Raebareli : लेखनशाला संस्था द्वारा आयोजित वार्षिक दौड़ प्रतियोगिता रविवार को उत्साह, उमंग और खेल भावना के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुई। ग्रामीण परिवेश में आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों युवा-युवतियों ने भाग लिया और अपनी ऊर्जा का शानदार प्रदर्शन किया। मुख्य अतिथि अतुल सिंह (प्रदेश सचिव, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी ऊंचाहार) ने इसे “युवा शक्ति का उत्सव” करार देते हुए कहा कि “युवा किसी भी समाज और राष्ट्र की सबसे बड़ी पूँजी होते हैं।”
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और राष्ट्रगान के साथ हुआ। इसके बाद विभिन्न वर्गों में दौड़ प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। प्रतिभागियों ने न केवल अपनी शारीरिक क्षमता का प्रदर्शन किया, बल्कि अनुशासन और खेल भावना का भी उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया।

मुख्य अतिथि अतुल सिंह ने अपने संबोधन में कहा “आज का युवा ही कल का भारत बनाएगा। लेखनशाला जैसे संगठन ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों-युवाओं को मंच दे रहे हैं, जो अपने आप में बहुत बड़ा काम है। इस तरह के आयोजन न सिर्फ शारीरिक विकास करते हैं, बल्कि आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा की भावना भी जगाते हैं। मैं संस्था के सभी सदस्यों और आयोजकों को बधाई देता हूँ।”
विशिष्ट अतिथियों में देशराज यादव (जिला पंचायत सदस्य, राही तृतीय), सौरभ सिंह यादव (भावी जिला पंचायत सदस्य, राही तृतीय) एवं विपिन सिंह पटेल (ग्राम प्रधान, इकौना) उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने आयोजन की भव्यता और बच्चों के उत्साह की भूरि-भूरि प्रशंसा की तथा लेखनशाला के निरंतर प्रयासों को सराहा।
संस्था के संस्थापक ने कहा “लेखनशाला सिर्फ साहित्य तक सीमित नहीं है। हमारा लक्ष्य है कि गाँव-गाँव और छोटे कस्बों के बच्चे-युवा मुख्यधारा में आएँ। खेल, संस्कृति, साहित्य और व्यक्तित्व विकास – सभी क्षेत्रों में हम उनके साथ हैं।”
प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे
1600 मीटर (बालक वर्ग)
- अविनाश सिंह – प्रथम
- शनि – द्वितीय
- शुभम यादव – तृतीय
400 मीटर (बालक वर्ग)
- चंदन पटेल – प्रथम
- युवराज – द्वितीय
- रितिक – तृतीय
400 मीटर (बालिका वर्ग)
- पारुल – प्रथम
- खुशी – द्वितीय
- मांसी – तृतीय
विजेताओं को मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों के कर-कमलों द्वारा पुरस्कृत किया गया। प्रथम स्थान प्राप्त करने वालों को ट्रैक सूट, मेडल एवं प्रमाण-पत्र, द्वितीय स्थान वालों को भी ट्रैक सूट, मेडल एवं प्रमाण-पत्र तथा तृतीय स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को लोअर, टी-शर्ट, मेडल एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम के चीफ कोऑर्डिनेटर प्रदीप प्यारे ने कहा, “संघर्षों के साए में इतिहास हमारा पलता है, जिस ओर जवानी चलती है उसी ओर जमाना चलता है।” उन्होंने संस्था के आगामी खेल, साहित्यिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों की जानकारी भी दी।
आयोजन में जगन्नाथ सिंह, अजय प्रताप सिंह, राज सिंह, बृजेश पटेल, दलबहादुर यादव, विकास यादव, सुनील, अमित, लकी सिंह, शुभम, गुड्डू, निर्भय, सुरेन्द्र, अनुज सहित संस्था के सभी सदस्यों एवं स्वयंसेवकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
अंत में सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, अभिभावकों एवं आयोजक टीम को धन्यवाद देते हुए कार्यक्रम का समापन हुआ। लेखनशाला का यह प्रयास एक बार फिर साबित करता है कि ग्रामीण भारत का युवा किसी से कम नहीं, बस उसे सही मंच और प्रोत्साहन चाहिए।










