Raebareli land dispute violence : उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के लालगंज थाना क्षेत्र में एक बार फिर जमीन का पुराना विवाद इतना भयानक हो गया कि लाठी-डंडे, ईंट-पत्थर और धारदार हथियार चल गए। सोमवार की देर रात हुई इस खूनी झड़प में तीन लोग बुरी तरह घायल हो गए। घायलों में एक तरफ ग्राम प्रधान के परिवार के दो लोग हैं तो दूसरी तरफ विरोधी पक्ष का एक शख्स। सभी को पहले लालगंज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने तुरंत जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
क्या है पूरा मामला

घटना लालगंज कोतवाली से कुछ ही किलोमीटर दूर सनई मजरे कुण्डवल गांव की है। गाँव में दो पक्षों के बीच कई सालों से जमीन को लेकर रंजिश चली आ रही है। एक पक्ष में गाँव के मौजूदा या पूर्व ग्राम प्रधान का परिवार है, दूसरी तरफ गुड्डू यादव और उनका पक्ष। ग्रामीण बताते हैं कि यह विवाद कम से कम 8-10 साल पुराना है। इस बीच कई बार पंचायतें हुईं, समझौते की कोशिशें हुईं, लेकिन बात बन नहीं पाई।
सोमवार की रात करीब 10-11 बजे फिर से दोनों पक्षों के लोग आपस में भिड़ गए। पहले तो गाली-गलौज और धक्का-मुक्की हुई, लेकिन देखते-देखते मामला हाथापाई तक पहुँच गया। इसके बाद लाठी-डंडे चलने लगे। फिर कुछ लोगों ने तलवार, गड़ासा जैसे धारदार हथियार भी निकाल लिए। चंद मिनटों में पूरा इलाका मारपीट के शोर और चीख-पुकार से गूँज उठा।
तीन लोग बुरी तरह घायल
मारपीट में ग्राम प्रधान पक्ष के दो लोग और विपक्षी पक्ष का एक व्यक्ति गंभीर रूप से जख्मी हो गया। घायलों के नाम इस प्रकार हैं:
- रामनरेश (45 वर्ष), ग्राम प्रधान पक्ष के
- शिवम (22 वर्ष), रामनरेश के भतीजे
- गुड्डू यादव (38 वर्ष), विपक्षी पक्ष के
रामनरेश और शिवम के सिर और शरीर पर गहरे घाव हैं, वहीं गुड्डू यादव को भी काफी चोटें आई हैं। गाँव वालों ने जैसे-तैसे किसी तरह घायलों को गाड़ी में लादकर तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लालगंज पहुँचाया। वहाँ डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार तो किया लेकिन हालत नाजुक देखकर तीनों को जिला अस्पताल रायबरेली रेफर कर दिया। मंगलवार सुबह तक तीनों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा था।
गाँव में दहशत का माहौल
घटना की खबर जैसे ही गाँव में फैली, पूरा इलाका सहम गया। दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे को देखते ही भड़क उठते हैं, इसलिए गाँव में तनाव बहुत है। महिलाएँ और बच्चे डरे हुए हैं कि कहीं फिर से मारपीट न हो जाए। कई घरों के लोग रात भर जागते रहे।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
खबर मिलते ही लालगंज थाने की फोर्स तुरंत गाँव पहुँच गई। थाना प्रभारी खुद मौके पर पहुँचे और दोनों पक्षों के लोगों से बातचीत की। पुलिस ने गाँव में अतिरिक्त फोर्स तैनात कर दी है ताकि फिर से कोई अप्रिय घटना न हो। पुलिस ने गाँव वालों से भी अपील कर रही है कि कोई भी छोटी-मोटी बात हो तो तुरंत सूचना दें।
दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ मारपीट, जान से मारने की नीयत से हमला करने और छेड़छाड़ जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की तहरीर दी है। पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों की जाँच कर रही है और जल्द ही मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
बार-बार क्यों भड़क रहा पुराना विवाद
गाँव के बुजुर्ग बताते हैं कि यह जमीन करीब एक-डेढ़ बीघा की है जिस पर दोनों पक्ष अपना-अपना हक जता रहे हैं। कागजात भी दोनों के पास हैं, लेकिन राजस्व रिकॉर्ड में अभी तक साफ नहीं हो पाया है कि असल मालिक कौन है। कई बार तहसील और कोर्ट तक बात पहुँची, लेकिन फैसला नहीं हो सका। नतीजा यह है कि हर कुछ महीने या साल में यह झगड़ा फिर से सिर उठा लेता है। पहले भी छोटी-मोटी मारपीट हो चुकी है, पर इस बार मामला बहुत गंभीर हो गया।
निष्कर्ष
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते राजस्व विभाग और पुलिस मिलकर इस विवाद को सुलझा देती तो आज यह नौबत नहीं आती। अब गाँव वाले मांग कर रहे हैं कि जल्द से जल्द निष्पक्ष जाँच हो और जमीन का असली हकदार तय हो जाए, ताकि गाँव में फिर से शांति लौट सके।










