और हल्की मशीन गनों से फायरिंग की। ड्रोन वापस पाकिस्तान की तरफ भाग गया।

इसी तरह, 13 जनवरी को राजौरी के डुंग गाला और थांडी कस्सी इलाकों में दो-तीन ड्रोनों को देखा गया। सेना ने तुरंत फायरिंग की, जिसके बाद ड्रोन या तो क्रैश हो गए या वापस लौट गए। 15 जनवरी की रात को पूंछ के माल्टी सेक्टर और सांबा के रामगढ़ सेक्टर में ड्रोनों की मूवमेंट देखी गई। सुरक्षा बलों ने एंटी-ड्रोन सिस्टम एक्टिवेट किया और सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन कोई पेलोड (हथियार या ड्रग्स) नहीं मिला। 16 जनवरी तक ये घटनाएं जारी हैं, और सेना हाई अलर्ट पर है। ये ड्रोन ज्यादातर छोटे साइज के हैं, लो एल्टीट्यूड पर उड़ते हैं और रात के समय आते हैं।

भारत का रिस्पॉन्स, चेतावनी और एक्शन

भारतीय आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 13 जनवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान को सख्त लहजे में चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ड्रोन इंट्रूशन्स को कंट्रोल करो, ये बर्दाश्त नहीं होगा। भारत ने DGMO लेवल पर पाकिस्तान से बात की और कहा कि ऐसी घटनाएं बंद हों। जनरल द्विवेदी ने बताया कि ये ड्रोन लाइट्स ऑन करके आते हैं और ज्यादा ऊंचाई पर नहीं उड़ते, जो रेकॉनिसेंस (जासूसी) का संकेत है। खासतौर पर आर्मी डे (15 जनवरी) और रिपब्लिक डे (26 जनवरी) के आसपास पाकिस्तान को डर रहता है कि भारत कोई एक्शन ले सकता है, इसलिए वो पहले से चेक करते हैं।

सेना ने इन घटनाओं पर तुरंत रिएक्ट किया। जहां ड्रोन स्पॉट हुए, वहां फायरिंग की गई और सर्च ऑपरेशन चलाए गए। कोई हथियार या ड्रग्स ड्रॉप नहीं मिला, लेकिन पहले की घटनाओं में ऐसा हुआ है। जैसे, 1 जनवरी को पूंछ में एक ड्रोन से IED, अम्यूनیشن और ड्रग्स ड्रॉप किए गए थे, जिन्हें सेना ने रिकवर किया। भारत की एयर डिफेंस सिस्टम्स एक्टिव हैं, और बॉर्डर पर सर्विलांस बढ़ा दिया गया है।

पाकिस्तान चाहता क्या है, जासूसी, टेरर या कुछ और?

पाकिस्तान की ये हरकतें क्यों? एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये ड्रोन रेकॉनिसेंस के लिए हैं। मतलब, भारत की रिस्पॉन्स टाइम चेक करना, रडार सिस्टम्स देखना, सेना की मूवमेंट्स ट्रैक करना और कमजोर पॉइंट्स ढूंढना। पाकिस्तान ये देखना चाहता है कि भारत किस सेक्टर में ज्यादा अलर्ट है, एयर फोर्स, आर्मी और BSF का कोऑर्डिनेशन कैसा है। ये जानकारी बाद में बड़े ऑपरेशन्स के लिए इस्तेमाल हो सकती है।

दूसरा, ये टेरर ग्रुप्स को सपोर्ट करने के लिए हो सकता है। पहले भी पाकिस्तानी ड्रोन्स से हथियार और ड्रग्स ड्रॉप किए गए हैं, जो जम्मू-कश्मीर में टेरर एक्टिविटी बढ़ाते हैं। Operation Sindoor (मई 2025) के बाद ड्रोन एक्टिविटी कम हो गई थी, जहां भारत ने पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक्स की थीं और कई ड्रोन्स को न्यूट्रलाइज किया था। लेकिन अब फिर से शुरू होना दिखाता है कि पाकिस्तान अपनी पुरानी चाल पर लौट रहा है। कुछ सोर्सेज कहते हैं कि पाकिस्तान ग्लोबल सिचुएशन (जैसे मिडल ईस्ट टेंशन्स) का फायदा उठाकर भारत के साथ टकराव चाहता है।

पाकिस्तान की तरफ से दावा है कि ये इंडियन फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन है, मतलब भारत खुद ऐसी कहानियां फैला रहा है। लेकिन इंडियन सोर्सेज इसे नकारते हैं और कहते हैं कि 600 से ज्यादा ड्रोन्स पिछले सालों में इंटरसेप्ट किए गए हैं, ज्यादातर बॉर्डर स्टेट्स में।

पिछला बैकग्राउंड, ऑपरेशन सिंदूर और सीजफायर वॉयलेशन्स

ये घटनाएं अचानक नहीं हैं। मई 2025 में pahalgam अटैक के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया, जिसमें पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक्स हुईं और कई टेरर कैंप्स तबाह हुए। उसके बाद 8 महीने रिलेटिव पीस रहा, लेकिन अब फिर से ड्रोन आ रहे हैं। सीजफायर वॉयलेशन्स भी बढ़े हैं, और ड्रोन्स को अक्सर आर्म्स ड्रॉप्स से जोड़ा जाता है। पाकिस्तान की इकोनॉमी खराब है, लेकिन वो प्रॉक्सी वॉर (टेरर ग्रुप्स के जरिए) जारी रखना चाहता है। भारत ने चाइनीज एयर डिफेंस सिस्टम्स की कमजोरी का भी जिक्र किया है, जो पाकिस्तान इस्तेमाल करता है।

निष्कर्ष

अगर ये जारी रहा तो भारत सख्त एक्शन ले सकता है। आर्मी चीफ ने कहा है कि कोई भी प्रोवोकेशन का जवाब मिलेगा। बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है, और रिपब्लिक डे के मद्देनजर अलर्ट है। पाकिस्तान की तरफ से एक्सरसाइज भी हो रही हैं, जैसे लाहौर में ड्रोन वॉरफेयर प्रैक्टिस। भारत डिप्लोमैटिक चैनल्स से बात कर रहा है, लेकिन अगर ड्रोन्स नहीं रुके तो सर्जिकल स्ट्राइक्स जैसा कुछ हो सकता है।

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