Raebareli : दिल्ली हाईकोर्ट में लगा रायबरेली जिला अस्पताल का ‘फर्जी’ मृत्यु प्रमाणपत्र, जाँच में हुआ बड़ा खुलासा

Raebareli : रायबरेली ​जन्म प्रमाणपत्रों के बाद अब रायबरेली के जिला अस्पताल से फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किए जाने का बड़ा खेल उजागर हुआ है। यह मामला तब खुला जब जिला अस्पताल से बना एक कथित फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र दिल्ली हाईकोर्ट में पेश किया गया।

हाईकोर्ट के आदेश पर खुली पोल

दिल्ली हाईकोर्ट में विनोद रावत बनाम स्टेट (मुकदमा संख्या 2236/ 2025) के मामले में यह मृत्यु प्रमाणपत्र लगाया गया था। हाईकोर्ट को आशंका हुई, जिसके बाद कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को प्रमाणपत्र का सत्यापन करने का आदेश दिया। ​दक्षिणी दिल्ली के महरौली थाने की उप निरीक्षक (एसआई) वर्षा गत शुक्रवार को स्वयं प्रमाण पत्र का सत्यापन करने के लिए रायबरेली जिला अस्पताल पहुंचीं।

जाँच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य

दिल्ली पुलिस ने जिला अस्पताल पहुंचकर सीएमएस को पत्र सौंपा और इमरजेंसी व कार्यालय के अभिलेखों की गहन जाँच की। जाँच में निम्नलिखित चौंकाने वाले तथ्य सामने आए:

  • अभिलेखों में नाम नहीं : मृतक विजय कुमार (50) का नाम अस्पताल के किसी भी अभिलेख में, यहाँ तक कि भर्ती होने के रिकॉर्ड में भी अंकित नहीं मिला।
  • अस्पताल ने नहीं किया जारी : जिला अस्पताल ने स्पष्ट किया कि संबंधित मृत्यु प्रमाणपत्र उनके यहाँ से जारी ही नहीं किया गया है।
  • ​फर्जी मुहर और हस्ताक्षर : प्रमाणपत्र पर सबसे ऊपर ‘जिला अस्पताल रायबरेली’ लिखा है, लेकिन यह अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर और जिला अस्पताल की
    फर्जी मुहर के साथ जारी किया गया है।
  • ​मृत्यु का विवरण : प्रमाणपत्र के अनुसार, यह जिले के शिवगढ़ थाना क्षेत्र के नरेथुआ गाँव निवासी विजय कुमार पुत्र शियाराम का है, जिसे पंजीयन संख्या डी-2024 : 9-90347-004023 के माध्यम से 1 नवंबर को जारी दिखाया गया है।

QR कोड पर भी मृतक का ब्योरा

​इस फर्जीवाड़े का सबसे जटिल पहलू यह है कि प्रमाणपत्र पर अंकित QR कोड को स्कैन करने पर मृतक विजय कुमार का ही विवरण प्रदर्शित हो रहा है। इससे यह सवाल खड़ा होता है कि अगर प्रमाणपत्र जिला अस्पताल ने जारी नहीं किया, तो यह इतनी सटीकता के साथ कहाँ से बनाया गया।

​सीएमएस, जिला अस्पताल, पुष्पेंद्र कुमार ने दिल्ली पुलिस को रिपोर्ट सौंपते हुए बताया: ​”जिला अस्पताल से विजय कुमार का मृत्यु प्रमाणपत्र जारी नहीं किया गया। संबंधित तारीख में उसे भर्ती करके इलाज भी नहीं किया गया। दिल्ली पुलिस को रिपोर्ट भेज दी गई है।” मृतक विजय कुमार दिल्ली में फ्लावर डेकोरेशन का काम करते थे और ग्रामीणों के अनुसार, पिछले सप्ताह उनकी मौत दिल्ली में हार्ट अटैक से हुई थी। यह मामला अब गंभीर फर्जीवाड़े की ओर इशारा कर रहा है, जिसकी आगे की जाँच दिल्ली और रायबरेली पुलिस द्वारा की जाएगी।

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