Raebareli: मिल एरिया थाना क्षेत्र के शक्ति नगर के समीप स्थित भारतीय खाद्य निगम (FCI) के गोदाम में काम करने वाले पल्लेदारों और मजदूरों ने काम से बाहर किए जाने का आरोप लगाते हुए गुरुवार को गोदाम के बाहर प्रदर्शन किया। मजदूरों का आरोप है कि उन्हें बिना किसी लिखित सूचना या नोटिस के गोदाम के अंदर प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। इसके चलते करीब 200 मजदूरों और उनके परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
गुरुवार, 3 सितंबर 2026 को करीब दोपहर एक बजे सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में बड़ी संख्या में मजदूर गोदाम के गेट के बाहर खड़े होकर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाते दिखाई दे रहे हैं। मजदूरों का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से एफसीआई गोदाम में पल्लेदारी और अन्य मजदूरी का काम करते आ रहे हैं। आरोप है कि ठेकेदार बदलने के बाद उन्हें काम से दूर कर दिया गया है।

प्रदर्शन कर रहे मजदूरों के मुताबिक 29 अगस्त से उनका काम बंद है। वे रोजाना ड्यूटी की उम्मीद में गोदाम पहुंचते हैं, लेकिन गेट पर ही रोक दिया जाता है। मजदूरों का कहना है कि न तो उन्हें कोई लिखित आदेश दिया गया और न ही यह स्पष्ट किया गया कि उन्हें काम से क्यों रोका गया है।
मजदूर प्रकाश गुप्ता ने बताया कि वह पिछले दो वर्षों से ठेके पर काम कर रहे हैं। इससे पहले भी करीब आठ वर्षों तक इसी स्थान पर मजदूरी कर चुके हैं। उनका कहना है कि पहले महीने में 10 से 15 हजार रुपये तक की कमाई हो जाती थी, लेकिन अब काम और मजदूरी घटने के कारण करीब चार से पांच हजार रुपये ही मिल पा रहे हैं। ऐसे में परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है।
वहीं मजदूर विनोद कुमार ने बताया कि वह रोजाना करीब 10 बजे ड्यूटी के लिए पहुंचते हैं और पल्लेदारी का काम करते हैं। उन्हें प्रति बोरी के हिसाब से मजदूरी मिलती है। दिनभर मेहनत करने के बाद करीब 200 से 250 रुपये की आमदनी होती है। इसी कमाई से उनके परिवार का खर्च चलता है।
मजदूरों का आरोप है कि उन्हें अंदर से और ठेकेदार की ओर से करीब छह महीने तक काम बंद रहने की बात बताई जा रही है। मजदूरों का सवाल है कि यदि इतने लंबे समय तक काम नहीं मिलेगा तो रोज कमाकर परिवार चलाने वाले लोग अपने घर का खर्च कैसे उठाएंगे।
अपनी समस्या को लेकर मजदूरों ने जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका से भी मुलाकात की। मजदूरों के अनुसार जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दो दिन के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इसके बाद मजदूरों ने दोबारा गोदाम पहुंचकर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।
मजदूरों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की जांच कराई जाए, उन्हें काम से हटाए जाने का कारण स्पष्ट किया जाए और यदि उनके साथ नियम विरुद्ध कार्रवाई हुई है तो उन्हें दोबारा काम पर लगाए जाने की व्यवस्था की जाए।
फिलहाल एफसीआई गोदाम प्रबंधन और संबंधित ठेकेदार का पक्ष सामने नहीं आया है। उनका पक्ष मिलने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है।










